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पेट्रोल-डीजल चोरी का मामला: सेवानिृत्त कर्मी के जरिये हर माह 30 हजार रुपये लेता था डीएसओ, चौंकाने वाले खुलासे से सब हैरान

Sat, 18 Dec 2021 11:10 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर
अमर उजाला नेटवर्क, सहारनपुर Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 18 Dec 2021 11:10 AM IST
सार

डीएसओ अपने चालक के माध्यम से 30 हजार रुपये महीना लेता था। पुलिस चालक को पहले ही जेल भे चुकी है। चालक के बयान के आधार पर ही पुलिस ने डीएसओ की गिरफ्तारी की है। बीते डेढ़ साल से डीएसओ की शह पर ही तेल का खेल हो रहा था।

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District Supply Officer used to take 30 thousand rupees every month through retired personnel
मुजफ्फरनगर के डीएसओ बीके शुक्ला गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) की पाइप लाइन में सेंधमारी कर डीजल व पेट्रोल चोरी करने के मामले में एसओजी सहारनपुर ने मुजफ्फरनगर के जिला पूर्ति अधिकारी बीके शुक्ला गिरफ्तार किया है। इस मामले में कई और कर्मचारी व अधिकारियों की गर्दन फंसना तय है। 
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डीएसओ अपने चालक के माध्यम से 30 हजार रुपये महीना लेता था। पुलिस चालक को पहले ही जेल भे चुकी है। चालक के बयान के आधार पर ही पुलिस ने डीएसओ की गिरफ्तारी की है। बीते डेढ़ साल से डीएसओ की शह पर ही तेल का खेल हो रहा था।
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एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि डीएसओ के चालक श्रीराम कनौजिया को दो दिन पहले गिरफ्तार किया था, जिसनें भोपा में संचालित पेट्रोल पंप के संचालक से 30 हजार रुपये महीना लेना स्वीकार किया था। 
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इसी आधार पर पता लगा कि डीएसओ ब्रिजेश कुमार शुक्ला (बीके शुक्ला) को हर माह का पैसा दिया जाता था। करीब डेढ़ वर्ष से मुजफ्फरनगर के भोपा में पेट्रोल पंप पर चोरी का डीजल व पेट्रोल बेचा जा रहा था। 

अन्य पेट्रोल पंप से भी पैसा लेना सामने आया
पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया कि डीएसओ कई अन्य पेट्रोल पंप से भी पैसा लेता था। मिलावटी डीजल व पेट्रोल बेचने पर पैसा लिया जाता था। एसएसपी आकाश तोमर ने बताया कि आरोपी डीएसओ ने यह स्वीकार किया है।

रिटायर हो चुका है कनौजिया

पुलिस की शुरूआती जांच में सामने आया है कि इस मामले में कई अन्य सरकारी कर्मचारी व अधिकारी भी शामिल हैं। पुलिस जल्द अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार करेगी। डीएसओ का चालक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी था, जो पांच माह पहले सेवानिवृत्त हो चुका है। इसके बावजूद वह जिला पूर्ति अधिकारी की गाड़ी चलाता था। 

यह था मामला 
आईओसीएल की पाइप लाइन से डीजल व पेट्रोल चोरी करने की घटनाएं लगातार हो रही थीं। जिले में गागलहेड़ी, सरसावा और देहात कोतवाली क्षेत्र में घटनाएं हुईं। आरोपियों को पकड़ने के लिए आईओसीएल के अधिकारियों ने उत्तराखंड व यूपी के डीजीपी से मुलाकात की थी।

छह दिन पूर्व सहारनपुर एसओजी व थाना सरसावा पुलिस ने गांव कादरगढ़ के जंगल से शुभम निवासी गांव सांपली, गुरमीत उर्फ काला, अजय निवासीगण सहजवा कोतवाली रामपुर मनिहारन, संदीप निवासी बांव बोड्ढा थाना छपरौली बागपत, भूपेंद्र सिंह निवासी गांव भूरा कंडेला शामली, शुभम निवासी मोल्हड़ निवासी गांव ढाढेकी कोतवाली लक्सर हरिद्वार, उदित कुमार निवासी गांव भोपा मुजफ्फरनगर को पकड़ा था।

गैंग लीडर संदीप ने बताया कि पेट्रोलिम पदार्थ की पाइप लाइन में सेंधमारी कर एक करोड़ से एक अधिक डीजल व पेट्रोल चोरी कर चुके हैं। चोरी के तेल को वह भोपा मुजफ्फरनगर में उदित कुमार के पेट्रोल पंप पर बेचते थे। 
 
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