मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे पर तेज हुआ काम, अब 30 मिनट में मेरठ से मुजफ्फरनगर का सफर
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32 किलोमीटर के डासना से मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस वे निर्माण का लक्ष्य मार्च 2019 रखा गया था, लेकिन काम पिछड़ गया। मुआवजे के शत प्रतिशत मामलों का निस्तारण न होना अहम अड़ंगा है। अब लक्ष्य जून 2020 कर दिया गया। मानसून भी सिर पर है। अछरोंडा, कांशी व सोलाना के पीछे ब्लैक 6 लेन बनकर तैयार हैं।
उधर भोजपुर में अंडरपास तैयार है और वहां सिक्स लेन बन चुका है। परतापुर तिराहे पर अंडरपास का लिंटर डालने की तैयारी है। परतापुर तिराहे व भूड़बराल रजवाहे के बीच बनने वाले आरओबी से पश्चिम में बाईपास के लिए कनेक्टिविटी के लिए गति दे दी गई है। मिट्टी के भराव का काम भी शुरू कर दिया गया। आरओबी से फोर्ड शोरूम के सामने कनेक्टिविटी दी जाएगी।
इस आरओबी से आठ इंटरचेंज होंगे। वहीं परतापुर तिराहे पर बिजली के पोल हटा दिए गए हैं। यहीं से इंटरचेंज के लिए प्वांइट चिह्नित कर कवरिंग कर दी है। एनएचएआई अफसरों की मानें तो जून 2020 से पहले कार्य में और गति आएगी। वहीं परतापुर तिराहे पर बन रहे अंडरपास का कार्य पूरा होने में दो माह और लग सकते हैं।
परतापुर तिराहे से भूड़बराल रजवाहे के बीच बनने वाले गोलचक्कर के मद्देनजर एनएचएआई ने किसानों व व्यापारियों की जमीन पर हुए निर्माण व संस्थानों के ध्वस्तीकरण के लिए 60 से अधिक मकानों, होटलों, कारखानों को चिह्नित कर लिया है। लेकिन अभी तक 50 प्रतिशत किसानों व व्यापारियों को मुआवजा नहीं दिया गया। सभी का कहना है कि मुआवजा मिलने के बाद ही कब्जा दिया जाएगा। वहीं एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि कुछ मामले विवादित रह गए हैं, जिन्हें निपटाया जा रहा है।
अब 30 मिनट में मेरठ से मुजफ्फरनगर का सफर,कमिश्नर रेलवे सेफ्टी ने दोहरीकरण को दी हरी झंडी
तीन साल से खतौली से मुजफ्फरनगर के बीच चल रहे दोहरीकरण कार्य को हरी झंडी दे दी गई। कमिश्नर रेलवे सेफ्टी शैलेष कुमार पाठक ने खतौली से मुजफ्फरनगर के बीच 120 से 140 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रायल कर रूट को फाइनल कर दिया। मंगलवार शाम सात बजे दिल्ली से जम्मू को जाने वाली शालीमार एक्सप्रेस को नए ट्रैक से गुजारा गया।
दोहरीकरण पूरा होने के बाद मेरठ से मुजफ्फरनगर तक अब 55 किलोमीटर का दोहरीकरण कार्य पूरा हो गया है। इससे सबसे ज्यादा फायदा दैनिक यात्रियों को होने जा रहा है। अब यात्री मात्र 30 मिनट में मेरठ से मुजफ्फरनगर का सफर पूरा कर सकेंगे। वहीं, इस रूट पर अब ट्रेनों की गति 110 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार के लिए भी हरी झंडी दे दी गई।
मेरठ से टपरी तक 107 किलोमीटर के दोहरीकरण कार्य को पूरा होने में अभी एक साल का समय ओर लगेगा। अगले चरण में मुजफ्फरनगर से देवबंद तक 22 किलोमीटर और देवबंद से टपरी तक 30 किलोमीटर का दोहरीकरण किया जाना है। इससे पहले मेरठ से दौराला और दौराला से खतौली तक दोहरीकरण कार्य पूरा किया गया था।
यह ट्रेनें आज भी रद्द
मेरठ-अंबाला, निजामुद्दीन-अंबाला, ऋषिकेश-दिल्ली, सहारनपुर-दिल्ली, अंबाला-मेरठ, अंबाला-निजामुद़्दीन, दिल्ली-हरिद्वार-ऋषिकेश, सहारनपुर-दिल्ली पैसेंजर ट्रेनों को 26 मई तक ही रद्द रखने का फैसला लिया गया है। रेलवे ने इन ट्रेनों को बहाल करने की कोई सूचना जारी नहीं की है।
रात में स्टेशन पहुंचे सीआरएस
सोमवार रात ही कमिश्नर रेलवे सेफ्टी शैलेष कुमार पाठक विशेष ट्रेन से सिटी स्टेशन पहुंच गए थे। उन्होंने सुबह 9 बजे से खतौली से मुजफ्फरनगर तक सबसे पहले मोटर ट्राली में बैठकर निरीक्षण किया। उनके साथ दिल्ली डिविजन के डीआरएम सुखमल चंद जैन भी मौजूद रहे। मंगलवार शाम करीब पांच बजे वह सिटी स्टेशन से विशेष ट्रेन से रवाना हो गए।