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डीएम के सख्त और स्पष्ट रुख से कैंट बोर्ड ने खींचे पीछे हाथ

Fri, 13 Dec 2019 02:09 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 13 Dec 2019 02:09 AM IST
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DM has strict and clear stance .. Cant board has taken steps
मेरठ। कैंट बोर्ड द्वारा प्रवेश शुल्क के नाम पर एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के मार्गों पर भी वसूली करने के मामले में डीएम अनिल ढींगरा का सख्त और स्पष्ट रुख सबसे अहम रहा। उन्होंने बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद से फोन पर वार्ता कर कैंटोंनमेंट एक्ट का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से तीनों मार्गों पर वसूली बंद करने को कहा। इसके बाद बोर्ड अपने इस निर्णय को लेकर बैकफुट पर आता नजर आया।
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कैंट बोर्ड ने 8 दिसंबर से शहर में 11 स्थानों पर प्रवेश शुल्क वसूली शुरू की थी। जिसमें रुड़की रोड पर लेखानगर के पास, मवाना रोड पर डेयरी फार्म और दिल्ली रोड पर फैज-ए-आम कालेज के सामने वसूली बूथ और बैरियर लगाए थे। जबकि इन तीनों मार्गों के रखरखाव आदि का पूरा जिम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और लोक निर्माण विभाग के पास है। इस प्रवेश शुल्क वसूली को मुद्दा बनाकर अमर उजाला ने जनहित में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए तो जिला प्रशासन हरकत में आ गया।
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एक तरफ जहां इस वसूली को लेकर आम जनता और ट्रांसपोर्टरों ने विरोध जताना शुरू किया तो कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल भी विरोध में मुखर हो गए। इस तमाम विरोध को देख जिलाधिकारी ने विधि विशेषज्ञों से रायशुमारी के साथ कैंटोनमेंट एक्ट को खंगाला। इसके बाद सबसे पहले एनएचएआई और पीडब्ल्यूडी से कैंट बोर्ड को नोटिस जारी कराया। फिर कैंट बोर्ड के सीईओ से फोन पर वार्ता की। लेकिन जब जिलाधिकारी ने देखा कि बोर्ड पर इसका कोई विशेष असर नहीं हो रहा है तो उन्होंने सीधे बोर्ड अध्यक्ष ब्रिगेडियर अनमोल सूद से फोन पर वार्ता की।
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प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार डीएम ने ब्रिगेडियर को स्पष्ट कर दिया कि इन तीनों मार्गों पर वसूली तत्काल प्रभाव से रोकना जिलाधिकारी के अधिकार में निहित है, इसलिए बेहतर होगा कि छावनी परिषद अपने स्तर से इस आदेश को होल्ड करे, नहीं तो उन्हें आदेश जारी करना पड़ेगा। सूत्रों के अनुसार जिलाधिकारी के सख्त और स्पष्ट रुख को भांपते हुए छावनी परिषद की तरफ से आपातकालीन बैठक बुलाई गई और उसमें इन तीनों मार्गों पर वसूली दो माह के लिए स्थगित करने का निर्णय हुआ।

अब आसान नहीं है वसूली
कैंट बोर्ड ने भले ही दो माह तक वसूली स्थगित कर पांच सदस्यीय कमेटी को जांच का जिम्मा सौंपा हो। लेकिन नियमों पर गौर करें तो बोर्ड के लिए रुड़की रोड, दिल्ली रोड और मवाना रोड पर वाहन प्रवेश शुल्क वसूली करना अब आसान नहीं होगा।
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