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डीएनए प्रोफाइलिंग अपराध सुलझाने का मजबूत हथियार: डॉ. राजेंद्र
Wed, 19 Nov 2025 06:05 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Wed, 19 Nov 2025 06:05 PM IST
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फोरेंसिक साइंस पर डीएन कॉलेज में हुआ व्याख्यान
डीएन कॉलेज के प्राणी विज्ञान विभाग में फोरेंसिक साइंस पर विशेष व्याख्यान
मेरठ। डीएन कॉलेज के प्राणी विज्ञान विभाग में बुधवार को फोरेंसिक साइंस पर विशेष व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता लखनऊ फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के उप निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज डीएनए प्रोफाइलिंग अपराध सुलझाने का सबसे मजबूत हथियार है।
एसोसिएटल जूलॉजिकल सोसाइटी व दयानंद गुप्ता शोधपीठ के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों व शिक्षक शामिल हुए। डॉ. राजेंद्र सिंह ने क्राइम सीन मैनेजमेंट, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, नार्कोटिक्स की पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य बरामदगी के तरीकों को समझाया।
साइबर फोरेंसिक में 10 साल पुराना डिलीट डेटा रिकवर करने की तकनीक, नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग व लाई डिटेक्टर की वैज्ञानिक सटीकता पर भी विस्तार से चर्चा की। प्राचार्य प्रो. बीएस यादव ने कहा फोरेंसिक साइंस अब न्याय की रीढ़ है। ऐसे आयोजन छात्रों को वैज्ञानिक सोच और करियर के नए रास्ते दिखाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीन कुमार ने किया। प्रो. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. दीपक कुमार, प्रो. जयंत, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनिता कौशल, डॉ. एवरेस्ट शिवाच समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
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मेरठ। डीएन कॉलेज के प्राणी विज्ञान विभाग में बुधवार को फोरेंसिक साइंस पर विशेष व्याख्यान हुआ। मुख्य वक्ता लखनऊ फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री के उप निदेशक डॉ. राजेंद्र सिंह ने कहा कि आज डीएनए प्रोफाइलिंग अपराध सुलझाने का सबसे मजबूत हथियार है।
एसोसिएटल जूलॉजिकल सोसाइटी व दयानंद गुप्ता शोधपीठ के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों व शिक्षक शामिल हुए। डॉ. राजेंद्र सिंह ने क्राइम सीन मैनेजमेंट, डीएनए फिंगरप्रिंटिंग, नार्कोटिक्स की पहचान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने साइबर फोरेंसिक और डिजिटल साक्ष्य बरामदगी के तरीकों को समझाया।
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साइबर फोरेंसिक में 10 साल पुराना डिलीट डेटा रिकवर करने की तकनीक, नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग व लाई डिटेक्टर की वैज्ञानिक सटीकता पर भी विस्तार से चर्चा की। प्राचार्य प्रो. बीएस यादव ने कहा फोरेंसिक साइंस अब न्याय की रीढ़ है। ऐसे आयोजन छात्रों को वैज्ञानिक सोच और करियर के नए रास्ते दिखाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रवीन कुमार ने किया। प्रो. हिमांशु अग्रवाल, डॉ. दीपक कुमार, प्रो. जयंत, डॉ. चंदन सिंह, डॉ. अनिता कौशल, डॉ. एवरेस्ट शिवाच समेत कई शिक्षक मौजूद रहे।
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