फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   vulger post about cm posted from gulf country

खाड़ी देश से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट

Wed, 29 Mar 2017 07:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Wed, 29 Mar 2017 07:37 PM IST
विज्ञापन
vulger post about cm posted from gulf country
सीएम योगी आदित्यनाथ

चार दिन पूर्व व्हाट्सएप ग्रुप पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के खिलाफ आपत्तिजनक फोटो और पोस्ट खाड़ी देश के मोबाइल नंबर से डाली गई थी। साइबर सेल ने जांच के बाद इसका खुलासा किया। लेकिन, परतापुर पुलिस ने कार्रवाई के बजाय शिकायतकर्ता और ग्रुप एडमिन की सहमति लेकर कार्रवाई से किनारा कर लिया।

विज्ञापन


मामला बृहस्पतिवार को सामने आया था। परतापुर थाना क्षेत्र के इंदिरापुरम निवासी मोहित ने परतापुर थाना पुलिस से शिकायत की थी कि वह जली कोठी निवासी एक उद्यमी के बनाए व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़ा है। इसी ग्रुप में शामिल दूसरे समुदाय के व्यक्ति ने बुधवार रात करीब नौ बजे मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी के प्रति आपत्तिजनक फोटो और टिप्पणी की है। आरोप है कि जब उसने ग्रुप में इस तरह की पोस्ट न डालने को कहा तो आरोपी ने आपत्तिजनक चैटिंग करनी शुरू कर दी। इसकी जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन के लोगों ने परतापुर थाने जाकर विरोध जताया था। तहरीर देकर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी। पुलिस ने मामला साइबर सेल को भेजा था। 

विज्ञापन


11 डिजिट का था वह नंबर
क्राइम ब्रांच के साइबर सेल प्रभारी कर्मवीर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच में शिकायतकर्ता से उसके मोबाइल फोन से पूरी डिटेल और साक्ष्य लिए गए। इंटरनेशनल गेटवे की स्कैनिंग में सामने आया कि जिस नंबर से पोस्ट आई थी, वह 11 डिजिट का था। जांच में ये नंबर खाड़ी देश का निकला। इसका ग्रुप का एडमिन जली कोठी निवासी है। संभव है कि पोस्ट करने वाला व्यक्ति ग्रुप एडमिन का परिचित होगा। जिसने इसको ग्रुप से जोड़ा। पूरी रिपोर्ट परतापुर पुलिस को दे दी गई थी। अब इस केस में थाना स्तर से ही कार्रवाई संभव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों पक्ष सहमत इसलिए कार्रवाई नहीं

vulger post about cm posted from gulf country
व्हाट्सएप्स

परतापुर थाने के कार्यवाहक प्रभारी एसएसआई सुरेंद्र भाटी ने बताया कि शिकायतकर्ता और ग्रुप एडमिन दोनो को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। ग्रुप एडमिन का कहना था कि ये मामला मेरी जानकारी में नहीं था। उसने ग्रुप से उस नंबर को हटा दिया है। शिकायतकर्ता और ग्रुप एडमिन एक-दूसरे के अच्छे परिचित हैं। मामला खाड़ी देश से जुड़ा था, इसलिए दोनों पक्षों ने सहमति से इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का अनुरोध किया था। इस कारण कोई कार्रवाई नहीं की गई। 

पुलिस ने क्यों नहीं दिखाई गंभीरता
मामला प्रदेश के मुख्यमंत्री से जुड़ा है। आपत्तिजनक पोस्ट भी दूसरे देश से आई। ऐसे में मामला बेेहद गंभीर था। लेकिन पुलिस ने इसे हल्के में लिया। पुलिस ने ये भी पता लगाने की कोशिश नहीं की कि ग्रुप में आखिर दूसरे देश के व्यक्ति का नंबर कैसे जोड़ा गया। ग्रुप एडमिन को इस व्यक्ति के बारे में पूरी जानकारी होेगी। लेकिन पुलिस ने न तो उसके जरिये पोस्ट करने वाले तक पहुंचने की कोशिश की और न ही उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी। 

मामला गंभीर है, लेकिन मेरे संज्ञान में नहीं है। परतापुर थाने और साइबर सेल से जानकारी लेकर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-आलोक प्रियदर्शी, एसपी सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed