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बेटी ही बनती है बुढ़ापे का सहारा: स्मृति ईरानी
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दूसरे दिन नारी तू नारायणी.. आशा बहनों के लिए हुआ कार्यक्रम
मेरठ महोत्सव में आंबेडकर चौराहा से विक्टोरिया तक जगमगाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ महोत्सव के दूसरे दिन ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम के साथ मुख्य मंच पर आयोजन आरंभ हुए। पूर्व केबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने भारत माता जयघोष के साथ बेटी ही बुढ़ापे का सहारा बनती है। बैंक सखी, विद्युत सखी की प्रतिभा जग जाहिर है। मेरठ की लक्ष्मी ग्रुप पॉलीहाउस चलाने वाली नंदनी का उदाहरण देते हुए बताया कि उनका ग्रुप 25 लाख रुपये सालाना कमा रहा है। उम्र कुछ भी हो अगर लक्ष्य तय कर लिया तो उसे पूरा करो। मेरठ ने 70 साल से अधिक उम्र वालों 12 हजार लोगों के आयुषमान कार्ड बनवाए हैं।
राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ महोत्सव सामाजिक सांस्कृतिक कुंभ है। शहर की संपूर्ण संस्कृति देखने को मिल रही है। एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत 75 जिलों के उद्यमियों के द्वारा स्टाल लगाए गए हैं। मेरठ अगले वर्ष तक 15 हजार लखपति दीदी बनाएंगे। कार्यक्रम में काफी संख्या में आशा कार्यकर्ता और स्कूली बच्चे पहुंचे। आंगनबाड़ी निदा को स्मृति ईरानी ने शॉल भेंट किया। फूड स्टॉल पर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। विक्टोरिया पार्क में तीन अलग-अलग स्टेज पर विभिन्न सांस्कृति, साहित्यिक, देशभक्ति और बच्चों के कार्यक्रम हुए।
संयुक्त राष्ट्र महिला भारत की उप प्रतिनिधि कांता सिंह ने कहा कि लड़का हो या लड़की कोई फर्क नहीं पड़ता है। हर पिता को पुत्र चाहिए यह गलत विचार है। दो बच्चों से ज्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए। पोषण विशेषज्ञ रितुजा दिवाकर ने माता-पिता और सास-ससुर सभी की सेवा बेटी ही करती है। कार्यक्रम का संचालन जेएनयू की प्रोफेसर संघ मित्राशली ने किया। सीडीओ नुपुर गोयल ने सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में सीएमओ अशोक कटारिया भी मौजूद रहे। शहर के आठ आभूषण विक्रेताओं ने शहर के स्वर्ण आभूषणों को प्रदर्शित किया। सुंधाशु महाराज ने भी रुद्राक्ष आदि का स्टॉल लगाया।
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गुजरात के लोक गीतों के बीच हुआ गरबा
संगीता चटर्जी ने कथक डांस कर किया मंत्रमुग्ध
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सांकृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ शमीम ग्रुप ने कथपुतली डांस के साथ किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं की भूमिका विषय पैर इस बीच परिचर्चा हुई जिसमें महिलाओं ने सुझाव दिए। संगीता चटर्जी ने तीन ताल पर कथक नृत्य किया।
गुजरात गौरव पुरस्कार से सम्मानित रामभाई की टीम ने गुजराती लोकगीतों सुंदर गरबा की प्रस्तुति दी। बच्चे और बड़े सभी ने म्यूजिक के गरबा का आनंद लिया। दिव्यांशी श्रीवास्तव ने संतूर पर सुंदर रागों की प्रस्तुति से सभी का मनमोह लिया। मोहिनीअट्टम नृत्य से पूर्व जयप्रभा मेनन ने बताया कि यह केरल का एकल शास्त्रीय नृत्य का रूप है। मोहिनीअट्टम का नाम भगवान विष्णु के स्त्री रूप मोहिनी शब्द से लिया गया है। इस शब्द का अर्थ होता है मोहिनी का नृत्य। दिन के कार्यक्रमों में अतिम लाइव प्रस्तुति विपिन हेरा के द्वारा दी गई।
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छात्रों की सुंदर प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। फूड कोर्ट में विशाल स्टेज में ब्रह्मपुरी चावली देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के छात्रों ने सुंदर प्रस्तुति दी। देश-भक्ति गीत पर उच्च प्राथमिक विद्यालय कृष्णापुरी के बच्चों ने सुंदर प्रस्तुति दी। आर्यन स्कूल के बच्चों ने योग कर उससे होने वाले लाभ के विषय में लोगों को जागरूक किया।
आरजी इंटर कॉलेज की छात्राओं सलोनी, रीना, अधीरा, लवी, मनीषा, गरिमा और गुंजन ने नृत्य के माध्यम से 1960 से 2021 तक बदलते हुए बॉलीवुड को प्रस्तुत किया। दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने वैदिक संस्कृति में माता-पिता और गुरुजनों की सेवा का महत्व बताया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पेपला के बच्चों ने ग्रुप नृत्य किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय सरूरपुर के बच्चों ने मंगल पांडेय के जीवन और 1857 की क्रांति में मेरठ के 85 सैनिकों की भूमिका को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया। सत्यकाम के बच्चों ने संविधान के विषय में बताया।
सोशल मीडिया की लत है खराब
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के द्वारा फूड कोर्ट मंच पर प्रेरणादायी नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से स्वयं सेवकों ने नशा और सोशल मीडिया की लत को छुड़ाने का प्रयास किया। सोशल मीडिया की कमियों को बताया। साध्वी प्रपूर्णा भारती ने सोशल मीडिया के सही उपयोग भी बताए। सोशल मीडिया को सकारात्मक और नियंत्रित रूप से अपनाना जरूरी है।
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मेरठ महोत्सव में आंबेडकर चौराहा से विक्टोरिया तक जगमगाया
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मेरठ महोत्सव के दूसरे दिन ‘नारी तू नारायणी’ कार्यक्रम के साथ मुख्य मंच पर आयोजन आरंभ हुए। पूर्व केबिनेट मंत्री स्मृति ईरानी ने भारत माता जयघोष के साथ बेटी ही बुढ़ापे का सहारा बनती है। बैंक सखी, विद्युत सखी की प्रतिभा जग जाहिर है। मेरठ की लक्ष्मी ग्रुप पॉलीहाउस चलाने वाली नंदनी का उदाहरण देते हुए बताया कि उनका ग्रुप 25 लाख रुपये सालाना कमा रहा है। उम्र कुछ भी हो अगर लक्ष्य तय कर लिया तो उसे पूरा करो। मेरठ ने 70 साल से अधिक उम्र वालों 12 हजार लोगों के आयुषमान कार्ड बनवाए हैं।
राज्यसभा सदस्य लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मेरठ महोत्सव सामाजिक सांस्कृतिक कुंभ है। शहर की संपूर्ण संस्कृति देखने को मिल रही है। एक जिला एक उत्पाद के अंतर्गत 75 जिलों के उद्यमियों के द्वारा स्टाल लगाए गए हैं। मेरठ अगले वर्ष तक 15 हजार लखपति दीदी बनाएंगे। कार्यक्रम में काफी संख्या में आशा कार्यकर्ता और स्कूली बच्चे पहुंचे। आंगनबाड़ी निदा को स्मृति ईरानी ने शॉल भेंट किया। फूड स्टॉल पर स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लिया। विक्टोरिया पार्क में तीन अलग-अलग स्टेज पर विभिन्न सांस्कृति, साहित्यिक, देशभक्ति और बच्चों के कार्यक्रम हुए।
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संयुक्त राष्ट्र महिला भारत की उप प्रतिनिधि कांता सिंह ने कहा कि लड़का हो या लड़की कोई फर्क नहीं पड़ता है। हर पिता को पुत्र चाहिए यह गलत विचार है। दो बच्चों से ज्यादा बच्चे नहीं होने चाहिए। पोषण विशेषज्ञ रितुजा दिवाकर ने माता-पिता और सास-ससुर सभी की सेवा बेटी ही करती है। कार्यक्रम का संचालन जेएनयू की प्रोफेसर संघ मित्राशली ने किया। सीडीओ नुपुर गोयल ने सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में सीएमओ अशोक कटारिया भी मौजूद रहे। शहर के आठ आभूषण विक्रेताओं ने शहर के स्वर्ण आभूषणों को प्रदर्शित किया। सुंधाशु महाराज ने भी रुद्राक्ष आदि का स्टॉल लगाया।
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गुजरात के लोक गीतों के बीच हुआ गरबा
संगीता चटर्जी ने कथक डांस कर किया मंत्रमुग्ध
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। सांकृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ शमीम ग्रुप ने कथपुतली डांस के साथ किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, शिक्षक और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं। महिलाओं की भूमिका विषय पैर इस बीच परिचर्चा हुई जिसमें महिलाओं ने सुझाव दिए। संगीता चटर्जी ने तीन ताल पर कथक नृत्य किया।
गुजरात गौरव पुरस्कार से सम्मानित रामभाई की टीम ने गुजराती लोकगीतों सुंदर गरबा की प्रस्तुति दी। बच्चे और बड़े सभी ने म्यूजिक के गरबा का आनंद लिया। दिव्यांशी श्रीवास्तव ने संतूर पर सुंदर रागों की प्रस्तुति से सभी का मनमोह लिया। मोहिनीअट्टम नृत्य से पूर्व जयप्रभा मेनन ने बताया कि यह केरल का एकल शास्त्रीय नृत्य का रूप है। मोहिनीअट्टम का नाम भगवान विष्णु के स्त्री रूप मोहिनी शब्द से लिया गया है। इस शब्द का अर्थ होता है मोहिनी का नृत्य। दिन के कार्यक्रमों में अतिम लाइव प्रस्तुति विपिन हेरा के द्वारा दी गई।
छात्रों की सुंदर प्रस्तुति से दर्शक मंत्रमुग्ध
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। फूड कोर्ट में विशाल स्टेज में ब्रह्मपुरी चावली देवी गर्ल्स इंटर कॉलेज के छात्रों ने सुंदर प्रस्तुति दी। देश-भक्ति गीत पर उच्च प्राथमिक विद्यालय कृष्णापुरी के बच्चों ने सुंदर प्रस्तुति दी। आर्यन स्कूल के बच्चों ने योग कर उससे होने वाले लाभ के विषय में लोगों को जागरूक किया।
आरजी इंटर कॉलेज की छात्राओं सलोनी, रीना, अधीरा, लवी, मनीषा, गरिमा और गुंजन ने नृत्य के माध्यम से 1960 से 2021 तक बदलते हुए बॉलीवुड को प्रस्तुत किया। दिल्ली पब्लिक स्कूल के बच्चों ने वैदिक संस्कृति में माता-पिता और गुरुजनों की सेवा का महत्व बताया। उच्च प्राथमिक विद्यालय पेपला के बच्चों ने ग्रुप नृत्य किया। उच्च प्राथमिक विद्यालय सरूरपुर के बच्चों ने मंगल पांडेय के जीवन और 1857 की क्रांति में मेरठ के 85 सैनिकों की भूमिका को नाटक के माध्यम से प्रस्तुत किया। सत्यकाम के बच्चों ने संविधान के विषय में बताया।
सोशल मीडिया की लत है खराब
दिव्य ज्योति जागृति संस्थान के द्वारा फूड कोर्ट मंच पर प्रेरणादायी नाटक का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से स्वयं सेवकों ने नशा और सोशल मीडिया की लत को छुड़ाने का प्रयास किया। सोशल मीडिया की कमियों को बताया। साध्वी प्रपूर्णा भारती ने सोशल मीडिया के सही उपयोग भी बताए। सोशल मीडिया को सकारात्मक और नियंत्रित रूप से अपनाना जरूरी है।