{"_id":"6963a63e054627c1380d676d","slug":"divya-jyoti-jagrati-sansthan-linked-uttarayan-festival-with-women-empowerment-meerut-news-c-14-1-mrt1002-1078300-2026-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्रह्मज्ञान से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव : साध्वी भारती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्रह्मज्ञान से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव : साध्वी भारती
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से रविवार को पानी की टंकी वाला मैदान सेक्टर चार जागृति विहार में सत्संग समागम हुआ। इस दौरान संस्थापक दिव्य आशुतोष महाराज के ब्रह्म ज्ञानी वेदपाठियों ने रुद्री पाठ का उच्चारण किया। संचालन संस्थान की शिष्या साध्वी सिद्ध योगा भारती ने किया।
साध्वी भारती ने युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद के विचारों का सार बताया। उन्होंने ईश्वर साक्षात्कार, सनातन विज्ञान और ब्रह्म ज्ञान की महिमा बताई। साध्वी ने बताया कि कैसे श्री रामकृष्ण परमहंस ने स्वामी विवेकानंद को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर ईश्वर का दर्शन कराया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
मेरठ शाखा की संयोजिका साध्वी आर्या भारती ने उत्तरायण का आध्यात्मिक अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य ईश्वर के शाश्वत नाम से जुड़ता है तो उसकी प्राणशक्ति ऊपर की ओर बढ़ती है। उन्होंने कहा कि एक ब्रह्मनिष्ठ गुरु ही मनुष्य को ईश्वर के शाश्वत नाम से जोड़ सकता है। इसलिए उत्तरायण पर्व गुरु की शरण में जाकर जीवन को सार्थक बनाने का संदेश देता है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों का भी आनंद लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान साधना और भंडारे के साथ हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेरठ। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान की ओर से रविवार को पानी की टंकी वाला मैदान सेक्टर चार जागृति विहार में सत्संग समागम हुआ। इस दौरान संस्थापक दिव्य आशुतोष महाराज के ब्रह्म ज्ञानी वेदपाठियों ने रुद्री पाठ का उच्चारण किया। संचालन संस्थान की शिष्या साध्वी सिद्ध योगा भारती ने किया।
साध्वी भारती ने युवा दिवस के उपलक्ष्य में स्वामी विवेकानंद के विचारों का सार बताया। उन्होंने ईश्वर साक्षात्कार, सनातन विज्ञान और ब्रह्म ज्ञान की महिमा बताई। साध्वी ने बताया कि कैसे श्री रामकृष्ण परमहंस ने स्वामी विवेकानंद को ब्रह्मज्ञान प्रदान कर ईश्वर का दर्शन कराया। उन्होंने कहा कि ब्रह्मज्ञान से ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन संभव है।
विज्ञापन
मेरठ शाखा की संयोजिका साध्वी आर्या भारती ने उत्तरायण का आध्यात्मिक अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि जब मनुष्य ईश्वर के शाश्वत नाम से जुड़ता है तो उसकी प्राणशक्ति ऊपर की ओर बढ़ती है। उन्होंने कहा कि एक ब्रह्मनिष्ठ गुरु ही मनुष्य को ईश्वर के शाश्वत नाम से जोड़ सकता है। इसलिए उत्तरायण पर्व गुरु की शरण में जाकर जीवन को सार्थक बनाने का संदेश देता है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने भजनों का भी आनंद लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक ध्यान साधना और भंडारे के साथ हुआ।
विज्ञापन