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Meerut News: अधिवक्ता हर बुधवार न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे, कानपुर में निर्णय
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता अब प्रत्येक बुधवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। यह निर्णय कानपुर में हुए एक महासम्मेलन में लिया गया है। अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम और एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर विरोध जताया है।
कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश के 58 जिलों सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। अधिवक्ताओं ने हड़ताल न करने संबंधी हलफनामा देने का विरोध किया। उन्होंने अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की। भारतीय बार काउंसिल द्वारा एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों पर भी आपत्ति जताई गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक अधिवक्ताओं की सभी मांगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक प्रदेश में हर बुधवार न्यायिक कार्य नहीं होगा। बैठक की अध्यक्षता और संचालन राजीव यादव व विनय कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।
मेरठ में उच्च न्यायालय पीठ की मांग
मेरठ से केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा, संजय यादव और राघव शर्मा ने जानकारी दी। कानपुर सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय पीठ की मेरठ में स्थापना का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस प्रस्ताव को कार्यसूची में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि बेंच की मांग को लेकर पश्चिमी उप्र में शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय भी लगातार चलता रहेगा।
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मेरठ। उत्तर प्रदेश के अधिवक्ता अब प्रत्येक बुधवार को न्यायिक कार्यों से विरत रहेंगे। यह निर्णय कानपुर में हुए एक महासम्मेलन में लिया गया है। अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों, अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम और एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर विरोध जताया है।
कानपुर बार एसोसिएशन और दि लॉयर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय सम्मेलन आयोजित हुआ। इसमें प्रदेश के 58 जिलों सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए। अधिवक्ताओं ने हड़ताल न करने संबंधी हलफनामा देने का विरोध किया। उन्होंने अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की। भारतीय बार काउंसिल द्वारा एडवोकेट एक्ट में प्रस्तावित संशोधनों पर भी आपत्ति जताई गई। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जब तक अधिवक्ताओं की सभी मांगें स्वीकार नहीं होतीं, तब तक प्रदेश में हर बुधवार न्यायिक कार्य नहीं होगा। बैठक की अध्यक्षता और संचालन राजीव यादव व विनय कुमार मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।
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मेरठ में उच्च न्यायालय पीठ की मांग
मेरठ से केंद्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष अनुज कुमार शर्मा, संजय यादव और राघव शर्मा ने जानकारी दी। कानपुर सम्मेलन में पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उच्च न्यायालय पीठ की मेरठ में स्थापना का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस प्रस्ताव को कार्यसूची में शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि बेंच की मांग को लेकर पश्चिमी उप्र में शनिवार को न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय भी लगातार चलता रहेगा।
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