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दहशत : सूरजकुंड पर आते रहे शव, जलती रहीं चिताएं, डर से फूल चुनने भी नहीं पहुंच रहे परिजन

Tue, 20 Apr 2021 11:46 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 20 Apr 2021 11:46 AM IST
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Dead bodies kept burning on Surajkund, relatives not even reaching for collecting flowers due to fear of Corona
covid-19 death in meerut - फोटो : amar ujala

मेरठ में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ रहा है। मरीजों की मौतें भी बढ़ रही हैं। ऐसे हालात के बीच सूरजकुंड श्मशान घाट पर सोमवार को सुबह से ही शव आते रहे, चिताएं जलती रहीं। रात साढ़े नौ बजे तक 27 शवों का अंतिम संस्कार हुआ। इनमें 16 शवों का कोविड प्रॉटोकाल के तहत संस्कार किया गया। प्लेटफार्म न मिलने पर कुछ शवों का संस्कार जमीन पर ही किया गया। वहीं, दक्षिणा के मामले में आचार्यों की मनमानी जारी रही।

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सूरजकुंड श्मशान में गंगा मोटर कमेटी संचालित है। मुख्य द्वार पर संस्था के कर्मचारी का कमरा है, लेकिन आचार्य उसे पास तक नहीं आने देते। सूरजकुंड पर सोमवार को दोपहर 12 बजे तक सभी 42 प्लेटफार्म फुल थे।
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आचार्यों द्वारा नियुक्त एक प्रतिनिधि ने खुद ही रजिस्टर में एंट्री की। क्रिया होने के बाद किसी से 1600 तो किसी से 1500 रुपये लिए गए। हर 15 से 20 मिनट के अंतराल में एंबुलेंस का सायरन गूंजता रहा। रोहटा रोड निवासी सैन्य अधिकारी की मां का भी यहां संस्कार हुआ।

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केस एक : कम दक्षिणा पर संस्कार न करने की दी चेतावनी
जेल चुंगी से आए अमित और नरेंद्र बंसल ने सुधीर कुमार का संस्कार कराया। अमित ने बताया कि रमन शर्मा नाम के आचार्य ने उनसे 1650 रुपये लिए हैं। कम दक्षिणा देने पर संस्कार न करने की चेतावनी दी।

केस दो : समय पर उचित इलाज न मिलने पर गई जान
दिल्ली से आए मुकेश कश्यप ने बताया कि खुर्जा में उनके रिश्तेदार खेमचंद का इलाज चल रहा था। दिल्ली और नोएडा गए, लेकिन किसी भी अस्पताल में जगह नहीं मिली। फिर उन्हें यहां मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया। रविवार रात उनकी मौत हो गई। समय पर उचित इलाज नहीं मिला। दो हजार रुपये दक्षिणा में लिए गए। कई घंटे इंतजार के बाद जमीन पर शव का अंतिम संस्कार किया गया।

केस तीन : मंदिर के पुजारी से भी अवैध वसूली
आनंदपुरी निवासी पंडित सुमित मोहन रिश्तेदार कमला के संस्कार के लिए पहुंचे। यहां आचार्यों ने उनसे भी दक्षिणा के रूप में एक हजार रुपये लिए गए। पुजारी ने 500 रुपये दक्षिणा के आदेश का हवाला दिया, मगर उनकी सुनी नहीं गई।

श्मशान घाटों का विस्तार करेगा नगर निगम
नगर निगम द्वारा सूरजकुंड श्मशान में प्लेटफार्म निर्माण का कार्य सोमवार को शुरू हो गया। गंगा मोटर कमेटी के मंत्री दिनेश चंद्र जैन ने बताया कि अभी छह प्लेटफार्म बन रहे हैं। यहां की व्यवस्थाओं के लिए आचार्यों ने नगर आयुक्त से तीन दिन का समय मांगा था।

मंगलवार को आचार्यों द्वारा जो जवाब दिया जाएगा, उसके अनुरूप आगे का प्लान तय होगा। वहीं, शताब्दीनगर और अब्दुल्लापुर शमशान घाट का विस्तार होगा। मंगलवार को इन घाटों की सफाई कराकर इन्हें तैयार कराया जाएगा। इससे सूरजकुंड पर होने वाली भीड़ कम हो सकेगी।

डर से फूल चुनने नहीं पहुंच रहे परिजन
वहीं आलम यह है कि कोरोना से होने वाली मौतों के बाद मृतकों के परिजनों इस कदर खौफ तारी है कि वे अपने प्रियजनों के फूल चुनने भी नहीं पहुंच रहे हैं।  बता दें कि व्यक्ति की मृत्यु के बाद जिस समय अंतिम संस्कार होता है, उसके तीसरे दिन फूल चुने जाते हैं लेकिन कोरोना की दहशत के कारण लोग अपने कदम पीछे खींच रहे हैं।
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