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Meerut News: लाइसेंस न होने सजा का प्रावधान समाप्त करने की मांग
Tue, 17 Feb 2026 09:23 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 17 Feb 2026 09:23 PM IST
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खाद्य सुरक्षा और औषधि विभाग के अपर आयुक्त को समस्या गिनाते उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के पदा
व्यापारियों ने अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से मिलकर उठाई मांग
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। व्यापारी अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से मिले और कई मांगी रखीं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर सीमा को बढ़ाने, लाइसेंस न होने पर सजा का प्रावधान समाप्त करने और ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वालों के लिए नियमों को स्पष्ट करने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान 12 लाख रुपये की टर्नओवर सीमा महंगाई को देखते हुए बहुत कम है, जिसे बढ़ाकर 40 लाख रुपये वार्षिक किया जाना चाहिए। फूड एक्ट का लाइसेंस न होने पर सजा के प्रावधान को खत्म किया जाए, क्योंकि यह समस्या अनजाने में या तकनीकी खामियों से उत्पन्न हो सकती है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कर्मियों के लिए नियमों को स्पष्ट करने और उनका रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस बनवाने की भी बात कही गई है। पैकिंग में मिलावट के लिए केवल पैकिंग कंपनियों को दोषी ठहराने और सैंपलिंग के समय भुगतान न करने व फार्म-5क न भरने जैसी शिकायतों के समाधान की मांग की गई है। विजय मान समेत काफी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। व्यापारी अपर आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन से मिले और कई मांगी रखीं। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल ने रजिस्ट्रेशन के लिए टर्नओवर सीमा को बढ़ाने, लाइसेंस न होने पर सजा का प्रावधान समाप्त करने और ऑनलाइन फूड डिलीवरी करने वालों के लिए नियमों को स्पष्ट करने की मांग की।
व्यापारियों का कहना है कि वर्तमान 12 लाख रुपये की टर्नओवर सीमा महंगाई को देखते हुए बहुत कम है, जिसे बढ़ाकर 40 लाख रुपये वार्षिक किया जाना चाहिए। फूड एक्ट का लाइसेंस न होने पर सजा के प्रावधान को खत्म किया जाए, क्योंकि यह समस्या अनजाने में या तकनीकी खामियों से उत्पन्न हो सकती है। ऑनलाइन फूड डिलीवरी कर्मियों के लिए नियमों को स्पष्ट करने और उनका रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस बनवाने की भी बात कही गई है। पैकिंग में मिलावट के लिए केवल पैकिंग कंपनियों को दोषी ठहराने और सैंपलिंग के समय भुगतान न करने व फार्म-5क न भरने जैसी शिकायतों के समाधान की मांग की गई है। विजय मान समेत काफी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।
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