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दो हजार किसान परिवार मांगेेंगे इच्छा मृत्यु
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2016 02:18 AM IST
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धरने पर किसान
- फोटो : अमर उजाला
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एमडीए की वादाखिलाफी से आजिज आकर तीन योजनाओं के दो हजार किसान परिवारों ने जान देने का एलान कर दिया है। रविवार को हुई अहम पंचायत में किसानों ने निर्णय लिया कि वे तीन दिन के भीतर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, चीफ जस्टिस को दो हजार पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु देने की मांग करेंगे, ताकि सभी सामूहिक रूप से अपनी जान दे सकें। साथ ही पिछले दस दिनों के भीतर हार्टअटैक से काल का ग्रास बने तीन किसानों को श्रद्धांजलि देते हुए शहीद का दर्जा दिए जाने की मांग की।
रविवार को कसेरूबक्सर गंगानगर स्थित तिलकपुरम पार्क में हुई बैठक में गंगानगर, लोहियानगर तथा वेदव्यास पुरी के काफी किसानों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एमडीए के अधिकारियों द्वारा प्रतिकर के बदले भूखंड दिए जाने के प्रस्ताव को नकारा जा रहा है। अध्यक्षता करते हुए तेजपाल सिंह ने कहा कि एमडीए अधिकारी किसानों की जान के दुश्मन बने हैं और एमडीए वीसी राज्य सरकार विरोधी है। सरकार द्वारा आदेश पर भी यह प्रतिकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
संघर्ष समिति महासचिव हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों एमडीए अधिकारियों द्वारा समझौते को नकारने पर कुछ किसान बहुत ज्यादा आहत हो गए। जिसमें पिछले दस दिनों में रजपुरा निवासी किसान विजय कौर, बक्सर निवासी रणधारा सिंह और नरेश शर्मा की मानसिक तनाव व हृदय गति रुकने से मौत हो गई।जिसके जिम्मेदार केवल एमडीए अधिकारी हैं। बैठक में किसानों ने तीनों की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। साथ ही कैंडल जलाकर मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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तीन दिनों में जाएंगी दो हजार चिट्ठी
हरविंदर सिंह के मुताबिक अगले तीन दिन के भीतर तीनों योजनाओं के लगभग दो हजार परिवार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग करेेंगे। परिवार के सभी सदस्यों के इस पर साइन होंगे।
6 जून तक सभी किसानों की इच्छा मृत्यु के प्रार्थनापत्र स्पीड पोस्ट द्वारा भेज दिए जाएंगे। बैठक में मौजूद वेदव्यासपुरी योजना से अनिल चौधरी, गजेन्द्र सिंह, जयप्रकाश लोहियानगर से सुरेन्द्र भड़ाना, रोहित गुर्जर ने एमडीए अधिकारियों को ब्रितानिया हुकूमत के अंग्रेज अफसर की संज्ञा दी। कहा कि मृतक तीनों किसानों को शहीद का दर्जा मिले और उनके परिजनों को बीस-बीस लाख रुपये की मदद दी जाए। बैठक में चमन, किरणपाल, इस्लाम, रवि राणा, अज्जू, विक्रांत, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष जागेश्वरी देवी, ऊषा और सरस्वती आदि मौजूद रहीं।
धरने पर मंत्री ने दिया था आश्वासन
किसानों ने एमडीए पर डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन जोरदार तरीके से चलाया और एमडीए कार्यालय में चूल्हे सुलगा दिए थे। ऐसे में कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर किसानों के बीच पहुंचे और इसे अपनी जिम्मेदारी बताते हुए किसानों को धरने से उठाते हुए कहा कि वे अपने घर जाएं। उनकी समस्या का समाधान करना अब उनका काम है।
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रविवार को कसेरूबक्सर गंगानगर स्थित तिलकपुरम पार्क में हुई बैठक में गंगानगर, लोहियानगर तथा वेदव्यास पुरी के काफी किसानों ने भाग लिया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि एमडीए के अधिकारियों द्वारा प्रतिकर के बदले भूखंड दिए जाने के प्रस्ताव को नकारा जा रहा है। अध्यक्षता करते हुए तेजपाल सिंह ने कहा कि एमडीए अधिकारी किसानों की जान के दुश्मन बने हैं और एमडीए वीसी राज्य सरकार विरोधी है। सरकार द्वारा आदेश पर भी यह प्रतिकर का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
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संघर्ष समिति महासचिव हरविंदर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों एमडीए अधिकारियों द्वारा समझौते को नकारने पर कुछ किसान बहुत ज्यादा आहत हो गए। जिसमें पिछले दस दिनों में रजपुरा निवासी किसान विजय कौर, बक्सर निवासी रणधारा सिंह और नरेश शर्मा की मानसिक तनाव व हृदय गति रुकने से मौत हो गई।जिसके जिम्मेदार केवल एमडीए अधिकारी हैं। बैठक में किसानों ने तीनों की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए। साथ ही कैंडल जलाकर मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
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तीन दिनों में जाएंगी दो हजार चिट्ठी
हरविंदर सिंह के मुताबिक अगले तीन दिन के भीतर तीनों योजनाओं के लगभग दो हजार परिवार राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर इच्छा मृत्यु की मांग करेेंगे। परिवार के सभी सदस्यों के इस पर साइन होंगे।
6 जून तक सभी किसानों की इच्छा मृत्यु के प्रार्थनापत्र स्पीड पोस्ट द्वारा भेज दिए जाएंगे। बैठक में मौजूद वेदव्यासपुरी योजना से अनिल चौधरी, गजेन्द्र सिंह, जयप्रकाश लोहियानगर से सुरेन्द्र भड़ाना, रोहित गुर्जर ने एमडीए अधिकारियों को ब्रितानिया हुकूमत के अंग्रेज अफसर की संज्ञा दी। कहा कि मृतक तीनों किसानों को शहीद का दर्जा मिले और उनके परिजनों को बीस-बीस लाख रुपये की मदद दी जाए। बैठक में चमन, किरणपाल, इस्लाम, रवि राणा, अज्जू, विक्रांत, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष जागेश्वरी देवी, ऊषा और सरस्वती आदि मौजूद रहीं।
धरने पर मंत्री ने दिया था आश्वासन
किसानों ने एमडीए पर डेरा डालो-घेरा डालो आंदोलन जोरदार तरीके से चलाया और एमडीए कार्यालय में चूल्हे सुलगा दिए थे। ऐसे में कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर किसानों के बीच पहुंचे और इसे अपनी जिम्मेदारी बताते हुए किसानों को धरने से उठाते हुए कहा कि वे अपने घर जाएं। उनकी समस्या का समाधान करना अब उनका काम है।