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पश्चिम में गहरी साजिश, सऊदी अरब से देवबंद पहुंचाए जा रहे करोड़ों रुपये, आखिर कौन है मास्टर माइंड

Fri, 07 Feb 2020 01:18 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Fri, 07 Feb 2020 01:18 AM IST
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Crores of rupees were being transported from Saudi to Deoband
गिरफ्तार आरोपी दिलनवाज व सुहेल - फोटो : अमर उजाला
पश्चिमी यूपी में गहरी साजिश चल रही है। सऊदी अरब से रोजाना बड़ी रकम सहारनपुर के देवबंद में पहुंच रही है। जहां से अलग-अलग खातों में इन पैसों को ट्रांसफर किया जा रहा है।
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बुधवार को मेरठ में 23 लाख रुपये के साथ दो लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी पांच लाख रुपये 29 खातों में ट्रांसफर कर चुके थे। यह पैसा किस मकसद से आ रहा है, इसको लेकर पुलिस और इनकम टैक्स अधिकारी जांच करने में देर रात तक लगे रहे।
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बेगमब्रिज रोड स्थित जीआईसी के सामने यूनियन बैंक में दिलनवाज पुत्र अब्दुल हकीम निवासी फतेहउल्लापुर, लिसाड़ीगेट और सुहेल त्यागी पुत्र साजिद त्यागी निवासी अंबेहटा मोहन बड़गांव सहारनपुर को पुलिस ने पकड़ लिया।

दोनों लोगों ने पहले गुमराह करने का प्रयास किया। लेकिन तलाशी में इनसे 22.92 लाख रुपये बरामद हुए। जिसके बाद पुलिस ने गहनता से पूछताछ की। दोनों लोग 5.10 लाख रुपये 29 खातों में डाल चुके थे, जबकि अन्य कई खातों की लंबी लिस्ट उनके पास थी।

एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह के मुताबिक दोनों लोगों ने बताया कि यह पैसा सऊदी अरब से देवबंद में बासित निवासी देवबंद के पास रोजाना जाता और फिर वहां से बासित मेरठ, मुजफ्फरनगर और शामली में पैसा पहुंचाता है। दोनों लोग सिटी रेलवे स्टेशन से बासित के पास से बुधवार को पैसा लेकर आए थे। यह पैसा किन-किन खातों में डालना था, इसकी लिस्ट भी सऊदी से उनके मोबाइल में मिली।

सुहेल त्यागी ने बताया कि उसका भाई मुंतजिर सऊदी में रहता है, जोकि अकाउंट नंबर भेजता है। बासित के बारे में भी मुंतजिर ने उनको बताया था। सुहेल मेरठ कॉलेज में बीए का छात्र और उसका दूसरा भाई सीसीएस यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर रहा है। दोनों ही भाई जागृति विहार में किराये के कमरे में रहते हैं। 

चल रही है जांच
मामला गंभीर है। दोनों युवकों से 23 लाख रुपये बरामद हुआ है। आयकर अधिकारी भी जांच कर रहे हैं। इससे पहले भी यह दोनों युवक लोगों के खातों में पैसा डाल चुके हैं। सऊदी अरब से पैसा आना बताया गया और देवबंद से अलग-अलग जिलों में पहुंचाने की बात कहीं है। पुलिस गहनता से जांच करने में जुटी है।  -अजय साहनी, एसएसपी

आखिर कौन है मास्टर माइंड 
कड़े गए दोनों युवक सिर्फ गुर्गे हैं असली मास्टर माइंड कोई दूसरा है। यह मामला हवाला का है या फिर फंडिंग का, इसमें मोटी रकम अवैध तरीके से भेजी जा रही थी। सवाल उठता है कि देवबंद में ही सऊदी अरब से पैसा क्यों भेजा जा रहा था। इसको लेकर सुरक्षा एजेंसियां गंभीर हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा एजेंसियों ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक दो महीने में इन दोनों युवक द्वारा मेरठ, मुजफ्फरनगर व शामली में करीब 12 करोड़ रुपये लोगों के खातों में भेजे। इसको लेकर खुफिया विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। वेस्ट यूपी में अवैध तरीके से बैंकों में लोगों के खातों में पैसा डाला जा रहा और किसी को भनक तक नहीं लगी। पुलिस का मानना है कि बासित के पकड़े जाने के बाद आगे की लाइन मिलेगी। 
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जांच में खुलेगी पोल 
दोनों युवकों के पास 200 से अधिक अकाउंट नंबर हैं। यह पैसा किस-किस के पास और कब-कब जाता था, इसकी छानबीन करने में पुलिस जुटी हुई है। बुधवार को 29 खातों में पैसा डाला जा चुका था।

पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में यह पैसा हवाला के जरिये सऊदी अरब से आ रहा था और देवबंद से उसको भेजा जा रहा था। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह का कहना है कि आरोपी सुहेल ने अपने भाई का नाम बताया है जबकि दिलनवाज देवबंद के बासित का नाम बता रहा है। 

95 लाख मुजफ्फरनगर में डाले 
पुलिस के मुताबिक दिलनवाज ने बताया कि एक फरवरी को मुजफ्फरनगर जिले में सबसे ज्यादा पैसा 95 लाख रुपये 125 खातों में डाला गया। वह दो महीने से लोगोें के खातों में पैसा डालने का काम कर रहे थे। पुलिस ने इसकी जानकारी मुजफ्फरनगर पुलिस को भी दी है। सहारनपुर पुलिस भी देवबंद में जाकर बासित की तलाश में लग गई। 

आतंकी इनपुट से भी जोड़ा 
पुलिस का दावा है कि दोनों युवकों को ज्यादा जानकारी नहीं है। काफी पूछताछ के बाद दोनों ने बताया कि उनको ऊपर से बोला हुआ था कि अगर पैसा पकड़ा जाए तो उसको वहां छोड़ देना। कुछ बताने की जरूरत नहीं है। यह बात सुनकर पुलिस भी हैरान है।

पुलिस आतंकी इनपुट से भी मामले को जोड़कर चल रही है। सीएए के विरोध में 20 दिसंबर 2019 को फंडिंग कराकर मेरठ समेत कई जिलों में हिंसा कराई गई थी। इसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है।

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