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साइकिलिंग कर दे रहे पर्यावरण बचाने का संदेश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 May 2018 01:56 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर में एक क्लब ऐसा भी है जो रोजाना कई किलोमीटर साइकिलिंग कर स्वस्थ रहने व पर्यावरण को बचाने का संदेश दे रहा है। इस क्लब में नौ साल के बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक शामिल हैं। डॉक्टर, व्यापारी, शिक्षक सभी एक साथ साइकिलिंग का लुत्फ उठाते हैं। वहीं अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट इन्हें साइकिल चलाने के टिप्स देते हैं।
प्रो बाइसिकिल क्लब के सदस्य रोजाना कैंट स्थित टैंक चौराहे पर एकत्र होते हैं। उसके बाद करीब 20 किलोमीटर कर साइकिलिंग करते हैं। क्लब के सदस्यों ने रविवार को अपना साइकिलिंग का एक हजारवां दिन सेलीब्रेट किया। क्लब के सदस्य सौभाग्य ने बताया कि ग्रुप के साथ साइकिलिंग करने में शहर और इसके आसपास कई नई जगहों को देखा। साकेत निवासी राजीव खन्ना तीन सालों से साइकिलिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए कोई जिम जाता है तो कोई योगा अपनाता है। लेकिन हम साइकिलिंग से फिट रहने के साथ शहर के नजारे भी देख रहे हैं।
कई रोगों का इलाज है साइकिलिंग
पल्लवपुरम निवासी प्रताप घोष न्यूट्रीशियनिष्ट हैं और वह तीन सालों से रोजाना सुबह साइकिल चलाते हैं। इनके मुताबिक साइकिलिंग से पूर्व डायबिटीज बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। लेकिन अब कंट्रोल में है। शास्त्रीनगर निवासी सुभारती मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. अरूणम स्वरूप रोज कैंट क्लब के साथ साइकिलिंग करने आते हैं। उन्होंने बताया कि साइकिल से घुटनों का दर्द और मोटापा कम होता जाता है। नौ साल के यथार्थ करीब दो साल से साइकिलिंग कर रहे हैं। एक बार में 25 किलोमीटर तक साइकिल चलाई है। 10वीं के छात्र गंगानगर निवासी परगट सिंह गिल तो साइकिलिंग के साथ स्टंट भी करते हैं। गंगानगर निवासी श्रृष्टि गुप्ता रायफल शूटर हैं। दोस्तों के प्रोत्साहन से साइकिलिंग कर रही हैं। सोमदत्त विहार निवासी शरद सिंह ने भी साइकिल चलाकर अपनी डायबिटीज कंट्रोल की।
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ट्रैक एंड ट्रेल क्लब
शहर में दूसरा क्लब ट्रैक एंड ट्रेल के सदस्य भी साइकिल से स्वस्थ रहने का फलसफा दे रहे हैं। क्लब के सदस्य रविवार को अधिक संख्या में एकत्र होते हैं और दस से 15 किलोमीटर तक की राइड करते हैं। इसमें बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक शामिल हैं। ग्रुप में करीब 55 सदस्य हैं। 72 वर्षीय वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि वह करीब 40 सालों से साइकिल चला रहे हैं।
ये बना रहे साइकिलिंग में करियर
11वीं में पढ़ने वाले राघव अरोड़ा साइकिलिंग में करियर बनाने में लगे हैं। कुछ दिन पूर्व हुई राज्य स्तरीय स्पर्धा में भाग लिया। वहीं नेशनल के लिए भी खेले। कंकरखेड़ा निवासी राशिद सैफी छह सालों से साइकिलिंग में करियर बनाने में लगे हैं। वहीं शोभापुर निवासी विशाल एथलीट है। इंजरी होने के बाद साइकिलिंग शुरू की। अब इसी में करियर बनाने में लगे हैं। इन सभी को ट्रेंड करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट सचिन कुमार पंवार हैं।
एक नजर में साइकिल के प्रकार, कीमतें-
रोड साइकिल- 50 हजार से 10 लाख तक।
टाइम ट्रायल साइकिल- 1.5 लाख से 15 लाख तक।
माउंटेन बाइक रेसिंग- 50 हजार से 5 लाख तक।
हाइब्रिड- 14 हजार से 2 लाख रुपये तक।
साइकिलिंग के समय इन बातों का रखें ध्यान
- सीट का लेबल इतना रखें की साइकिल चलाते समय हल्के बेंड होने के साथ टांगे पूरी खुलें।
- साइकिल पैर के पंजों से चलाएं।
- हेंडल बार सीट से नीचे रखें।
- कोहनी मुड़ी और कमर हल्के बेंड के साथ सीधी रहे।
- हमेशा सड़क किनारे चलें, हाइवे पर ग्रुप में चलें।
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प्रो बाइसिकिल क्लब के सदस्य रोजाना कैंट स्थित टैंक चौराहे पर एकत्र होते हैं। उसके बाद करीब 20 किलोमीटर कर साइकिलिंग करते हैं। क्लब के सदस्यों ने रविवार को अपना साइकिलिंग का एक हजारवां दिन सेलीब्रेट किया। क्लब के सदस्य सौभाग्य ने बताया कि ग्रुप के साथ साइकिलिंग करने में शहर और इसके आसपास कई नई जगहों को देखा। साकेत निवासी राजीव खन्ना तीन सालों से साइकिलिंग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए कोई जिम जाता है तो कोई योगा अपनाता है। लेकिन हम साइकिलिंग से फिट रहने के साथ शहर के नजारे भी देख रहे हैं।
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कई रोगों का इलाज है साइकिलिंग
पल्लवपुरम निवासी प्रताप घोष न्यूट्रीशियनिष्ट हैं और वह तीन सालों से रोजाना सुबह साइकिल चलाते हैं। इनके मुताबिक साइकिलिंग से पूर्व डायबिटीज बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। लेकिन अब कंट्रोल में है। शास्त्रीनगर निवासी सुभारती मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक विभागाध्यक्ष डॉ. अरूणम स्वरूप रोज कैंट क्लब के साथ साइकिलिंग करने आते हैं। उन्होंने बताया कि साइकिल से घुटनों का दर्द और मोटापा कम होता जाता है। नौ साल के यथार्थ करीब दो साल से साइकिलिंग कर रहे हैं। एक बार में 25 किलोमीटर तक साइकिल चलाई है। 10वीं के छात्र गंगानगर निवासी परगट सिंह गिल तो साइकिलिंग के साथ स्टंट भी करते हैं। गंगानगर निवासी श्रृष्टि गुप्ता रायफल शूटर हैं। दोस्तों के प्रोत्साहन से साइकिलिंग कर रही हैं। सोमदत्त विहार निवासी शरद सिंह ने भी साइकिल चलाकर अपनी डायबिटीज कंट्रोल की।
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ट्रैक एंड ट्रेल क्लब
शहर में दूसरा क्लब ट्रैक एंड ट्रेल के सदस्य भी साइकिल से स्वस्थ रहने का फलसफा दे रहे हैं। क्लब के सदस्य रविवार को अधिक संख्या में एकत्र होते हैं और दस से 15 किलोमीटर तक की राइड करते हैं। इसमें बच्चों से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक शामिल हैं। ग्रुप में करीब 55 सदस्य हैं। 72 वर्षीय वीरेंद्र गुप्ता ने बताया कि वह करीब 40 सालों से साइकिल चला रहे हैं।
ये बना रहे साइकिलिंग में करियर
11वीं में पढ़ने वाले राघव अरोड़ा साइकिलिंग में करियर बनाने में लगे हैं। कुछ दिन पूर्व हुई राज्य स्तरीय स्पर्धा में भाग लिया। वहीं नेशनल के लिए भी खेले। कंकरखेड़ा निवासी राशिद सैफी छह सालों से साइकिलिंग में करियर बनाने में लगे हैं। वहीं शोभापुर निवासी विशाल एथलीट है। इंजरी होने के बाद साइकिलिंग शुरू की। अब इसी में करियर बनाने में लगे हैं। इन सभी को ट्रेंड करने वाले अंतर्राष्ट्रीय साइकिलिस्ट सचिन कुमार पंवार हैं।
एक नजर में साइकिल के प्रकार, कीमतें-
रोड साइकिल- 50 हजार से 10 लाख तक।
टाइम ट्रायल साइकिल- 1.5 लाख से 15 लाख तक।
माउंटेन बाइक रेसिंग- 50 हजार से 5 लाख तक।
हाइब्रिड- 14 हजार से 2 लाख रुपये तक।
साइकिलिंग के समय इन बातों का रखें ध्यान
- सीट का लेबल इतना रखें की साइकिल चलाते समय हल्के बेंड होने के साथ टांगे पूरी खुलें।
- साइकिल पैर के पंजों से चलाएं।
- हेंडल बार सीट से नीचे रखें।
- कोहनी मुड़ी और कमर हल्के बेंड के साथ सीधी रहे।
- हमेशा सड़क किनारे चलें, हाइवे पर ग्रुप में चलें।