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हस्तिनापुर में सीएचसी केंद्र पर प्रसव कराने वाली महिलाओं को जान खतरा

Sat, 05 Sep 2020 02:00 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 05 Sep 2020 02:00 AM IST
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Delivery by staff nurse and BAMS, women doctor not for one and half year
हस्तिनापुर (मेरठ)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डिलीवरी का जिम्मा स्टाफ नर्स के भरोसे ही चल रहा है। यहां पर करीब डेढ़ साल से महिला चिकित्सक नहीं हैं। वहीं डिलीवरी के दौरान कोई केस बिगड़ता है तो उसके लिए ऑपरेशन की सुविधा भी यहां नहीं है। ऐसी स्थिति में केस को मेरठ या फिर निजी अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के जच्चा-बच्चा वार्ड का हाल जानने के लिए शुक्रवार को अमर उजाला टीम ने प्रयास किया तो यहां से काफी खामियां सामने आई। पता चला कि यहां पर डेढ़ साल से डिलीवरी कराने वाली महिला चिकित्सा अधिकारी मौजूद नहीं हैं। यहां पर एक महिला चिकित्सक की तैनाती तो हुई लेकिन वह केवल कागजों तक सीमित है। उक्त महिला चिकित्सक से ड्यूटी मेरठ के अस्पताल में ली जा रही है। ऐसे में यहां होने वाली डिलीवरी सीएचसी की स्टाफ नर्स द्वारा की जा रही हैं। कई बार तो डिलीवरी में लापरवाही के कारण प्रसूताओं की जान को खतरा हो जाता है और जानकारी के अभाव में उन्हें प्राइवेट चिकित्सक के यहां रेफर कर दिया जाता है।
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हर माह होते हैं 60 से 80 प्रसव
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हर महीने औसतन 60 से 80 तक प्रसव होते हैं। अगस्त माह में यहां पर अगस्त 81 तो जुलाई में 61 प्रसव करवाए गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर वर्कलोड है, लेकिन इसके बाद भी यहां महिला चिकित्सकों की व्यवस्था नहीं की जा रही है।
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काफी समय से बंद है ऑपरेशन थियेटर
यहां पर काफी समय से ही ऑपरेशन थियेटर बंद पड़ा हुआ है। ऐसे में ऑपरेशन से होने वाले प्रसव पूरी तरह से बंद हैं। हालात यह है कि महिलाओं को मेरठ, मवाना में स्थित निजी अस्पतालों में हजारों रुपये खर्च कर प्रसव करवाना पड़ रहा है। ऑपरेशन थियेटर के बंद होने से गरीब तबके की ग्रामीण महिलाओं को भारी परेशानी हो रही है और आर्थिक स्थिति सही ना होने के कारण भगवान भरोसे ही यहां प्रसव कराना पड़ रहा है।
-मांगपत्र दे चुके कस्बे के गणमान्य लोग
नगर के व्यापारी टेकचंद पाहवा ने बताया कि वे कई बार स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मांग पत्र देकर बार-बार मांग कर चुके हैं कि कस्बे के सीएचसी पर जिस महिला चिकित्सक की तैनाती है, उसे मेरठ में किसी अस्पताल में अटैच किया गया है। उनकी तैनाती भी सीएचसी पर की जाए, लेकिन अभी तक ऐसा हुआ नहीं है।

वर्जन
एमबीबीएस महिला चिकित्सक की मांग उच्च अधिकारियों से की गई है जल्द ही तैनाती हो जाएगी।
डॉ. अंकुर त्यागी, सीएचसी प्रभारी।
वर्जन
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर में तैनात महिला चिकित्सक के मेरठ में अटैच होने का मामला संज्ञान में है। महिला चिकित्सकों की विभाग में कमी है। एमबीबीएस महिला चिकित्सक की शासन से मांग की गई है। हस्तिनापुर सीएचसी पर बीएएमएस महिला चिकित्सक डॉ. राकेश गेरा तैनात हैं। डॉक्टर के आते ही सीएचसी पर तैनात किया जाएगा।
डॉ. राजकुमार, सीएमओ मेरठ।
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