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Meerut News: ड्यूटी काट दो या बदल दीजिए...हर दूसरे कर्मचारी की ऐसी डिमांड
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- जनगणना में ड्यूटी लगाने को लेकर निगम परिसर में मची मारामारी
- कुल 500 कर्मचारियों की ही अभी तक महानगर में लग पाई ड्यूटी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मैं बीमार हूं, बच्चे छोटे हैं या वृद्ध माता-पिता को देखने वाला कोई नहीं। ऐसी अनगिनत बातें करके हर दूसरा कर्मचारी जनगणना में ड्यूटी कटवाने की फिराक में या फिर अपने नजदीकी मोहल्ले व कॉलोनी में ड्यूटी लगवाना चाहता है। सबूत के तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तक दिखाए जा रहे हैं। जनगणना में ड्यूटी बांटने का सिलसिला तेजी से शुरू हो गया है। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद नगर निगम में ड्यूटी बदलवाने के लिए मारामारी शुरू हो गई है।
महानगर में करीब 20 लाख की आबादी की जनगणना करने के लिए शहर में 2200 कर्मचारियों (प्रगणक) और 400 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगी है। जबकि देहात में 3700 कर्मचारी और 720 सुपरवाइजर की ड्यूटी है। कर्मचारियों को ड्यूटी बांटने का सिलसिला सोमवार से शुरू हो गया। शहर में नगर निगम, सदर तहसील व देहात में सरधना, मवाना तहसील व नगर पंचायतें में चल रहा है। जनपद की जनगणना पूरी कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। शिक्षक, ग्राम सचिव सहित सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई है। शहर में सोमवार, मंगलवार में कुल 500 और देहात में 300 कर्मचारियों को ड्यूटी बांटी गई है। कर्मचारी अपनी ड्यूटी कटवाने या बदलवाने के लिए खूब सिफारिश लगवा रहे हैं। इसके लिए प्रार्थना पत्र में खुद को बीमार, छोटे बच्चे या माता-पिता की देखरेख सहित कई बहाने बताकर वह ड्यूटी कटवाने के लिए दिए जा रहे हैं। प्रार्थना पत्र की संख्या बढ़ने के चलते कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लग रही है।
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कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। अगर कोई बीमार है या वाकई कोई बड़ी समस्या है तो उसकी जांच कराई जाएगी। बेवजह ड्यूटी नहीं कटेगी और न बदली जाएगी। प्रार्थना पत्र देने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डॉ. वीके सिंह, डीएम
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- कुल 500 कर्मचारियों की ही अभी तक महानगर में लग पाई ड्यूटी
फोटो
माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। मैं बीमार हूं, बच्चे छोटे हैं या वृद्ध माता-पिता को देखने वाला कोई नहीं। ऐसी अनगिनत बातें करके हर दूसरा कर्मचारी जनगणना में ड्यूटी कटवाने की फिराक में या फिर अपने नजदीकी मोहल्ले व कॉलोनी में ड्यूटी लगवाना चाहता है। सबूत के तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तक दिखाए जा रहे हैं। जनगणना में ड्यूटी बांटने का सिलसिला तेजी से शुरू हो गया है। मोबाइल पर मैसेज आने के बाद नगर निगम में ड्यूटी बदलवाने के लिए मारामारी शुरू हो गई है।
महानगर में करीब 20 लाख की आबादी की जनगणना करने के लिए शहर में 2200 कर्मचारियों (प्रगणक) और 400 सुपरवाइजर की ड्यूटी लगी है। जबकि देहात में 3700 कर्मचारी और 720 सुपरवाइजर की ड्यूटी है। कर्मचारियों को ड्यूटी बांटने का सिलसिला सोमवार से शुरू हो गया। शहर में नगर निगम, सदर तहसील व देहात में सरधना, मवाना तहसील व नगर पंचायतें में चल रहा है। जनपद की जनगणना पूरी कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। शिक्षक, ग्राम सचिव सहित सरकारी कर्मचारियों की ड्यूटी लगी हुई है। शहर में सोमवार, मंगलवार में कुल 500 और देहात में 300 कर्मचारियों को ड्यूटी बांटी गई है। कर्मचारी अपनी ड्यूटी कटवाने या बदलवाने के लिए खूब सिफारिश लगवा रहे हैं। इसके लिए प्रार्थना पत्र में खुद को बीमार, छोटे बच्चे या माता-पिता की देखरेख सहित कई बहाने बताकर वह ड्यूटी कटवाने के लिए दिए जा रहे हैं। प्रार्थना पत्र की संख्या बढ़ने के चलते कर्मचारियों की ड्यूटी नहीं लग रही है।
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कर्मचारियों की ड्यूटी निर्धारित कर दी गई है। अगर कोई बीमार है या वाकई कोई बड़ी समस्या है तो उसकी जांच कराई जाएगी। बेवजह ड्यूटी नहीं कटेगी और न बदली जाएगी। प्रार्थना पत्र देने वाले कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। डॉ. वीके सिंह, डीएम
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