डेंगू से एक छात्र की मौत, कई की बिगड़ी हालत, बढ़ते प्रकोप से पश्चिमी यूपी में खतरा
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पश्चिमी यूपी में डेंगू का वार जारी है। जहां यूपी के बिजनौर जनपद में एक छात्र की मौत हो गई है तो वहीं दो लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। मेरठ में एक मरीज को डेंगू की पुष्टि हुई है। यह मरीज सरधना निवासी नाजिम (47) हैं। वह डेयरी पर मजदूरी करते हैं। उन्हें 10 दिन से बुखार है। वह जिला अस्पताल में भर्ती हैं। शनिवार को इनका ब्लड सैंपल लिया गया था, जिसकी जांच रिपोर्ट सोमवार को आई है, जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई है।
इस सीजन में अब तक मेरठ में पांच मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इनमें मेरठ का यह तीसरा मरीज है। बाकी दो मरीज बागपत और बुलंदशहर निवासी हैं। पिछले साल मेरठ में डेंगू के 660 मरीज मिले थे, जबकि 2016 में 183 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हुई थी। इसके अलावा 2016 में चिकनगुनिया के भी 1105 मरीज मिले थे। कूलर और पात्रों में पानी भरा रहने के कारण डेंगू का खतरा बढ़ा हुआ है।
सीएमओ डॉ. राजकुमार का कहना है कि मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी लैब और जिला चिकित्सालय की लैब में जांच के बाद ही आधिकारिक तौर से डेंगू की पुष्टि मानी जाती है। निजी लैब में पुष्टि होने पर भी इन्हीं लैब में पूरी तरह से पुष्टि करने के लिए सैंपल भेजे जाते हैं। उन्होंने बताया कि सिर्फ प्लेटलेट्स गिरने पर यह नहीं समझें कि डेंगू हैं। सामान्य बुखार भी हो सकता है। जांच कराने के बाद ही सही तरीके से पता चलता है कि डेंगू है या नहीं।
डेंगू से छात्र की दिल्ली के अस्पताल में मौत
बिजनौर में बढ़ापुर के एक स्कूल में पढ़ने वाले ग्राम मुकंदपुर राजमल के एक छात्र की दिल्ली में डेंगू के उपचार के दौरान मौत हो गई। मृतक छात्र अपने घर में इकलौता पुत्र होने पर पूरा गांव गमजदा है।
गांव मुकंदपुर राजमल निवासी सुरेंद्र सिंह का पुत्र14 साल का पुत्र निपेंद्र कुमार बढ़ापुर के समीप बासोवाला स्थित एसएस बाजवा स्कूल में कक्षा सात का छात्र था। परिजनों के अनुसार एक सप्ताह पूर्व निपेंद्र को बुखार होने की दशा में बढ़ापुर के एक निजी चिकित्सक को दिखाया गया। दवाई से लाभ न होने और पूरी रात बुखार बने रहने की दशा में परिजन बालक को उपचार के लिए बिजनौर ले गए। दो अलग-अलग चिकित्सकों ने बालक का उपचार किया। हालत में सुधार नही होने पर उसको मेरठ व मुरादाबाद और बाद में दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया वहां निपेंद्र को डेगूं पाया गया। डेंगू से पीड़ित बालक की उपचार के दौरान दिल्ली में मौत हो गई। मृतक बालक का शव देर रात दिल्ली से गांव आने पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मृतक निपेंद्र घर में तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी असामयिक मौत को लेकर बालक के परिजनों का रोते-रोते बुरा हाल है। स्कूल के होनहार छात्र की मौत का पता चलने पर एसएस बाजवा स्कूल में शोक सभा कर दो मिनट का मौन रखा गया। स्कूल के प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह तेवतिया व कक्षा अध्यापिका रूपम रस्तौगी ने मृतक छात्र के घर जाकर बिलखते परिजनों का ढांढ़स बंधाया। घर के इकलौते पुत्र की असामयिक मौत पर गांव में भी मातम सा छाया है।
डेंगू से विद्युत निगम के जेई की हालत बिगड़ी
यूपी के सहारनपुर जिले में डेंगू बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। सोमवार को डेंगू से विद्युत निगम के एक जेई की हालत बिगड़ गई, जिसे निजी चिकित्सक के यहां से हायर सेंटर रेफर किया गया। पैथोलॉजी में कराई जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। दो दिन पूर्व बुखार से एक छात्र की मौत हो गई थी।
अंबाला रोड पर दर्पण सिनेमा के निकट रहने वाले विद्युत निगम के जेई चिलकाना में तैनात हैं। जेई को पिछले चार दिन से बुखार आ रहा था। बताया जाता है कि उसने बाजोरिया रोड स्थित दो निजी चिकित्सकों के यहां उपचार कराया, लेकिन आराम नहीं हुआ। जेई के परिजन सोमवार की शाम रंजीत नगर स्थित वरिष्ठ फिजीशियन डा. संजीव मिगलानी के यहां इलाज कराने पहुंचे। हालत गंभीर देखते हुए डा. संजीव मिगलानी ने देहरादून रोड स्थित त्यागी पैथोलॉजी से जेई के टेस्ट कराए तो डेंगू की पुष्टि हुई। डा. संजीव मिगलानी ने बताया कि डेंगू के कारण जेई की लीवर और किडनी में भी भयंकर संक्रमण हो चुका है। हालत गंभीर देखते हुए जेई को रेफर कर दिया गया है। बता दें कि दो दिन पूर्व जिला हरदोई निवासी 17 वर्षीय फरहान की बुखार से मौत हो गई थी। वह देवबंद के दारूल उलूम वक्फ का छात्र था। फरहान को भी डेंगू होने की बात सामने आई थी।
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