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Meerut News: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की मांग
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मवाना सिविल बार एसोसियेशन द्वारा राष्ट्रपति के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन देते हुए। (मवाना)
- अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए ज्ञापन दिया
संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए मवाना सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र तोमर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार राहुल मलिक को दिया। जिसमें कहा कि विगत लगभग 50 वर्षों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए अधिवक्ता निरंतर आंदोलन एवं संघर्ष करते आ रहे हैं।
मेरठ से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी लगभग 700 किलोमीटर है, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान के लाहौर स्थित हाईकोर्ट की दूरी मेरठ से लगभग 350 किलोमीटर ही है। यह स्थिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वादकारियों एवं अधिवक्ताओं के लिए अत्यंत कष्टदायक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में हाईकोर्ट की छह बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश जैसा विशाल राज्य, जिसकी जनसंख्या लगभग 25 करोड़ है, वहां केवल दो ही बेंच स्थापित हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच का अभाव होने के कारण आम नागरिकों, वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को न्याय प्राप्त करने के लिए अत्यधिक दूरी तय करनी पड़ती है जिससे समय, धन एवं श्रम की अत्यधिक हानि होती है।
जनहित एवं न्यायहित में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना अति आवश्यक एवं न्यायसंगत है। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद असलम, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, समीर त्यागी, अशोक नागर आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मवाना। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए मवाना सिविल बार एसोसिएशन अध्यक्ष राजेंद्र तोमर के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन नायब तहसीलदार राहुल मलिक को दिया। जिसमें कहा कि विगत लगभग 50 वर्षों से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना के लिए अधिवक्ता निरंतर आंदोलन एवं संघर्ष करते आ रहे हैं।
मेरठ से प्रयागराज स्थित इलाहाबाद हाईकोर्ट की दूरी लगभग 700 किलोमीटर है, जबकि पड़ोसी देश पाकिस्तान के लाहौर स्थित हाईकोर्ट की दूरी मेरठ से लगभग 350 किलोमीटर ही है। यह स्थिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वादकारियों एवं अधिवक्ताओं के लिए अत्यंत कष्टदायक एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। महाराष्ट्र जैसे राज्य में हाईकोर्ट की छह बेंच स्थापित हैं, जबकि उत्तर प्रदेश जैसा विशाल राज्य, जिसकी जनसंख्या लगभग 25 करोड़ है, वहां केवल दो ही बेंच स्थापित हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच का अभाव होने के कारण आम नागरिकों, वादकारियों एवं अधिवक्ताओं को न्याय प्राप्त करने के लिए अत्यधिक दूरी तय करनी पड़ती है जिससे समय, धन एवं श्रम की अत्यधिक हानि होती है।
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जनहित एवं न्यायहित में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना अति आवश्यक एवं न्यायसंगत है। ज्ञापन देने वालों में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मोहम्मद असलम, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार, समीर त्यागी, अशोक नागर आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
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