फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   west up me hatiyaar ki supply

वेस्ट यूपी में हथियार सप्लाई करने वाला गिरफ्तार

Tue, 24 Jan 2017 02:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 24 Jan 2017 02:26 AM IST
विज्ञापन
west up me hatiyaar ki supply
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
 वेस्ट यूपी के जनपदों में अवैध हथियारों की सप्लाई का धंधा खूब चल रहा है। विधानसभा चुनाव को लेकर अवैध हथियारों की डिमांड बढ़ रही है। सदर बाजार पुलिस ने बिहार के मुंगेर से हथियार लाकर मेरठ में सप्लाई करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर हथियारों की खेप पकड़ी है, जबकि दूसरा आरोपी मौके से फरार हो गया।
विज्ञापन

एसपी सिटी आलोक प्रियदर्शी और एएसपी/सीओ सदर कैंट सिद्धार्थ मीणा ने सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता कर आरोपी गुलजार पुत्र अजीज निवासी राधना किठौर के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चेकिंग के दौरान आरोपी गुलजार को कैंट स्थित कांठ के पुल के पास से गिरफ्तार किया है, जबकि उसका साथी फुरकान उर्फ हाफिज पुत्र हनीफ निवासी राधना किठौर भाग गया।
विज्ञापन

आरोपी गुलजार की निशानदेही पर सदर बाजार पुलिस ने उसके घर से एक बंदूक, दो पिस्टल, एक रिवाल्वर, दो तमंचे, 50 कारतूस 315 और दस कारतूस 32 बोर के बरामद किए हैं। आरोपी ने बताया कि वह हथियार मुंगेर से लाया है। गिरोह का सरगना फुरकान है। मुंगेर से हथियार ऑन डिमांड मंगवाए जाते हैं, इन हथियारों को कहां पहुंचाना था, इसकी जानकारी फुरकान को है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चुनाव में उन्माद फैलाने की थी साजिश
पुलिस का दावा है कि अवैध हथियारों की खेप विधानसभा चुनाव में उन्माद फैलाने के लिए सप्लाई की जा रही है। हथियार किस नेता के पास जाने थे, इसका पुलिस पता नहीं लगा सकी। पुलिस ने कहा कि फुरकान की गिरफ्तारी के बाद इसका खुलासा होगा।

मुंगेर से क्यों लाया हथियार?
किठौर का राधना गांव पहले से अवैध हथियार बनाने के नाम से बदनाम है। सवाल उठता है कि आखिरकार राधना का गुलजार मुंगेर से हथियार लाकर मेरठ में सप्लाई क्यों करेगा। राधना गांव में ही तमंचे व पिस्टल बनती है। इसका खुलासा खुद पुलिस ने कई बार किया।

रेट भी हैं बहुत सस्ते
पुलिस का दावा है कि आरोपी ने बताया कि दस हजार में बंदूक, 25-30 हजार में पिस्टल, 15-20 हजार में रिवाल्वर और 4-5 हजार में तमंचे बेचता है। हथियारों की डिमांड के बाद ही उन्हें सप्लाई किया जाता है। अब तक विस चुनाव के लिए तीन हथियारों की खेप सप्लाई हो चुकी है।

स्कूल बैग में रखते हैं हथियार
पुलिस ने बताया किसी को शक न हो, इसलिए हथियारों को स्कूली बैग में रखकर चलते हैं। आरोपी गुलजार ने स्कूल बैग में हथियार लेकर चलने की बात स्वीकार की है। स्कूली बैग को पुलिस बहुत कम चेक करती है। इसलिए गिरोह के सदस्यों को स्कूल बैग दिया होता है।

रोज मिलते थे आठ सौ रुपये
आरोपी गुलजार ने बताया कि गिरोह के सरगना फुरकान के साथ बहुत लोग जुड़े है। वह कुछ दिन पहले ही फुरकान के पास आया था। फुरकान उसको रोजाना छह से आठ सौ रुपये देता था। फुरकान ने पांच दिन पहले ही अपने गिरोह के बारे में जानकारी दी थी।

गब्बर वाली बंदूक है साहब
आरोपी फिल्म शोले में गब्बर सिंह की बंदूक के नाम से छोटी बंदूकों को सप्लाई करते थे। पुलिस ने बताया कि गब्बर नाम से बंदूकों की डिमांड ज्यादा थी। आरोपी गुलजार से एक छोटी बंदूक बरामद हुई है। गुलजार ने बताया कि पांच बंदूक की डिमांड तीन महीने से आई हुई है।


पुलिस पर सवाल
विधानसभा चुनाव का बिगुल बजते ही पुलिस ने अवैध हथियारों के खेप पकड़ने शुरू कर दी है। पुलिस ने फलावदा, मवाना, राधना समेत कई जगहों से हाल ही के दिनों में अवैध हथियार पकड़े हैं। पुलिस का कहना है कि सभी हथियार विधानसभा चुनाव में उन्माद फैलाने के लिए प्रयोग होने थे। लोगों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं कि आखिर चुनाव आचार संहिता लगाते ही पुलिस कहां से हथियार पकड़ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed