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आठ शहरों के लिए सीधी उड़ान की संभावना
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Mar 2017 02:16 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया की यूपी के 9 शहरों को इंटर सिटी हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने की कवायद अब परवान चढ़ती नजर आ रही है। मेरठ में हवाई उड़ान का सपना यदि पूरा हुआ तो यूपी के आठ शहरों के लिए सीधी उड़ान होगी। व्यापारियों और उद्यमियों के साथ अधिकारी वर्ग को लाभ होगा।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश के नौ शहरों मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद, बरेली, इलाहाबाद और गोरखपुर को इंटर सिटी उड़ान के तहत संभावनाएं तलाशने के लिए चयनित किया गया था। इन शहरों में घरेलू उड़ान के लिए नये हवाई अड्डों के साथ ही मौजूद हवाई पट्टी का विस्तारीकरण होना है। लेकिन इससे पहले इस हवाई उड़ान के लिए कितने यात्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे और कितने लाभ का सौदा होगा। इसका आंकलन एएआई करा रही है। जिसका करार केरल की किटको कंपनी को दिया गया है। किटको कंपनी मेरठ में उद्यमियों, व्यापारियों, अधिकारियों, बड़े व्यवसायिक कालेजों के छात्रों और शिक्षकों के साथ बात कर कहां कहां उड़ान की संभावनाएं ज्यादा होंगी और यात्री कहां के ज्यादा होंगे इस पर सर्वे कर रिपोर्ट एएआई को सौंपेगी। हालांकि पहले भी एएआई ऐसी ही एक सर्वे के आधार पर मेरठ से हवाई उड़ान को घाटे का सौदा बताकर हवाई अड्डा योजना से हाथ पीछे खींच चुकी है। लेकिन इस बार इंटर सिटी उड़ान पर फिर से संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
अभी फंसे हैं कई पेच
हवाई अड्डे के लिए अभी भी सबसे बड़ा पेच जमीन को लेकर फंसा है। 2014 से अब तक प्रदेश सरकार एएआई को जमीन खरीदकर नहीं दे पाई है। क्योंकि इस छोटी घरेलू उड़ान के लिए भी हवाई पट्टी को 330 मीटर लंबाई और 7 मीटर चौड़ाई में बढ़ाना है। इसके लिए अलग से संसाधन तैयार करने के लिए भी निर्माण होगा, जिसके लिए भी जमीन की जरूरत होगी। ऐसे में जमीन खरीद का पेच मेरठ से हवाई उड़ान के बीच सबसे बड़ा मुद्दा है।
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केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा उत्तर प्रदेश के नौ शहरों मेरठ, आगरा, कानपुर, वाराणसी, मुरादाबाद, बरेली, इलाहाबाद और गोरखपुर को इंटर सिटी उड़ान के तहत संभावनाएं तलाशने के लिए चयनित किया गया था। इन शहरों में घरेलू उड़ान के लिए नये हवाई अड्डों के साथ ही मौजूद हवाई पट्टी का विस्तारीकरण होना है। लेकिन इससे पहले इस हवाई उड़ान के लिए कितने यात्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगे और कितने लाभ का सौदा होगा। इसका आंकलन एएआई करा रही है। जिसका करार केरल की किटको कंपनी को दिया गया है। किटको कंपनी मेरठ में उद्यमियों, व्यापारियों, अधिकारियों, बड़े व्यवसायिक कालेजों के छात्रों और शिक्षकों के साथ बात कर कहां कहां उड़ान की संभावनाएं ज्यादा होंगी और यात्री कहां के ज्यादा होंगे इस पर सर्वे कर रिपोर्ट एएआई को सौंपेगी। हालांकि पहले भी एएआई ऐसी ही एक सर्वे के आधार पर मेरठ से हवाई उड़ान को घाटे का सौदा बताकर हवाई अड्डा योजना से हाथ पीछे खींच चुकी है। लेकिन इस बार इंटर सिटी उड़ान पर फिर से संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
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अभी फंसे हैं कई पेच
हवाई अड्डे के लिए अभी भी सबसे बड़ा पेच जमीन को लेकर फंसा है। 2014 से अब तक प्रदेश सरकार एएआई को जमीन खरीदकर नहीं दे पाई है। क्योंकि इस छोटी घरेलू उड़ान के लिए भी हवाई पट्टी को 330 मीटर लंबाई और 7 मीटर चौड़ाई में बढ़ाना है। इसके लिए अलग से संसाधन तैयार करने के लिए भी निर्माण होगा, जिसके लिए भी जमीन की जरूरत होगी। ऐसे में जमीन खरीद का पेच मेरठ से हवाई उड़ान के बीच सबसे बड़ा मुद्दा है।
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