मौलाना साद का फार्म हाउस किसी महल से कम नहीं... पढ़िए- अमर उजाला की ये खास रिपोर्ट
निजामुद्दीन मरकज के अमीर मौलाना साद का फार्म हाउस किसी महल से कम नहीं है।
विस्तार
तब्लीगी जमात यानी अल्लाह, कुरान और हदीस की बात दूसरों तक पहुंचाने वाला समूह, इसका सबसे बड़ा मरकज निजामुद्दीन दिल्ली और इस मरकज के अमीर मौलाना साद कांधलवी सुर्खियों में हैं। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से निकलकर देश भर में फैले जमातियों ने कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या तीन गुणा बढ़ा दी, जिससे निजामुद्दीन मरकज और वहां के अमीर मौलाना साद निशाने पर आ गए। एफआईआर हो चुकी है, दिल्ली क्राइम ब्रांच मौलाना साद को तलाश रही है। इससे कोरोना को हराने के लिए शुरू की गई मुहिम के लिए नई चुनौतियां बढ़ गई हैं। मौलाना साद के साथ कई विवाद जुड़े हैं। दारुल उलूम देवबंद के साथ उनके गहरे मतभेद हैं। इसके बावजूद उनके समर्थक भी कम नहीं हैं। हालात और जमात पर एक खास रिपोर्ट... आगे पढ़िए-
फार्म हाउस में स्वीमिंग पूल, लग्जरी गाड़ियों का भी काफिला
मौलाना साद को पुरानी चीजों के अलावा पशु पक्षियों को घर में रखने का शौक है। उनके घर में सुख-सुविधाओं की तमाम चीजें हैं। फार्म हाउस में एक स्वीमिंग पुल भी बताया जा रहा है। साद का फार्म हाउस किसी महल से कम नहीं है।
कस्बे के लोगों का कहना है कि महीने, दो महीने में जब भी मौलाना परिवार के साथ यहां आते, तीन-चार लग्जरी गाड़ियों का काफिला उनके साथ होता है। मौलाना कई साल पहले परिवार सहित दिल्ली शिफ्ट हो चुके हैं। कांधला स्थित छोटी नहर पटरी पर उनका फार्म हाउस है, इससे लगता हुआ करीब 25 बीघा बाग बगीचा है। बताया कि मौलाना के घर में एक सफेद मोर के अलावा अन्य पक्षी भी देखे गए हैं। मौलाना डेढ़ दो महीने में परिवार के साथ यहां आते रहते हैं और कभी- कभी तो दो तीन दिन तक रहते हैं।
मौलाना साद लग्जरी गाड़ियों के काफिले के साथ करीब एक माह पूर्व अपने घर पहुंचे थे। कस्बे के लोगों के अनुसार मौलना साद अपने मकान, फार्म हाउस पर दो महीने में एक बार पहुंचते हैं। दो लग्जरी गाड़ी अभी भी उनके मकान के अंदर बताई जा रही हैं।
इसलिए निशाने पर है जमात और मौलाना साद
- कोरोना पर एडवाइजरी नहीं मानी, लॉकडाउन के बावजूद निजामुद्दीन मरकज में पांच हजार लोगों का जलसा किया और वहां से देशभर में जमात निकाली। जमात में शामिल संक्रमित लोग जहां- जहां गए वहां भी संक्रमण फैला।
- मौलाना साद का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह मिलना जुलना बरकरार रखने, साथ बैठकर खाना खाने और मस्जिदों में नमाज पढ़ने को कह रहे हैं। एडवाइजरी और सामाजिक दूरी बनाए रखने को एक साजिश बता रहे हैं।
- जमात में बड़ी संख्या में विदेशी भी शामिल है। जो टूरिस्ट वीजा पर आए और धार्मिक प्रचार करने लगे। इनकी कोई सूचना पुलिस प्रशासन को नहीं दी गई और न ही स्वास्थ्य जांच कराई गई। कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन किया गया।
- जमात में शामिल पॉजिटिव व संदिग्धों को क्वारंटीन किया गया तो सहयोग नहीं किया। उल्टे उन्होंने देखभाल करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों से अभद्रता की और बेजा मांगे रखीं। हालात यहां तक पहुंचे कि सरकार को सख्ती करनी पड़ी।
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