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Meerut News: बाढ़ से फसलें और मकान क्षतिग्रस्त
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सरधना। हिंडन व काली नदी का जलस्तर बढ़ने से फसल को हुए नुकसान को लेकर एसडीएम को ज्ञापन देते संस्
- ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। हिंडन और काली नदी का जलस्तर बढ़ने से पिठलोकर और आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को ब्राइट एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राहत और मुआवजे की मांग की।
ज्ञापन में ट्रस्ट के अध्यक्ष मास्टर इस्माइल और सचिव एडवोकेट शबाना मलिक ने बताया कि लगातार बारिश के कारण हिंडन और काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे पिठलोकर समेत आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं और किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। कई ग्रामीणों के मकानों को भी क्षति पहुंची है, जिससे लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
ग्रामीणों ने मांग की कि राजस्व विभाग की टीम भेजकर फसलों और संपत्तियों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा प्रभावित किसानों और परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, तिरपाल, खाद्यान्न, आवश्यक दवाएं और मेडिकल टीम भेजने की भी मांग की गई।
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ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एडवोकेट इरशाद और कोषाध्यक्ष खालिद ने कहा कि जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कालंद गांव के प्रधान सुधीर, राजा ठाकुर, वसीम, जिसान, फुरकान व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए राजस्व टीम को निर्देश दिए जाएंगे। अतिवृष्टि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। हिंडन और काली नदी का जलस्तर बढ़ने से पिठलोकर और आसपास के गांवों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। प्रभावित ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को ब्राइट एजुकेशनल एंड सोशल वेलफेयर ट्रस्ट के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर राहत और मुआवजे की मांग की।
ज्ञापन में ट्रस्ट के अध्यक्ष मास्टर इस्माइल और सचिव एडवोकेट शबाना मलिक ने बताया कि लगातार बारिश के कारण हिंडन और काली नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे पिठलोकर समेत आसपास के गांवों के खेत जलमग्न हो गए हैं और किसानों की फसलें नष्ट हो गई हैं। कई ग्रामीणों के मकानों को भी क्षति पहुंची है, जिससे लोगों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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ग्रामीणों ने मांग की कि राजस्व विभाग की टीम भेजकर फसलों और संपत्तियों के नुकसान का तत्काल सर्वे कराया जाए तथा प्रभावित किसानों और परिवारों को नियमानुसार मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, तिरपाल, खाद्यान्न, आवश्यक दवाएं और मेडिकल टीम भेजने की भी मांग की गई।
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ट्रस्ट के उपाध्यक्ष एडवोकेट इरशाद और कोषाध्यक्ष खालिद ने कहा कि जलभराव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। ज्ञापन सौंपने के दौरान कालंद गांव के प्रधान सुधीर, राजा ठाकुर, वसीम, जिसान, फुरकान व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया कि बाढ़ से हुए नुकसान का आकलन कराने के लिए राजस्व टीम को निर्देश दिए जाएंगे। अतिवृष्टि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। प्रभावित लोगों को राहत उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।