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Meerut News: समय से समितियों पर खाद न पहुंचने पर डीएम ने जतायी नाराजगी, ट्रांसपोर्टर बदलने के निर्देश
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मई तक 26301 मेट्रिक टन यूरिया के लक्ष्य के सापेक्ष 26753 मेट्रिक टन यूरिया की हुई आपूर्ति
पांच दिन में सभी केंद्रों पर पहुंच जाएगी 2800 मेट्रिक टन उर्वरक
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिले में उर्वरक की स्थिति को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में अधिकारी, उर्वरक कंपनी और थोक विक्रेताओं की बैठक ली। जिसमें उन्होंने जिले भर में मई माह तक यूरिया के लक्ष्य और आपूर्ति का रिकॉर्ड लिया। साथ ही खाद की बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की चेतावनी दी।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मई महीने तक जिले भर के लिए यूरिया खाद के लक्ष्य की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मई महीने तक 26301 मेट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 26753 मेट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में 8377 मेट्रिक टन यूरिया, 4012 मेट्रिक टन डीएपी और 3975 टन एनपीके उपलब्ध है। बीते तीन दिन से परतापुर रेक पॉइंट पर यूरिया की रेक लग रही है। जो इन रेकों से 2800 मेट्रिक टन उर्वरक पहुंचा है। यह समस्त उर्वरक अगले पांच दिन में सभी वितरण केंद्रों पर पहुंचाया जाएगा।
जिस पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि वर्तमान में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग का समय चल रहा है। पीसीएफ को निर्देश दिए कि वे तत्काल यूरिया पैक्स समिति, निजी क्षेत्र और गन्ना समितियों पर भेजें। पीसीएफ को किसी दूसरे ट्रांसपोर्टर का चयन करने के निर्देश दिए। क्योंकि वर्तमान ट्रांसपोर्टर के पास ट्रकों की संख्या कम है। जिसके कारण समय पर समितियों पर खाद नहीं पहुंच पाता है। जिलाधिकारी ने शून्य या पांच मेट्रिक टन से कम यूरिया वाली समितियों पर तत्काल उर्वरक भेजने को कहा।
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जिलाधिकारी ने उर्वरक कंपनियों को निर्देश दिए कि पिछले तीन साल के कुल कारोबार का दो फीसदी सीएसआर निधि के रूप में खर्च करना होगा। यह निधि जनपद में किसानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर खर्च की जाएगी। कंपनियों को एक सप्ताह के भीतर इस खर्च की योजना जिला कृषि अधिकारी को भेजना होगा।
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पांच दिन में सभी केंद्रों पर पहुंच जाएगी 2800 मेट्रिक टन उर्वरक
फोटो समाचार
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। जिले में उर्वरक की स्थिति को लेकर बुधवार को जिलाधिकारी ने विकास भवन सभागार में अधिकारी, उर्वरक कंपनी और थोक विक्रेताओं की बैठक ली। जिसमें उन्होंने जिले भर में मई माह तक यूरिया के लक्ष्य और आपूर्ति का रिकॉर्ड लिया। साथ ही खाद की बिक्री में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने की चेतावनी दी।
बैठक में जिला कृषि अधिकारी राजीव सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में मई महीने तक जिले भर के लिए यूरिया खाद के लक्ष्य की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मई महीने तक 26301 मेट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य था, जिसके सापेक्ष 26753 मेट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनपद में 8377 मेट्रिक टन यूरिया, 4012 मेट्रिक टन डीएपी और 3975 टन एनपीके उपलब्ध है। बीते तीन दिन से परतापुर रेक पॉइंट पर यूरिया की रेक लग रही है। जो इन रेकों से 2800 मेट्रिक टन उर्वरक पहुंचा है। यह समस्त उर्वरक अगले पांच दिन में सभी वितरण केंद्रों पर पहुंचाया जाएगा।
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जिस पर जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने कहा कि वर्तमान में यूरिया की टॉप ड्रेसिंग का समय चल रहा है। पीसीएफ को निर्देश दिए कि वे तत्काल यूरिया पैक्स समिति, निजी क्षेत्र और गन्ना समितियों पर भेजें। पीसीएफ को किसी दूसरे ट्रांसपोर्टर का चयन करने के निर्देश दिए। क्योंकि वर्तमान ट्रांसपोर्टर के पास ट्रकों की संख्या कम है। जिसके कारण समय पर समितियों पर खाद नहीं पहुंच पाता है। जिलाधिकारी ने शून्य या पांच मेट्रिक टन से कम यूरिया वाली समितियों पर तत्काल उर्वरक भेजने को कहा।
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जिलाधिकारी ने उर्वरक कंपनियों को निर्देश दिए कि पिछले तीन साल के कुल कारोबार का दो फीसदी सीएसआर निधि के रूप में खर्च करना होगा। यह निधि जनपद में किसानों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर खर्च की जाएगी। कंपनियों को एक सप्ताह के भीतर इस खर्च की योजना जिला कृषि अधिकारी को भेजना होगा।