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हत्या में पीएसी के बर्खास्त सिपाही समेत तीन गिरफ्तार

Fri, 15 Feb 2019 02:17 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Fri, 15 Feb 2019 02:17 AM IST
सार


प्रॉपर्टी डीलर अमित जैनर हत्याकांड का खुलासा
उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहनकर किया था अपहरण

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three arrested including pac sacked soldier in murder
मेरठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपहृत प्रॉपर्टी डीलर अमित जैनर हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने पीएसी के बर्खास्त सिपाही सहित तीन आरोपी गिरफ्तार किए हैं। एसपी सिटी का दावा है कि दस लाख रुपये की प्रॉपर्टी के विवाद में दोस्त ने हत्या को अंजाम दिया। उत्तराखंड पुलिस की वर्दी में अपहरण के बाद जहर भरा इंजेक्शन लगाकर अमित का गला घोंटा और शव को रुड़की की मंगलौर नहर में फेंक दिया। हालांकि अभी शव बरामद नहीं हुआ है।
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एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि फजलगढ़ थाना भोजपुर गाजियाबाद निवासी अमित जैनर पुत्र योगराज सिंह वेदव्यापुरी सेक्टर-1 में किराए पर रहता था। अमित की एनएच-58 पर बालाजी कांप्लेक्स में फास्ट फूड शॉप थी और रुड़की में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम था। विगत 28 जनवरी की सुबह उत्तराखंड पुलिस की वर्दी पहने कार से पहुंचे लोगों ने अमित का अपहरण कर लिया था। अमित के भाई निमित ने टीपीनगर थाने में राजकुमार उर्फ सोनू पुत्र साधूराम निवासी आसफनगर थाना मंगलौर जनपद हरिद्वार व उसके साथियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी राजकुमार देवबंद में एक पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था।
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बुधवार रात इंस्पेक्टर टीपी नगर ने तीन आरोपियों सुशील (पीएसी का बर्खास्त सिपाही) पुत्र सुखबीर निवासी चोरा वाला थाना ककरौली मुजफ्फरनगर, गुलाब उर्फ भिकारी पुत्र राजाराम निवासी ग्राम घासीपुरा मंसूरपुर मुजफ्फरनगर और कुलदीप राय पुत्र इंद्रराज निवासी असदपुर करंजली देवबंद सहारनपुर को गिरफ्तार कर लिया गया। इनसे तीन तमंचे, घटना में प्रयुक्त वैगनआर कार, उत्तराखंड पुलिस की दो वर्दी बरामद की गईं। विकास निवासी आसफनगर मंगलौर और आशू निवासी रायपुर रुड़की फरार हैं।
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10 लाख की प्रॉपर्टी के लिए हत्या
एसपी सिटी ने बताया कि अमित और राजकुमार पुराने दोस्त थे। रुड़की व हरिद्वार में साथ-साथ प्रॉपर्टी डीलिंग करते थे। राजकुमार ने दस लाख रुपये हड़पने के लिए अमित के खिलाफ रुड़की कोतवाली में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया था। बाद में मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगी थी। तभी से दोनों में रंजिश शुरू हो गई थी।
उत्तराखंड पुलिस बनकर किया था अपहरण
एसपी सिटी के अनुसार राजकुमार ने प्लानिंग के तहत 60 हजार रुपये में वैगनआर कार खरीदी। उसके बाद पीएसी के बर्खास्त सिपाही सुशील को 50 हजार रुपये तैयार किया। सुशील ने उत्तराखंड पुलिस के दरोगा की वर्दी तो उसके साथी गुलाब ने सिपाही की वर्दी पहनी। वे ड्राइवर कुलदीप के साथ अमित के घर पहुंचे थे। रुड़की कोतवाली में दर्ज केस में पूछताछ के बहाने अमित को मेरठ से अपहरण कर ले गए। मुजफ्फरनगर में आरोपियों की गाड़ी खराब हो गई। जिसके बाद राजकुमार ने दूसरी गाड़ी बुला ली, जो आरोपी आशू लेकर आया था। इस गाड़ी में राजकुमार का चचेरा भाई विकास भी था।
जहर भरा इंजेक्शन लगाकर घोंटा गला
एसपी सिटी के अनुसार बर्खास्त सिपाही सुशील ने पूछताछ में बताया कि मंगलौर नहर पर ले जाकर उन्होंने अमित की जमकर पिटाई की थी। फिर राजकुमार ने अमित को गर्दन के पास जहर भरा इंजेक्शन लगा दिया था। फिर उसके बेहोश होने पर बेल्ट से गला घोंटकर मंगलौर नहर में फेंक दिया था। एसपी सिटी का दावा है कि हत्यारोपी राजकुमार ने बताया कि उसने अपने बहनोई रघुदेव के कहने पर हत्या की थी।
पत्नी से थी नजदीकी
एसपी सिटी ने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर अमित जैनर का अपनी पत्नी से विवाद था। महिला की नजदीकी मुख्य आरोपी राजकुमार से हो गई थी। कई माह अमित की पत्नी राजकुमार के यहां रही थी। दोनों का आना-जाना था। बाद में अमित के कहने पर उसकी पत्नी आ गई थी।

500 नंबरों की जांच की
एसपी सिटी ने सर्विलांस एक्सपर्ट आकाश चौधरी और अन्य सिपाही को राजकुमार से पूछताछ करने जेल भेजा था। राजकुमार ने पूछताछ में बताया कि वह केस नहीं खोल सकते। आकाश ने सर्विलांस से 500 नंबरों की जांच की तो उसमें राजकुमार ही फंसा। सीसीटीवी फुटेज में भी वैगनआर गाड़ी कैद हो गई थी।
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