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मुकदमे की तारीख के लिए मेरठ आया था बदमाश, गोली लगने से हो गई थी मौत, अब हुई शिनाख्त

Sat, 15 Feb 2020 05:28 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: कपिल kapil Updated Sat, 15 Feb 2020 05:28 PM IST
सार

यूपी के मेरठ में तीन दिन पहले जिस बदमाश की गोली लगने से मौत हुई थी। उसकी शिनाख्त हो गई है।

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The miscreant who died in Meerut has been identified in police investigation
इंस्पेक्टर से जानकारी लेते एसएसपी अजय साहनी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश में मेरठ जनपद के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में तीन दिन पहले जिस बदमाश की गोली लगने से मौत हुई थी उसकी शिनाख्त हो गई है। पुलिस के अनुसार वह शाहजहांपुर जिले का रहने वाला है। उसका नाम धनपाल है। 

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बताया गया कि वह लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र से चोरी के एक मामले में जेल गया था। इसी मुकदमे की तारीख करने के लिए वह मेरठ आया था।

ये था मामला
मेरठ के कंकरखेड़ा स्थित खिर्वा रोड पर दिल्ली के बदमाशों के बीच गुरुवार रात हुई गोलीबारी के बाद दिल्ली के एसीपी और मेरठ के इंस्पेक्टर की हत्या की साजिश को लेकर बड़ा खुलासा हआ। दिल्ली निवासी सरगना शक्ति नायडू दोनों की हत्या कराकर पश्चिमी यूपी में अपना नेटवर्क जमाना चाहता था। इसके लिए उसने अपने साथियों के संग मिलकर खौफनाक साजिश रची। इंस्पेक्टर और एसीपी की हत्या का दिन मुकर्रर किया लेकिन एन वक्त पर पूरी वारदात पलट गई और बदमाशों में आपस में ही गोलीबारी हो गई। इसमें कुख्यात नायडू के साथी बदमाश चाचा और भतीजे को गोली लगी जिसमें भतीजे की मौत हो गई।
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दिल्ली स्पेशल सेल के एसीपी (एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस) ललित मोहन नेगी ने दिल्ली निवासी सरगना शक्ति नायडू पर मकोका की कार्रवाई की थी। जिसके बाद नायडू ने एसीपी को रास्ते से हटाने की प्लानिंग करनी शुरू कर दी। 
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एसीपी का देहरादून आना जाना था, ऐसे में कुख्यात नायडू ने मेरठ में अपना नेटवर्क मजबूत करना शुरू किया ताकि वह एसीपी को आसानी से निशाना बना सके। लेकिन उसकी इस प्लानिंग में मेरठ का एक इंस्पेक्टर राह का रोड़ा बन रहा था। ऐसे में उसने इंस्पेक्टर की हत्या कर वेस्ट यूपी के बदमाशों को अपने गैंग में जोड़ना चाहता था।

कहानी की शुरुआत कंकरखेड़ा  के वैष्णो धाम कॉलोनी में बिजनौर में तैनात इंस्पेक्टर विपिन कुमार और कॉलोनी के बिल्डर विपिन कुमार के विवाद से हुई। दो सौ रुपये के मेंटीनेंस को लेकर गुरुवार दोपहर दोनों के बीच विवाद हुआ जिसके बाद पुलिस दोनों को थाने ले आई। बिल्डर के साथ उसका दोस्त दीपू व उसकी पत्नी भी थाने पंहुची। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने दीपू और उसकी पत्नी को थाने में थप्पड़ मार दिया और पुलिस से भी अभद्रता की। 

इंस्पेक्टर द्वारा दीपू व उसकी पत्नी से बदसलूकी की जानकारी दोस्त रविंद्र भूरा को लगी। रविंद्र ने प्रॉपर्टी डीलर ऋतुराज निवासी पावली खुर्द को पूरी कहानी बताई। ऋतुराज की दोस्ती दिल्ली के शातिर अपराधी शक्ति नायडू से थी।

ऋतुराज ने शक्ति नायडू को पूरी बात बताई। नायडू पहले से ही मौके की तलाश में था, ऐसे में अपने साथी तिलकराज और उसके भतीजे हनी लोहिया (25) पुत्र मुकेश लोहिया निवासी छतरपुर दिल्ली को लेकर ईको स्पोर्ट्स गाड़ी से शाम 5:45 बजे ही मेरठ पहुंच गया।

सिवाया टोल के पास अंजीर होटल में तीनों बदमाश रुके। वहां ऋतुराज व रविंद्र भूरा समेत पांच लोग मौजूद थे। होटल में करीब एक घंटा मीटिंग चली। इसमें दिल्ली के एसीपी की हत्या की योजना बनी। यहां नायडू ने कहा कि पहले दोस्त दीपू से मुलाकात तो कराओ। उसके बाद ऋतुराज की क्रेटा गाड़ी में ऋतुराज, रवि और तीन बदमाश थे। जबकि नायडू, तिलकराज और हनी ईको स्पोर्ट्स से दीपू के घर पहुंचे।

पुलिस पूछताछ में तिलकराज ने बताया कि रविंद्र भूरा अक्सर नायडू के पास आता था। मुजफ्फरनगर, मेरठ व बागपत में अपराध की दुनिया में पैठ जमाने के लिये नायडू ने भूरा से नजदीकी बढ़ाई थी। 

तिलकराज ने नायडू की पत्नी से की थी छेड़छाड़ 
इंस्पेक्टर कंकरखेड़ा बिजेंद्र सिंह का कहना है कि साल 2014 में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंदरा से लूट के मामले में नायडू के साथ हनी व तिलकराज भी जेल गए थे। नायडू पर मकोका की कार्रवाई हुई थी। अन्य आरोपी जमानत पर थे। तिलकराज ने नायडू की पत्नी से छेड़छाड़ की थी। इस कारण वह तिलकराज को मारना चाहता था। हालांकि बाद में उनमें समझौता हो गया था।

 

सुरक्षा के बीच आए थे एसीपी  
एसीपी ललित मोहन नेगी शुक्रवार शाम पुलिस की सुरक्षा के बीच मेरठ के परतापुर क्षेत्र में एक रिश्तेदार की बेटी के शादी में आए थे। एसीपी के आने की जानकारी बदमाशों को थी या नहीं, इसका खुलासा रवि भूरा या फिर नायडू गिरफ्तार होने के बाद ही करेंगे। 

गोली लगने से घायल आरोपी तिलकराज ने अस्पताल में बताया कि एसीपी के मेरठ आने की जानकारी उनको नहीं थी। ऋतुराज भी इससे इंकार कर रहा है। हालांकि पुलिस इसकी गंभीरता से जांच कर रही है।

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