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चंद घंटों में विवेचना पूरी, मुकदमे में लगी एफआर, पुलिस बोली- विधायक के पीए के खिलाफ नहीं मिले सुबूत
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चंद घंटों में विवेचना पूरी, मुकदमे में लगी एफआर, पुलिस बोली- विधायक के पीए के खिलाफ नहीं मिले सुबूत
मेरठ/सरधना। भाजपा विधायक संगीत सोम के पीए शेखर सोम के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने चंद घटों में एफआर लगा दी। पुलिस का दावा है कि शेखर के खिलाफ कोई भी सुबूत नहीं मिले। बिजली विभाग के अवर अभियंता के खिलाफ सात तहरीर आई हैं। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। बिजली विभाग के अधिकारी भी इस मामले की जांच करें।
सीओ सरधना आरपी शाही ने बताया कि बिजली विभाग के अवर अभियंता विवेक मल्ल द्वारा विधायक संगीत सोम के पीए शेखर सोम पर कैंप कार्यालय पर मारपीट व 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाकर सरधना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना सरधना थाने के एसएसआई सुभाष सिंह को दी गई थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच की तो जेई द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार बताया। शेखर के खिलाफ कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला। जिसके चलते पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी। वहीं, पिठलोकर व मुल्हैडा के ग्रामीणों द्वारा जेई के खिलाफ सात तहरीर दी गई। इनकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। भाजपा विधायक के पीए पर दर्ज मुकदमे में चंद घंटे में एफआर लगाने को लेकर सरधना के लोगों में अलग-अलग चर्चा है। सवाल उठता है कि आखिर इस मुकदमे में एफआर लगाने में पुलिस ने जल्दबाजी क्यों की।
एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि पुलिस की प्राथमिक जांच में भाजपा विधायक के पीए के खिलाफ सुबूत नहीं मिले। अवर अभियंता ने मारपीट और पैसे मांगने का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने एफआर लगाई है। अवर अभियंता के खिलाफ भी तहरीर आई है, जिसमें पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा। सभी बिंदु पर जांच चल रही है।
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मेरठ/सरधना। भाजपा विधायक संगीत सोम के पीए शेखर सोम के खिलाफ दर्ज मुकदमे में पुलिस ने चंद घटों में एफआर लगा दी। पुलिस का दावा है कि शेखर के खिलाफ कोई भी सुबूत नहीं मिले। बिजली विभाग के अवर अभियंता के खिलाफ सात तहरीर आई हैं। जिसकी पुलिस जांच कर रही है। बिजली विभाग के अधिकारी भी इस मामले की जांच करें।
सीओ सरधना आरपी शाही ने बताया कि बिजली विभाग के अवर अभियंता विवेक मल्ल द्वारा विधायक संगीत सोम के पीए शेखर सोम पर कैंप कार्यालय पर मारपीट व 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाकर सरधना थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसकी विवेचना सरधना थाने के एसएसआई सुभाष सिंह को दी गई थी। उन्होंने पूरे मामले की जांच की तो जेई द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार बताया। शेखर के खिलाफ कोई साक्ष्य पुलिस को नहीं मिला। जिसके चलते पुलिस ने मुकदमे में एफआर लगा दी। वहीं, पिठलोकर व मुल्हैडा के ग्रामीणों द्वारा जेई के खिलाफ सात तहरीर दी गई। इनकी जांच कराई जा रही है। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। भाजपा विधायक के पीए पर दर्ज मुकदमे में चंद घंटे में एफआर लगाने को लेकर सरधना के लोगों में अलग-अलग चर्चा है। सवाल उठता है कि आखिर इस मुकदमे में एफआर लगाने में पुलिस ने जल्दबाजी क्यों की।
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एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि पुलिस की प्राथमिक जांच में भाजपा विधायक के पीए के खिलाफ सुबूत नहीं मिले। अवर अभियंता ने मारपीट और पैसे मांगने का आरोप लगाकर केस दर्ज कराया था, जिसमें पुलिस ने एफआर लगाई है। अवर अभियंता के खिलाफ भी तहरीर आई है, जिसमें पुलिस ने मुकदमा नहीं लिखा। सभी बिंदु पर जांच चल रही है।
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