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उत्साह, उल्लास, उमंग के बीच आज जगमग होंगी दीपमालाएं
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उत्साह, उल्लास, उमंग के बीच आज जगमग होंगी दीपमालाएं
मेरठ। शहर में आज नयनाभिराम दृष्य सभी के हृदय को प्रफुल्लित कर देगा। उल्लास, उमंग और उत्साह के साथ घरों और व्यापारिक संस्थानों में दीप मालाएं, रंगोली सजाई जाएंगी। कारसेवकों का 500 साल पुराना सपना श्रीराम मंदिर निर्माण आज भूमिपूजन के साथ आरंभ हो जाएगा। उधर, प्रधानमंत्री अध्योध्या में भूमि पूजन करेंगे तो इधर, शहर के मंदिरों में घंटे और घड़ियाल गूंज रहे होंगे। हर तरफ बाजारों और घरों में श्रीराम चरित मानक की चौपाई गूंज रहीं होगी।
शहर के प्रमुख मंदिरों में कहीं दो दिन पूर्व तो कहीं तीन दिन पूर्व इस एतिहासिक क्षण की तैयारियों में पूजा, पाठ और भजन कीर्तन आरंभ हो गए हैं। नागर शैली में बनने वाले श्रीराम मंदिर की नींव में शहर के गगोल तीर्थ की मिट्टी के साथ सिद्धपीठ शनिदेव मंदिर और बाबा औघड़नाथ मंदिर की भी मिट्टी होगी।
शंभूदास गेट स्थित बालाजी मंदिर परिसर में मंदिर के रंगोली बनाई गई है। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि रामायण आधारित पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें सोशल मीडिया के माध्य में कथा और भजन होंगे। मंदिर में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ आरंभ हो गया है। उधर, वेस्ट एंड रोड स्थित सिद्धपीठ शनिदेव मंदिर में 25 किलो तेल की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई है। श्रीमहंत महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होने से यह ज्योति मंदिर परिसर में प्रज्ज्वलित रहेगी। इस बीच 24 घंटे का अंखड हनुमान चालिसा पाठ का भी आयोजन किया जा रहा है। उधर, गगोल तीर्थ पर दो दिन पूर्व से ही भजन कीर्तन का आयोजन शुरू हो गया है। मुख्य पुजारी शिवदास जी महाराज ने बताया कि पवित्र सरोवर के चारों तरफ दीप मालाएं जगमगाएंगी।
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मेरठ। शहर में आज नयनाभिराम दृष्य सभी के हृदय को प्रफुल्लित कर देगा। उल्लास, उमंग और उत्साह के साथ घरों और व्यापारिक संस्थानों में दीप मालाएं, रंगोली सजाई जाएंगी। कारसेवकों का 500 साल पुराना सपना श्रीराम मंदिर निर्माण आज भूमिपूजन के साथ आरंभ हो जाएगा। उधर, प्रधानमंत्री अध्योध्या में भूमि पूजन करेंगे तो इधर, शहर के मंदिरों में घंटे और घड़ियाल गूंज रहे होंगे। हर तरफ बाजारों और घरों में श्रीराम चरित मानक की चौपाई गूंज रहीं होगी।
शहर के प्रमुख मंदिरों में कहीं दो दिन पूर्व तो कहीं तीन दिन पूर्व इस एतिहासिक क्षण की तैयारियों में पूजा, पाठ और भजन कीर्तन आरंभ हो गए हैं। नागर शैली में बनने वाले श्रीराम मंदिर की नींव में शहर के गगोल तीर्थ की मिट्टी के साथ सिद्धपीठ शनिदेव मंदिर और बाबा औघड़नाथ मंदिर की भी मिट्टी होगी।
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शंभूदास गेट स्थित बालाजी मंदिर परिसर में मंदिर के रंगोली बनाई गई है। आचार्य मनीष स्वामी ने बताया कि रामायण आधारित पाठ्यक्रम की शुरुआत की गई है। इसमें सोशल मीडिया के माध्य में कथा और भजन होंगे। मंदिर में हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ आरंभ हो गया है। उधर, वेस्ट एंड रोड स्थित सिद्धपीठ शनिदेव मंदिर में 25 किलो तेल की अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की गई है। श्रीमहंत महामंडलेश्वर महेंद्र दास जी ने बताया कि मंदिर निर्माण कार्य पूर्ण होने से यह ज्योति मंदिर परिसर में प्रज्ज्वलित रहेगी। इस बीच 24 घंटे का अंखड हनुमान चालिसा पाठ का भी आयोजन किया जा रहा है। उधर, गगोल तीर्थ पर दो दिन पूर्व से ही भजन कीर्तन का आयोजन शुरू हो गया है। मुख्य पुजारी शिवदास जी महाराज ने बताया कि पवित्र सरोवर के चारों तरफ दीप मालाएं जगमगाएंगी।
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