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Meerut News: भद्रकाली सिद्धपीठ में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
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मंदिर में पिंडी स्वरूप में मौजूद है मां भद्रकाली स्रोत संवाद
कड़कड़ाती ठंड में देखने को मिला भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। अकबरपुर इच्छाबाद के समीप वन आरक्षित क्षेत्र में स्थित मां भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर में माघ महीने के दूसरे सोमवार को कड़कड़ाती ठंड में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। आस्था के चलते श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के भोर से ही माता के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया।
मध्य गंग नहर के किनारे वन आरक्षित क्षेत्र में स्थित मां भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर की विशेष मान्यता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां माता प्राकृतिक पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के चलते माघ महीने के प्रत्येक सोमवार को यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु माता के दरबार में दूध, दही और उनसे बने व्यंजनों को प्रसाद के रूप में अर्पित करते हैं। सोमवार को श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था के चलते कड़कड़ती ठंड में नंगे पैर लंबी कतारों में लगकर संयम के साथ दर्शन किए और माता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए गए, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस और स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई।
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हरिद्वार से आए भक्त जसपाल ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से माता के दरबार में माघ महीने में पहुंचते हैं। मां भद्रकाली की कृपा से उनके परिवार और पशुधन सुरक्षित रहते हैं।कमेटी अध्यक्ष महकार सिंह ने बताया कि अगले तीन सोमवारों को भी मंदिर में इससे भी ज्यादा भीड़ होने की संभावना है। इसे देखते हुए पूरे प्रबंध किए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। अकबरपुर इच्छाबाद के समीप वन आरक्षित क्षेत्र में स्थित मां भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर में माघ महीने के दूसरे सोमवार को कड़कड़ाती ठंड में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा दिखाई दिया। आस्था के चलते श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। तड़के भोर से ही माता के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया।
मध्य गंग नहर के किनारे वन आरक्षित क्षेत्र में स्थित मां भद्रकाली सिद्धपीठ मंदिर की विशेष मान्यता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां माता प्राकृतिक पिंडी स्वरूप में विराजमान हैं और सच्चे मन से की गई प्रार्थना अवश्य पूर्ण होती है। इसी आस्था के चलते माघ महीने के प्रत्येक सोमवार को यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु माता के दरबार में दूध, दही और उनसे बने व्यंजनों को प्रसाद के रूप में अर्पित करते हैं। सोमवार को श्रद्धालुओं ने भक्ति और आस्था के चलते कड़कड़ती ठंड में नंगे पैर लंबी कतारों में लगकर संयम के साथ दर्शन किए और माता से सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा।
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श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराए गए, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पुलिस और स्वयंसेवकों ने भीड़ प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई।
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हरिद्वार से आए भक्त जसपाल ने बताया कि वह पिछले 20 वर्षों से माता के दरबार में माघ महीने में पहुंचते हैं। मां भद्रकाली की कृपा से उनके परिवार और पशुधन सुरक्षित रहते हैं।कमेटी अध्यक्ष महकार सिंह ने बताया कि अगले तीन सोमवारों को भी मंदिर में इससे भी ज्यादा भीड़ होने की संभावना है। इसे देखते हुए पूरे प्रबंध किए गए हैं।

मंदिर में पिंडी स्वरूप में मौजूद है मां भद्रकाली स्रोत संवाद