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Meerut News: डकैतों ने बंधक बनाकर पीटा, पुलिस ने पीड़ितों को दी जेल भेजने की धमकी
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सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में 18 बदमाशों के छह घंटे तक डकैती का मामला
पीड़ितों को धमकाकर पुलिस ने कहा किसी सेे नहीं करें घटना का जिक्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र के वेदव्यासपुरी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में शनिवार रात डकैती के पीड़ितों को पहले बदमाशों ने पीटा और फिर पुलिस ने जेल भेजने की धमकी देकर धमकाया। पुलिस की प्राथमिकता बदमाशों की घेराबंदी के बजाय मामले को दबाने और पीड़ितों की जुबान बंद करने और मामला दबाने की रही। सोमवार को पीड़ितों ने वारदात और पुलिस के धमकाने की जानकारी दी। वहीं, पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है।
वेदव्यासपुरी स्थित सीवरेज प्लांट में शनिवार रात मुख्य गेट फांदकर अंदर पहुंचे हथियारबंद करीब 18 बदमाशों ने छह घंटे में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। प्लांट पर तैनात सुरक्षाकर्मी जयपाल सिंह, मैनेजर गौरव, इलेक्ट्रीशियन अरविंद व उसकी पत्नी पिंकी, हेल्पर योगेश, दूसरे हेल्पर आशू की पत्नी उमा और प्लांट में मजदूरी करने आए दो युवकों कोे बंधक बनाकर पीटा और बेखौफ होकर लूटपाट की थी। कर्मचारियों से नकदी, मोबाइल, महिलाओं से सोने-चांदी के आभूषण लूटे और सभी के हाथ पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया।
इसके बाद बदमाश क्वार्टर और प्लांट के ऑफिस में पहुंचे और कीमती सामान लूट लिया। प्लांट के ट्रांसफार्मर को सप्लाई देने वाली 11 हजार केवी की लाइन काट दी। ट्रांसफार्मर से तेल, एल्युमिनियम और तांबे की कॉइल निकाल ली। बदमाशों ने ट्रांसफार्मर को टूलकिट के जरिए खोला। ट्रांसफार्मर में करीब दौ सौ लीटर तेल होता है। एल्युमिनियम और तांबे की कॉइल होती हैं। जिनका वजन लगभग तीन क्विंटल से अधिक होता है। इनकी कीमत बाजार में लाखों रुपये है। गाड़ी में सारा सामान लादकर फरार हो गए थे। एक-दूसरे की मदद से किसी तरह बंधनमुक्त होकर प्लांट के कर्मचारियों ने खिड़की पर लगी जाली तोड़ी और बाहर निकले। मैनेजर गौरव की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं हैं। पीड़ितों को किसी पुलिसकर्मी ने धमकाया है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
प्लांट कर्मचारियों ने सुनाई आपबीती
प्लांट पर तैनात गार्ड जयपाल ने बताया कि वह गार्ड रूम में बैठा था तभी मेन गेट कूदकर चार बदमाश अंदर पहुंचे। वह कुछ समझ पाता इससे पहले बदमाशों ने पिटाई कर दी और प्लांट में मौजूद लोगों के बारे में पूछा। इसके बाद 15 बदमाश प्लांट में घुसे और गेट पर ताला जड़ दिया। सभी बदमाशों के पास हथियार थे। इलेक्ट्रीशियन अरविंद सिंह ने बताया कि वही अपनी पत्नी पिंकी के साथ कमरे में सो रहा था। गार्ड जयपाल की आवाज सुनी तो गेट खेलकर देखा। तभी बदमाश उस पर टूट पड़े और जमकर पिटाई की।
वह और उसकी पत्नी बदमाशों रहम की गुहार लगाते रहे लेकिन बदमाशों ने एक न सुनी। मोबाइल लेकर अपने पास रख लिया और पत्नी पिंकी का फोन तोड़कर उसके गले का मंगलसूत्र, कान के झुमके, अंगूठी और पाजेब लूट ली। दोनों को बांधकर कमरे में छोड़ दिया। हेल्पर योगेश शोर सुनकर कमरे से बाहर निकला तो उसे पकड़कर पीटा। दो बदमाश कमरे में पहुंचे और मोबाइल और पर्स में रखे तीन हजार रुपये लूट लिए। हाथ और मुह बांधकर इलेक्ट्रीशियन अरविंद के कमरे में ले गए। इलेक्ट्रीशियन अरविंद की पत्नी पिंकी ने बताया कि अचानक से अंदर घुसे बदमाशों को देखकर वह घबरा गई। मुंह से आवाज भी नहीं निकली। पति को पीटता देखकर बदमाशों के कहने पर उसने अपने सारे गहने उतारकर दे दिए।
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बदमाशों को थी पूरी जानकारी, प्लांट में नहीं हैं सीसीटीवी
सीवेज प्लांट मे सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। बराबर की टायर फैक्टरी भी कई वर्षों से बंद है, जहां एक गार्ड तैनात रहता है। आसपास के क्षेत्र में खेत है, सौ मीटर दूर आरएएफ बटालियन कैंप की चहारदीवारी है। कैंप के दोनों मुख्य द्वार प्लांट से काफी दूर हैं, जहां आरएएफ के जवान पहरा देते है। बदमाशों को प्लांट के बारे में पूरी जानकारी थी।
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पीड़ितों को धमकाकर पुलिस ने कहा किसी सेे नहीं करें घटना का जिक्र
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। टीपीनगर थाना क्षेत्र के वेदव्यासपुरी स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में शनिवार रात डकैती के पीड़ितों को पहले बदमाशों ने पीटा और फिर पुलिस ने जेल भेजने की धमकी देकर धमकाया। पुलिस की प्राथमिकता बदमाशों की घेराबंदी के बजाय मामले को दबाने और पीड़ितों की जुबान बंद करने और मामला दबाने की रही। सोमवार को पीड़ितों ने वारदात और पुलिस के धमकाने की जानकारी दी। वहीं, पुलिस बदमाशों का सुराग नहीं लगा पाई है।
वेदव्यासपुरी स्थित सीवरेज प्लांट में शनिवार रात मुख्य गेट फांदकर अंदर पहुंचे हथियारबंद करीब 18 बदमाशों ने छह घंटे में डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। प्लांट पर तैनात सुरक्षाकर्मी जयपाल सिंह, मैनेजर गौरव, इलेक्ट्रीशियन अरविंद व उसकी पत्नी पिंकी, हेल्पर योगेश, दूसरे हेल्पर आशू की पत्नी उमा और प्लांट में मजदूरी करने आए दो युवकों कोे बंधक बनाकर पीटा और बेखौफ होकर लूटपाट की थी। कर्मचारियों से नकदी, मोबाइल, महिलाओं से सोने-चांदी के आभूषण लूटे और सभी के हाथ पैर बांधकर कमरे में बंद कर दिया।
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इसके बाद बदमाश क्वार्टर और प्लांट के ऑफिस में पहुंचे और कीमती सामान लूट लिया। प्लांट के ट्रांसफार्मर को सप्लाई देने वाली 11 हजार केवी की लाइन काट दी। ट्रांसफार्मर से तेल, एल्युमिनियम और तांबे की कॉइल निकाल ली। बदमाशों ने ट्रांसफार्मर को टूलकिट के जरिए खोला। ट्रांसफार्मर में करीब दौ सौ लीटर तेल होता है। एल्युमिनियम और तांबे की कॉइल होती हैं। जिनका वजन लगभग तीन क्विंटल से अधिक होता है। इनकी कीमत बाजार में लाखों रुपये है। गाड़ी में सारा सामान लादकर फरार हो गए थे। एक-दूसरे की मदद से किसी तरह बंधनमुक्त होकर प्लांट के कर्मचारियों ने खिड़की पर लगी जाली तोड़ी और बाहर निकले। मैनेजर गौरव की तहरीर पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
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एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गईं हैं। पीड़ितों को किसी पुलिसकर्मी ने धमकाया है तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
प्लांट कर्मचारियों ने सुनाई आपबीती
प्लांट पर तैनात गार्ड जयपाल ने बताया कि वह गार्ड रूम में बैठा था तभी मेन गेट कूदकर चार बदमाश अंदर पहुंचे। वह कुछ समझ पाता इससे पहले बदमाशों ने पिटाई कर दी और प्लांट में मौजूद लोगों के बारे में पूछा। इसके बाद 15 बदमाश प्लांट में घुसे और गेट पर ताला जड़ दिया। सभी बदमाशों के पास हथियार थे। इलेक्ट्रीशियन अरविंद सिंह ने बताया कि वही अपनी पत्नी पिंकी के साथ कमरे में सो रहा था। गार्ड जयपाल की आवाज सुनी तो गेट खेलकर देखा। तभी बदमाश उस पर टूट पड़े और जमकर पिटाई की।
वह और उसकी पत्नी बदमाशों रहम की गुहार लगाते रहे लेकिन बदमाशों ने एक न सुनी। मोबाइल लेकर अपने पास रख लिया और पत्नी पिंकी का फोन तोड़कर उसके गले का मंगलसूत्र, कान के झुमके, अंगूठी और पाजेब लूट ली। दोनों को बांधकर कमरे में छोड़ दिया। हेल्पर योगेश शोर सुनकर कमरे से बाहर निकला तो उसे पकड़कर पीटा। दो बदमाश कमरे में पहुंचे और मोबाइल और पर्स में रखे तीन हजार रुपये लूट लिए। हाथ और मुह बांधकर इलेक्ट्रीशियन अरविंद के कमरे में ले गए। इलेक्ट्रीशियन अरविंद की पत्नी पिंकी ने बताया कि अचानक से अंदर घुसे बदमाशों को देखकर वह घबरा गई। मुंह से आवाज भी नहीं निकली। पति को पीटता देखकर बदमाशों के कहने पर उसने अपने सारे गहने उतारकर दे दिए।
बदमाशों को थी पूरी जानकारी, प्लांट में नहीं हैं सीसीटीवी
सीवेज प्लांट मे सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। बराबर की टायर फैक्टरी भी कई वर्षों से बंद है, जहां एक गार्ड तैनात रहता है। आसपास के क्षेत्र में खेत है, सौ मीटर दूर आरएएफ बटालियन कैंप की चहारदीवारी है। कैंप के दोनों मुख्य द्वार प्लांट से काफी दूर हैं, जहां आरएएफ के जवान पहरा देते है। बदमाशों को प्लांट के बारे में पूरी जानकारी थी।