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एंबुलेंस में करानी पड़ी डिलीवरी, बेटी को दिया जन्म
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एंबुलेंस में करानी पड़ी डिलीवरी, बेटी को दिया जन्म
मेरठ। जानी खुर्द में गर्भवती इमराना (25) सोमवार सुबह छह बजे दर्द से तड़प रही थी। परिजनों ने 102 एंबुलेंस पर कॉल की। एंबुलेंस चालक रविंद्र और सहायक सोनू, आशा मधु के साथ उनके घर पहुंचे। इमराना को एंबुलेंस में सीएचसी ले जाते समय ही रास्ते में प्रसव हो गया। इमराना ने बेटी को जन्म दिया है।
इमराना जानी खुर्द के साबिर की पत्नी हैं। इस बच्ची से पहले उनका एक बेटा और है। एंबुलेंस सहायक सोनू कुमार ने बताया कि एंबुलेंस पर पहले लखनऊ कॉल लगती है। वहां से उन्हें लोकेशन भेजी जाती है। इसके बाद वे मौके पर पहुंचते हैं। इमराना के परिजनों ने ज्यादा दर्द होने पर कॉल किया था। वह 11 मिनट में पहुंच गए थे। इसके बाद भी उन्हें एंबुलेंस में बैठने में तीन चार मिनट और लगे। एंबुलेंस लेकर थोड़ी दूर ही चले थे कि ज्यादा दिक्कत होने लगी। बागपत रोड पर किठौली पेट्रोल पंप के पास एंबुलेंस को रोककर आशा ने प्रसव कराया। एंबुलेंस में डिलीवरी की व्यवस्था होती है। बाद में उन्हें पांचाली खुर्द सीएचसी भी ले गए, जहां महिला चिकित्सक ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताया।
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मेरठ। जानी खुर्द में गर्भवती इमराना (25) सोमवार सुबह छह बजे दर्द से तड़प रही थी। परिजनों ने 102 एंबुलेंस पर कॉल की। एंबुलेंस चालक रविंद्र और सहायक सोनू, आशा मधु के साथ उनके घर पहुंचे। इमराना को एंबुलेंस में सीएचसी ले जाते समय ही रास्ते में प्रसव हो गया। इमराना ने बेटी को जन्म दिया है।
इमराना जानी खुर्द के साबिर की पत्नी हैं। इस बच्ची से पहले उनका एक बेटा और है। एंबुलेंस सहायक सोनू कुमार ने बताया कि एंबुलेंस पर पहले लखनऊ कॉल लगती है। वहां से उन्हें लोकेशन भेजी जाती है। इसके बाद वे मौके पर पहुंचते हैं। इमराना के परिजनों ने ज्यादा दर्द होने पर कॉल किया था। वह 11 मिनट में पहुंच गए थे। इसके बाद भी उन्हें एंबुलेंस में बैठने में तीन चार मिनट और लगे। एंबुलेंस लेकर थोड़ी दूर ही चले थे कि ज्यादा दिक्कत होने लगी। बागपत रोड पर किठौली पेट्रोल पंप के पास एंबुलेंस को रोककर आशा ने प्रसव कराया। एंबुलेंस में डिलीवरी की व्यवस्था होती है। बाद में उन्हें पांचाली खुर्द सीएचसी भी ले गए, जहां महिला चिकित्सक ने जच्चा-बच्चा को स्वस्थ बताया।
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