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दो भाइयों में पेंशन के लिए विवाद, पिता ने सल्फास खाकर दी जान
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कंकरखेड़ा। आंबेडकर रोड पर रामनगर कॉलोनी निवासी बुजुर्ग पूर्व सैन्यकर्मी समद्रपाल (81) ने पेंशन के लिए बेटों में चल रहे विवाद से क्षुब्ध होकर जहरीला पदार्थ सल्फास खाकर जान दे दी। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि परिजनों ने अभी तहरीर नहीं दी है। तहरीर के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। सुसाइड नोट में मौत के लिए मंझले बेटे और उसकी पत्नी को जिम्मेदार ठहराया गया है।
समद्रपाल सेना और 510 वर्कशाॅप से सेवानिवृत्त थे। इसलिए उनकी दो पेंशन आती थी। पेंशन के लिए बुजुर्ग के बेटों में विवाद रहता था। उन्होंने रविवार रात सल्फास खा लिया। सोमवार सुबह वह अपने कमरे में मृत मिले। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
पुलिस के मुुताबिक, कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी निवासी समद्रपाल सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद 510 वर्कशाॅप में काम करने लगे थे। बुजुर्ग करीब 21 साल पूर्व वर्कशाॅप से भी सेवानिवृत्त हो गए थे। जिस कारण उनकी दोनों जगह से पेंशन आ रही थी। बुजुर्ग के तीन बेटे थे। बड़ा बेटा मनोज, मंझला बेटा दीपक तोमर आर्मी में है। सबसे छोटे बेटे की काफी समय पहले मौत हो गई थी। मनोज अपने पिता के साथ रहते हैं। सीओ दौराला प्रकाशचंद अग्रवाल ने अनुसार दोनों बेटे पिता की पेंशन लेना चाहते थे।
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सेना में कार्यरत मंझला बेटा लगातार पेंशन मांग रहा था। जिसके चलते दोनों भाइयों में भी विवाद रहता था। इस कारण बुजुर्ग काफी समय से परेशान थे। रविवार रात खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य अपने कमरे में चले गए थे। रात में ही बुजुर्ग ने जहरीला पदार्थ सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह परिजनों ने बुजुर्ग को आवाज लगाई। मगर कमरे से कोई जवाब नहीं आया था। जिसके बाद परिजनों ने कमरे के अंदर जाकर देखा तो बुजुर्ग अपने बिस्तर पर अचेत पड़े थे। वहीं उनके पास में जहरीले पदार्थ सल्फास की खाली शीशी पड़ी थी। उसी के पास सुसाइड नोट रखा था। परिजनों ने डायल 112 पर सूचना पर दी। पुलिस ने मौके से मिली सल्फास की शीशी और सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया।
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समद्रपाल सेना और 510 वर्कशाॅप से सेवानिवृत्त थे। इसलिए उनकी दो पेंशन आती थी। पेंशन के लिए बुजुर्ग के बेटों में विवाद रहता था। उन्होंने रविवार रात सल्फास खा लिया। सोमवार सुबह वह अपने कमरे में मृत मिले। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया। हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है।
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पुलिस के मुुताबिक, कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी निवासी समद्रपाल सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद 510 वर्कशाॅप में काम करने लगे थे। बुजुर्ग करीब 21 साल पूर्व वर्कशाॅप से भी सेवानिवृत्त हो गए थे। जिस कारण उनकी दोनों जगह से पेंशन आ रही थी। बुजुर्ग के तीन बेटे थे। बड़ा बेटा मनोज, मंझला बेटा दीपक तोमर आर्मी में है। सबसे छोटे बेटे की काफी समय पहले मौत हो गई थी। मनोज अपने पिता के साथ रहते हैं। सीओ दौराला प्रकाशचंद अग्रवाल ने अनुसार दोनों बेटे पिता की पेंशन लेना चाहते थे।
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सेना में कार्यरत मंझला बेटा लगातार पेंशन मांग रहा था। जिसके चलते दोनों भाइयों में भी विवाद रहता था। इस कारण बुजुर्ग काफी समय से परेशान थे। रविवार रात खाना खाने के बाद परिवार के सभी सदस्य अपने कमरे में चले गए थे। रात में ही बुजुर्ग ने जहरीला पदार्थ सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार सुबह परिजनों ने बुजुर्ग को आवाज लगाई। मगर कमरे से कोई जवाब नहीं आया था। जिसके बाद परिजनों ने कमरे के अंदर जाकर देखा तो बुजुर्ग अपने बिस्तर पर अचेत पड़े थे। वहीं उनके पास में जहरीले पदार्थ सल्फास की खाली शीशी पड़ी थी। उसी के पास सुसाइड नोट रखा था। परिजनों ने डायल 112 पर सूचना पर दी। पुलिस ने मौके से मिली सल्फास की शीशी और सुसाइड नोट को अपने कब्जे में ले लिया।