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एक तरफ तोड़ रहे और दूसरी तरफ बना रहे डिवाइडर
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मेरठ। दिल्ली रोड स्थित होंडा शोरूम की सामने से एनसीआरटीसी द्वारा रैपिड रेल पिलर का निर्माण शुरू कर दिया गया है। इसके लिए डिवाइडर को हटाकर सड़क के बीचोंबीच बैरिकेडिंग लगाकर खोदाई की जा रही है। वहीं, दूसरी ओर पीडब्लूडी ने परतापुर तिराहे से आगे दिल्ली की ओर डिवाइडर बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि एनसीआरटीसी को शताब्दीनगर से दुहाई तक रैपिड रेल पिलर का निर्माण करना है।
50 लाख की लागत से साढ़े तीन किलोमीटर में डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि इसे अगले कुछ दिन में तोड़ दिया जाएगा। ऐसे में धन की बर्बादी की जा रही है। इस मामले को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के संज्ञान में लाया गया। इस पर उन्होंने डीएम अनिल ढींगरा से इस प्रकरण पर संज्ञान लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पीडब्लूडी अधिकारियों का कहना है कि सात-आठ महीने के लिए सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली रोड पर डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है।
परतापुर फ्लाईओवर तक लग जाएगी बैरिकेडिंग
एनसीआरटीसी द्वारा होंडा शोरूम से परतापुर फ्लाईओवर तक डिवाइडर हटाया जा रहा है। ऐसे में परतापुर तिराहे से आगे पिलर निर्माण में सात से आठ महीने का समय नहीं लगेगा। जिससे पीडब्ल्यूडी द्वारा डिवाइडर बनाकर धन की बर्बादी की जा रही है।
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डिवाइडर का विकल्प बैरिकेडिंग
यदि दिल्ली रोड पर डिवाइडर टूट भी गया तो पीडब्ल्यूडी एवं एनसीआरटीसी अधिकारी समन्वय बना सकते हैं। इस डिवाइडर को दोबारा न बनाने के बजाय ट्रैफिक के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग लगाई जा सकती है। इससे धन की बर्बादी नहीं होती। इसमें विभागीय समन्वय की कमी साफ नजर आ रही है।
वर्जन
पीडब्ल्यूडी और एनसीआरटीसी के अधिकारियों के बीच वार्ता हो चुकी है। जिसमें उन्होंने सात-आठ महीने बाद मोहिउद्दीनपुर से परतापुर फ्लाईओवर के बीच सड़क पर काम करने की बात कही। दिल्ली रोड पर दुर्घटना न हों इसलिए चीफ इंजीनियर ने डिवाइडर निर्माण के निर्देश दिए हैं। इसके बाद करीब साढे़ तीन किलोमीटर लंबा डिवाइडर बनवाया जा रहा है। इस पर करीब 50 लाख रुपये की लागत आएगी।-अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी
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50 लाख की लागत से साढ़े तीन किलोमीटर में डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है। हालांकि इसे अगले कुछ दिन में तोड़ दिया जाएगा। ऐसे में धन की बर्बादी की जा रही है। इस मामले को प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा के संज्ञान में लाया गया। इस पर उन्होंने डीएम अनिल ढींगरा से इस प्रकरण पर संज्ञान लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, पीडब्लूडी अधिकारियों का कहना है कि सात-आठ महीने के लिए सुरक्षा के लिहाज से दिल्ली रोड पर डिवाइडर का निर्माण किया जा रहा है।
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परतापुर फ्लाईओवर तक लग जाएगी बैरिकेडिंग
एनसीआरटीसी द्वारा होंडा शोरूम से परतापुर फ्लाईओवर तक डिवाइडर हटाया जा रहा है। ऐसे में परतापुर तिराहे से आगे पिलर निर्माण में सात से आठ महीने का समय नहीं लगेगा। जिससे पीडब्ल्यूडी द्वारा डिवाइडर बनाकर धन की बर्बादी की जा रही है।
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डिवाइडर का विकल्प बैरिकेडिंग
यदि दिल्ली रोड पर डिवाइडर टूट भी गया तो पीडब्ल्यूडी एवं एनसीआरटीसी अधिकारी समन्वय बना सकते हैं। इस डिवाइडर को दोबारा न बनाने के बजाय ट्रैफिक के मद्देनजर सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग लगाई जा सकती है। इससे धन की बर्बादी नहीं होती। इसमें विभागीय समन्वय की कमी साफ नजर आ रही है।
वर्जन
पीडब्ल्यूडी और एनसीआरटीसी के अधिकारियों के बीच वार्ता हो चुकी है। जिसमें उन्होंने सात-आठ महीने बाद मोहिउद्दीनपुर से परतापुर फ्लाईओवर के बीच सड़क पर काम करने की बात कही। दिल्ली रोड पर दुर्घटना न हों इसलिए चीफ इंजीनियर ने डिवाइडर निर्माण के निर्देश दिए हैं। इसके बाद करीब साढे़ तीन किलोमीटर लंबा डिवाइडर बनवाया जा रहा है। इस पर करीब 50 लाख रुपये की लागत आएगी।-अरविंद कुमार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी