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दिल्ली-देहरादून हाईवे फिर जाम, 53 वाहन गुजरे, टोल पर जमकर नोकझोंक
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मोदीपुरम/मेरठ। दिल्ली-देहरादून हाईवे पर वीकेंड पर लगने वाला जाम यात्रियों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। रविवार को दौराला से मेरठ की ओर जाने वाले वाहनों की संख्या 53 हजार पहुंच गई। बड़ी संख्या में वाहनों पर लगे फास्टैग ब्लैक लिस्टेड थे, इसके चलते उनसे दोगुना शुल्क वसूला गया। इस पर वाहन चालक व सवारों की टोलकर्मियों से जमकर नोकझोंक हुई।
दिल्ली देहरादून हाईवे से इन दिनों पहाड़ों की वादियोें में जा रहे सैलानियों को टोल पर पसीना बहाना पड़ रहा है। वीकेंड पर यहां हाल और बुरा हो रहा है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से टोल पर दिन रात वाहनों की कतारें दिखाई देती हैं। हाईवे पर भी वाहन रेंगते नजर आते हैं। वहीं, वाहन सवार और टोलकर्मियों को अब ब्लैक लिस्टेड फास्टैग की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। रविवार को 200 से ज्यादा वाहनों के ब्लैक लिस्टेड मिले। फास्टैग से वाहन टोल पर नहीं गुजरने और टोलकर्मियों के नियमानुसार दोगुना शुल्क मांगने पर विवाद होने लगा। किसी ने दोगुना टोल टैक्स दिया तो किसी ने लेन में ही खड़े होकर अपना रिचार्ज करने के बाद अपनी गाड़ी टोल से निकाली। इसमें काफी समय लगा इसके चलते कतार में खड़े वाहन सवारों को लंबा इंतजार कर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दो लेन रिवर्स चलानी पड़ी
टोल प्लाजा पर दौराला से मोदीपुरम की और आने वाली दो लेन रिवर्स चलानी पड़ी। यातायात अधिक होने के कारण लेन को रिवर्स चलाकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया गया। टोल प्लाजा मैनेजर अनुज सोम का कहना है कि जिनके फास्टैग ब्लैक लिस्ट थे या रिचार्ज खत्म हो गए थे, उनके वाहन निकलने में देरी हुई। कुछ वाहन सवारों ने लेन में ही स्वयं रिचार्ज किया, जिसने नहीं किया उससे दोगुना शुल्क लिया गया।
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ऐसे होता है फास्टैग ब्लैक लिस्टेड
अगर कोई वाहन स्वामी या चालक फास्टैग को काफी समय तक रिचार्ज नहीं कराता तो वह ब्लैक लिस्टेड हो जाता है। इसे अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी कहा जाता है। इसके अलावा पर्याप्त बैलेंस न होने पर भी यह समस्या आती है। वहीं, अन्य कारणों से भी फास्टैग ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में टोलकर्मी दोगुना शुल्क वसूलेंगे।
यहां पर लगता है सबसे ज्यादा जाम
मोदीपुरम। दुल्हैड़ा चुंगी, हाईवे पर खड़ौली कट, खिर्वा रोड, कंकरखेडा बाईपास, मोदीपुरम चैकपोस्ट, एसडीएसएस ग्लोबल हॉस्पिटल कट, बिगबाइट होटल कट, डूंगरावली कट आदि पर जाम ज्यादा रहता है। इसके अलावा हाईवे के बीच में जो अवैध कट है, उन पर सबसे ज्यादा दुपहिया वाहन गुजरते हैं, जिस कारण से जाम भी लगता है और हादसा भी होता है।
वीकेंड और गर्मियों की छुट्टियों के कारण हाईवे पर वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा टोल शुल्क वसूलने में भी कई बार देरी होने पर टोल पर वाहनों की कतार लगती है। पुलिसकर्मियों कों हाईवे पर यातायात सुचारू रखने का निर्देश दिया गया है।
राघवेंद्र कुमार मिश्रा, एसपी यातायात
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दिल्ली देहरादून हाईवे से इन दिनों पहाड़ों की वादियोें में जा रहे सैलानियों को टोल पर पसीना बहाना पड़ रहा है। वीकेंड पर यहां हाल और बुरा हो रहा है। यात्रियों की संख्या बढ़ने से टोल पर दिन रात वाहनों की कतारें दिखाई देती हैं। हाईवे पर भी वाहन रेंगते नजर आते हैं। वहीं, वाहन सवार और टोलकर्मियों को अब ब्लैक लिस्टेड फास्टैग की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है। रविवार को 200 से ज्यादा वाहनों के ब्लैक लिस्टेड मिले। फास्टैग से वाहन टोल पर नहीं गुजरने और टोलकर्मियों के नियमानुसार दोगुना शुल्क मांगने पर विवाद होने लगा। किसी ने दोगुना टोल टैक्स दिया तो किसी ने लेन में ही खड़े होकर अपना रिचार्ज करने के बाद अपनी गाड़ी टोल से निकाली। इसमें काफी समय लगा इसके चलते कतार में खड़े वाहन सवारों को लंबा इंतजार कर परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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दो लेन रिवर्स चलानी पड़ी
टोल प्लाजा पर दौराला से मोदीपुरम की और आने वाली दो लेन रिवर्स चलानी पड़ी। यातायात अधिक होने के कारण लेन को रिवर्स चलाकर यातायात सामान्य करने का प्रयास किया गया। टोल प्लाजा मैनेजर अनुज सोम का कहना है कि जिनके फास्टैग ब्लैक लिस्ट थे या रिचार्ज खत्म हो गए थे, उनके वाहन निकलने में देरी हुई। कुछ वाहन सवारों ने लेन में ही स्वयं रिचार्ज किया, जिसने नहीं किया उससे दोगुना शुल्क लिया गया।
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ऐसे होता है फास्टैग ब्लैक लिस्टेड
अगर कोई वाहन स्वामी या चालक फास्टैग को काफी समय तक रिचार्ज नहीं कराता तो वह ब्लैक लिस्टेड हो जाता है। इसे अस्थायी रूप से निष्क्रिय भी कहा जाता है। इसके अलावा पर्याप्त बैलेंस न होने पर भी यह समस्या आती है। वहीं, अन्य कारणों से भी फास्टैग ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में टोलकर्मी दोगुना शुल्क वसूलेंगे।
यहां पर लगता है सबसे ज्यादा जाम
मोदीपुरम। दुल्हैड़ा चुंगी, हाईवे पर खड़ौली कट, खिर्वा रोड, कंकरखेडा बाईपास, मोदीपुरम चैकपोस्ट, एसडीएसएस ग्लोबल हॉस्पिटल कट, बिगबाइट होटल कट, डूंगरावली कट आदि पर जाम ज्यादा रहता है। इसके अलावा हाईवे के बीच में जो अवैध कट है, उन पर सबसे ज्यादा दुपहिया वाहन गुजरते हैं, जिस कारण से जाम भी लगता है और हादसा भी होता है।
वीकेंड और गर्मियों की छुट्टियों के कारण हाईवे पर वाहनों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इसके अलावा टोल शुल्क वसूलने में भी कई बार देरी होने पर टोल पर वाहनों की कतार लगती है। पुलिसकर्मियों कों हाईवे पर यातायात सुचारू रखने का निर्देश दिया गया है।
राघवेंद्र कुमार मिश्रा, एसपी यातायात