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Meerut News: महारास लीला का प्रसंग सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर शिव मंदिर में नर नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास अंश वशिष्ठ ने महारास लीला का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने बताया कि जो जीव अपनी प्रत्येक इंद्रिय से भगवान के स्वरूप रस का पान करता है, वही गोपी का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि ये गोपियां पूर्व जन्म के सिद्ध मुनि, ऋषि और साधक थे। उन्होंने भगवान से कुछ भी न मांगकर केवल उनका स्वामित्व चाहा। कथा के यजमान अनिल शर्मा रहे।
मंडप आचार्य एवं व्यवस्थापक पंडित ध्रुव वशिष्ठ ने वैदिक विधि विधान से सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। कार्यक्रम में विशेष सहयोग ओम प्रकाश मखीजा, केवल खन्ना, मुकेश शर्मा, पंडित गौरव नौटियाल, पंडित शिव कुमार शर्मा, पंकज कतीरा, मनोज शर्मा रहे।
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मेरठ। शास्त्रीनगर शिव मंदिर में नर नारायण सेवा संस्थान के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन कथा व्यास अंश वशिष्ठ ने महारास लीला का भावपूर्ण प्रसंग सुनाया। इसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
कथा व्यास ने बताया कि जो जीव अपनी प्रत्येक इंद्रिय से भगवान के स्वरूप रस का पान करता है, वही गोपी का स्वरूप है। उन्होंने कहा कि ये गोपियां पूर्व जन्म के सिद्ध मुनि, ऋषि और साधक थे। उन्होंने भगवान से कुछ भी न मांगकर केवल उनका स्वामित्व चाहा। कथा के यजमान अनिल शर्मा रहे।
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मंडप आचार्य एवं व्यवस्थापक पंडित ध्रुव वशिष्ठ ने वैदिक विधि विधान से सभी धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए। कार्यक्रम में विशेष सहयोग ओम प्रकाश मखीजा, केवल खन्ना, मुकेश शर्मा, पंडित गौरव नौटियाल, पंडित शिव कुमार शर्मा, पंकज कतीरा, मनोज शर्मा रहे।
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