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Meerut News: आचार संहिता के बावजूद कर्मचारियों का पटल बदलने पर हंगामा
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मेरठ। नगर निगम में कर्मचारी संघ के चुनाव में आचार संहिता लगने के बावजूद सोमवार सुबह कर्मचारियों के पटल परिवर्तन होने को लेकर सोमवार को हंगामा हो गया। आरोप लगाया गया कि चुनाव में एक पैनल को लाभ पहुंचाने के लिए अपर नगर आयुक्त ने जानबूझकर कर्मचारियों के पटल परिवर्तन किए हैं। विरोध और हंगामे के कारण पांच घंटे में ही पटल परिवर्तन का आदेश निरस्त कर दिया गया। इस मामले में मंगलवार को भी हंगामा हो सकता है।
नगर निगम में कर्मचारी संघ का चुनाव 23 जनवरी को होना है। इसके चलते आचार संहिता लागू है। चुनाव में 382 कर्मचारी वोट डालेंगे। चुनाव में दो पैनल हैं। एक पैनल में अध्यक्ष पद पर अनीश अहमद, महामंत्री पद पर आलोक शर्मा और दूसरे पैनल में अध्यक्ष पद पर प्रमोद सैनी और महामंत्री पद के उम्मीदवार विकास कुमार हैं। चुनाव में भाजपा के बड़े नेता भी रुचि ले रहे हैं। दोनों पैनल के कर्मचारियों द्वारा प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
इसी दौरान अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय ने चार स्थाई कर्मचारी संजय रस्तोगी, हरीश पाल, बबीता और तीन अस्थाई कर्मचारी शावेज़, राहुल व शिवकुमार के पटल परिवर्तन कर दिए गए। आचार संहिता के दौरान पटल परिवर्तन पर कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। इस पर अध्यक्ष पद उम्मीदवार अनीश अहमद और महामंत्री पद के उम्मीदवार आलोक शर्मा ने आपत्ति कर दी। भाजपा पार्षद संजय सैनी ने भी नाराजगी जताई। हंगामे के चलते अपर नगर आयुक्त को आदेश निरस्त करना पड़ा।
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निरस्त आदेश पर भी अपर नगर आयुक्त ने अनीस अहमद और आलोक शर्मा की आपत्ति का जिक्र किया है। भाजपा पार्षद संजय सैनी का कहना है कि निगम के अधिकारी भी कर्मचारी संघ के एक पैनल की मदद कर रहे हैं, यह गलत है। चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए। आचार संहिता में पहले पटल परिवर्तन किए गए और फिर निरस्त किए गए, इसकी जांच होनी चाहिए।
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शावेज का फिर पटल परिवर्तन
नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारी शावेज है। पांच महीने पूर्व अनियमितता बरतने पर शावेज को तत्कालीन नगर आयुक्त डॉ अमित पाल शर्मा ने नगर निगम से एसडीएम सदर कार्यालय में संबद्ध कर दिया था। शावेज को वापस नगर निगम में लाने के लिए एक अधिकारी लगे हुए हैं। अब आचार संहिता लगने के बावजूद आउटसोर्स कर्मचारी शावेज को नगर निगम में अपर नगर आयुक्त प्रथम ममता मालवीय के कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता और भाजपा पार्षद संजय सैनी में बताया कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच होनी चाहिए।
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वर्जन
कर्मचारियों के पटल परिवर्तन हुए थे, इन्हें निरस्त कर दिया गया है। कर्मचारी संघ चुनाव से निगम अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं है। किसी भी अधिकारी की भूमिका चुनाव में मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त।
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23 जनवरी तक नगर निगम में आचार संहिता लगी है। इसके बावजूद कर्मचारियों के पटल परिवर्तन आदेश हुए हैं और निरस्त किए गए। कौन अधिकारी कर्मचारी संघ के एक पैनल को लाभ पहुंचाना चाहता है, इसकी जांच के निर्देश नगर आयुक्त को दिए गए हैं। - हरिकांत अहलूवालिया, महापौर
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नगर निगम में कर्मचारी संघ का चुनाव 23 जनवरी को होना है। इसके चलते आचार संहिता लागू है। चुनाव में 382 कर्मचारी वोट डालेंगे। चुनाव में दो पैनल हैं। एक पैनल में अध्यक्ष पद पर अनीश अहमद, महामंत्री पद पर आलोक शर्मा और दूसरे पैनल में अध्यक्ष पद पर प्रमोद सैनी और महामंत्री पद के उम्मीदवार विकास कुमार हैं। चुनाव में भाजपा के बड़े नेता भी रुचि ले रहे हैं। दोनों पैनल के कर्मचारियों द्वारा प्रचार-प्रसार कराया जा रहा है।
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इसी दौरान अपर नगर आयुक्त ममता मालवीय ने चार स्थाई कर्मचारी संजय रस्तोगी, हरीश पाल, बबीता और तीन अस्थाई कर्मचारी शावेज़, राहुल व शिवकुमार के पटल परिवर्तन कर दिए गए। आचार संहिता के दौरान पटल परिवर्तन पर कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया। इस पर अध्यक्ष पद उम्मीदवार अनीश अहमद और महामंत्री पद के उम्मीदवार आलोक शर्मा ने आपत्ति कर दी। भाजपा पार्षद संजय सैनी ने भी नाराजगी जताई। हंगामे के चलते अपर नगर आयुक्त को आदेश निरस्त करना पड़ा।
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निरस्त आदेश पर भी अपर नगर आयुक्त ने अनीस अहमद और आलोक शर्मा की आपत्ति का जिक्र किया है। भाजपा पार्षद संजय सैनी का कहना है कि निगम के अधिकारी भी कर्मचारी संघ के एक पैनल की मदद कर रहे हैं, यह गलत है। चुनाव निष्पक्ष होना चाहिए। आचार संहिता में पहले पटल परिवर्तन किए गए और फिर निरस्त किए गए, इसकी जांच होनी चाहिए।
शावेज का फिर पटल परिवर्तन
नगर निगम में आउटसोर्स कर्मचारी शावेज है। पांच महीने पूर्व अनियमितता बरतने पर शावेज को तत्कालीन नगर आयुक्त डॉ अमित पाल शर्मा ने नगर निगम से एसडीएम सदर कार्यालय में संबद्ध कर दिया था। शावेज को वापस नगर निगम में लाने के लिए एक अधिकारी लगे हुए हैं। अब आचार संहिता लगने के बावजूद आउटसोर्स कर्मचारी शावेज को नगर निगम में अपर नगर आयुक्त प्रथम ममता मालवीय के कार्यालय में संबद्ध कर दिया गया। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता और भाजपा पार्षद संजय सैनी में बताया कि मामला बेहद गंभीर है। इसकी जांच होनी चाहिए।
वर्जन
कर्मचारियों के पटल परिवर्तन हुए थे, इन्हें निरस्त कर दिया गया है। कर्मचारी संघ चुनाव से निगम अधिकारियों का कोई लेना-देना नहीं है। किसी भी अधिकारी की भूमिका चुनाव में मिलती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - सौरभ गंगवार, नगर आयुक्त।
23 जनवरी तक नगर निगम में आचार संहिता लगी है। इसके बावजूद कर्मचारियों के पटल परिवर्तन आदेश हुए हैं और निरस्त किए गए। कौन अधिकारी कर्मचारी संघ के एक पैनल को लाभ पहुंचाना चाहता है, इसकी जांच के निर्देश नगर आयुक्त को दिए गए हैं। - हरिकांत अहलूवालिया, महापौर