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तैनाती सहारनपुर में, अहम पदों का जिम्मा मुजफ्फरनगर में
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तैनाती सहारनपुर में, मुजफ्फरनगर में
संभाल रहे अहम पदों की जिम्मेदारी
सब हेड
ढाई साल रहे बीडीओ, अब डीपीओ प्रोबेशन विभाग और पीओ डूडा
क्रासर
एडीसीओ सहकारिता ने मूल विभाग में एक भी दिन काम नहीं किया
फोटो समाचार
मुजफ्फरनगर। एडीसीओ (सहायक विकास अधिकारी सहकारिता) सतीशचंद्र गौतम की तैनाती सहारनपुर में है, लेकिन अहम पदों की जिम्मेदारी वह मुजफ्फरनगर में संभाल रहे हैं। वह ढाई साल तक बघरा में बीडीओ रहे और इस समय डूडा के पीओ (परियोजना अधिकारी) और डीपीओ (जिला प्रोबेशन अधिकारी) के पद पर तैनात हैं। मूल विभाग में उन्होंने चार साल में एक भी दिन कार्य नहीं किया है।
सतीशचंद गौतम चार साल से मुजफ्फरनगर में सहकारिता विभाग से संबद्ध हैं। यह सब तब हुआ है जबकि जिले में पहले से ही एडीसीओ के चारों पद भरे हैं, उनकी मूल तैनाती वाले जिले में पद रिक्त हैं। शिकायतों के बाद बीडीओ पद से हटाए गए तो उन्हें डीपीओ का कार्यभार दे दिया। यह पद उनके मूल पद से बड़ा है। डीपीओ के साथ उन्हें डूडा के पीओ का कार्यभार भी दिया गया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। मुजफ्फरनगर के सहायक निबंधक सहकारिता रत्नाकर सिंह का कहना है कि सतीश चंद गौतम सहारनपुर में तैनात हैं, उनका वेतन भी वहीं से निकलता है। यहां वह केवल संबद्ध हैं और मेरी नियुक्ति एक साल पहले हुई है, वह उससे पहले से है। मेरे समय में उन्होंने विभाग का कोई कार्य नहीं किया है। सीडीओ संदीप भागिया ने बताया कि इस संबंध वह कुछ नहीं कह सकते। वह कुछ समय पहले ही आए है, अब इसकी पूरी जानकारी करेंगे
सहारनपुर में पद से कम है एडीसीओ
उप निबंधक सहकारिता सहारनपुर, वाईपी सिंह का कहना है कि मुजफ्फरनगर जिले में चार तहसील है और एडीसीओ के चारों पदों पर तैनाती है। सहारनपुर जिले में पदों के सापेक्ष एडीसीओ कम हैं। इस समय केवल तीन एडीसीओ कार्यरत है। नियुक्ति सहारनपुर होने के बाद वह कैसे मुजफ्फरनगर में पद खाली नहीं होने के बाद भी संबद्ध हो गए, इसकी जानकारी होने से उन्होंने इंकार किया है।
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सहारनपुर मेरा गृह जनपद,
इसलिए किया संबद्ध: गौतम
सतीश चंद्र गौतम का कहना है कि मेरी नियुक्ति मुजफ्फरनगर में है और वेतन सहारनपुर से निकलता है। सहारनपुर मेरा गृह जनपद है, इसलिए यहां संबद्ध किया गया। जो आदेश हैं, वह सब शासन के हैं। सतीश चंद्र गौतम, एडीसीओ
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तैनाती सहारनपुर में, मुजफ्फरनगर में
संभाल रहे अहम पदों की जिम्मेदारी
सब हेड
ढाई साल रहे बीडीओ, अब डीपीओ प्रोबेशन विभाग और पीओ डूडा
क्रासर
एडीसीओ सहकारिता ने मूल विभाग में एक भी दिन काम नहीं किया
फोटो समाचार
मुजफ्फरनगर। एडीसीओ (सहायक विकास अधिकारी सहकारिता) सतीशचंद्र गौतम की तैनाती सहारनपुर में है, लेकिन अहम पदों की जिम्मेदारी वह मुजफ्फरनगर में संभाल रहे हैं। वह ढाई साल तक बघरा में बीडीओ रहे और इस समय डूडा के पीओ (परियोजना अधिकारी) और डीपीओ (जिला प्रोबेशन अधिकारी) के पद पर तैनात हैं। मूल विभाग में उन्होंने चार साल में एक भी दिन कार्य नहीं किया है।
सतीशचंद गौतम चार साल से मुजफ्फरनगर में सहकारिता विभाग से संबद्ध हैं। यह सब तब हुआ है जबकि जिले में पहले से ही एडीसीओ के चारों पद भरे हैं, उनकी मूल तैनाती वाले जिले में पद रिक्त हैं। शिकायतों के बाद बीडीओ पद से हटाए गए तो उन्हें डीपीओ का कार्यभार दे दिया। यह पद उनके मूल पद से बड़ा है। डीपीओ के साथ उन्हें डूडा के पीओ का कार्यभार भी दिया गया है, जिस पर सवाल उठ रहे हैं। मुजफ्फरनगर के सहायक निबंधक सहकारिता रत्नाकर सिंह का कहना है कि सतीश चंद गौतम सहारनपुर में तैनात हैं, उनका वेतन भी वहीं से निकलता है। यहां वह केवल संबद्ध हैं और मेरी नियुक्ति एक साल पहले हुई है, वह उससे पहले से है। मेरे समय में उन्होंने विभाग का कोई कार्य नहीं किया है। सीडीओ संदीप भागिया ने बताया कि इस संबंध वह कुछ नहीं कह सकते। वह कुछ समय पहले ही आए है, अब इसकी पूरी जानकारी करेंगे
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सहारनपुर में पद से कम है एडीसीओ
उप निबंधक सहकारिता सहारनपुर, वाईपी सिंह का कहना है कि मुजफ्फरनगर जिले में चार तहसील है और एडीसीओ के चारों पदों पर तैनाती है। सहारनपुर जिले में पदों के सापेक्ष एडीसीओ कम हैं। इस समय केवल तीन एडीसीओ कार्यरत है। नियुक्ति सहारनपुर होने के बाद वह कैसे मुजफ्फरनगर में पद खाली नहीं होने के बाद भी संबद्ध हो गए, इसकी जानकारी होने से उन्होंने इंकार किया है।
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सहारनपुर मेरा गृह जनपद,
इसलिए किया संबद्ध: गौतम
सतीश चंद्र गौतम का कहना है कि मेरी नियुक्ति मुजफ्फरनगर में है और वेतन सहारनपुर से निकलता है। सहारनपुर मेरा गृह जनपद है, इसलिए यहां संबद्ध किया गया। जो आदेश हैं, वह सब शासन के हैं। सतीश चंद्र गौतम, एडीसीओ