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कुख्यात योगेश भदौड़ा सिद्धार्थनगर शिफ्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Wed, 30 Sep 2015 02:14 AM IST
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पंचायत चुनाव से पहले कुख्यात अपराधियों को दूसरे जिले में शिफ्ट करने की पुलिस-प्रशासन की कवायद रंग लाई। कुख्यात ऊधम सिंह और उसकी पत्नी गीताजंली के बाद मंगलवार को योगेश भदौड़ा को भी मेरठ जेल से शिफ्ट कर दिया गया। कड़ी सुरक्षा में भदौड़ा को सिद्धार्थनगर जेल भेजा गया।
ऊधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच खूनी रंजिश चल रही है। दोनों ने पंचायत चुनाव में ताल ठोकने का ऐलान भी कर दिया था। उनके चुनाव लड़ने से पुलिस खूनी संघर्ष की आशंका जता रही थी। इसके बाद से ही पुलिस प्रशासन ने अपराधियों को दूसरे जिलों में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी थी। शासन की अनुमति मिलने पर पहले ऊधम को लखनऊ और फिर उसकी पत्नी गीतांजली को सिद्घार्थनगर में शिफ्ट किया था।
योगेश कर रहा था नामांकन की तैयारी
योगेश भदौड़ा मंगलवार को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने उसे अनुमति नहीं दी। उसने अपनी भाभी कविता का पर्चा भरवाया। कुख्यात के समर्थन में गाड़ियों का बड़ा काफिला आया था।
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कड़ी सुरक्षा में रवाना
वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने बताया कि भदौड़ा को मंगलवार को मेरठ जेल से कड़ी सुरक्षा में भेजा गया है। सब इंस्पेक्टर इफ्तार अहमद कादरी, सब इंस्पेक्टर जयवरी मलिक और चार सिपाही की टीम योगेश भदौड़ा को सिद्घार्थनगर के लिए लेकर रवाना हुई। उन्होंने बताया कि योगेश को 22 मार्च 2013 को मेरठ जेल लाया गया था। उसकी गिरफ्तारी बरेली में हुई थी।
गुर्गों का मनोबल तोड़ने को हुई शिफ्टिंग
बदमाशों के गुर्गों का मनोबल तोड़ने के लिए शिफ्टिंग की कार्रवाई हुई है। पुलिस की मानें तो मेरठ जेल में बंद होने के कारण ये कुख्यात अपराधी अपने गुर्गों के जरिए बाहर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे। अब कुख्यातों के अलग-अलग दूरस्थ जेल में शिफ्ट होने से इनका नेटवर्क कमजोर होगा।
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ऊधम सिंह और योगेश भदौड़ा के बीच खूनी रंजिश चल रही है। दोनों ने पंचायत चुनाव में ताल ठोकने का ऐलान भी कर दिया था। उनके चुनाव लड़ने से पुलिस खूनी संघर्ष की आशंका जता रही थी। इसके बाद से ही पुलिस प्रशासन ने अपराधियों को दूसरे जिलों में शिफ्ट करने की कवायद शुरू कर दी थी। शासन की अनुमति मिलने पर पहले ऊधम को लखनऊ और फिर उसकी पत्नी गीतांजली को सिद्घार्थनगर में शिफ्ट किया था।
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योगेश कर रहा था नामांकन की तैयारी
योगेश भदौड़ा मंगलवार को पंचायत चुनाव के लिए नामांकन करने की तैयारी कर रहा था, लेकिन जिला प्रशासन ने उसे अनुमति नहीं दी। उसने अपनी भाभी कविता का पर्चा भरवाया। कुख्यात के समर्थन में गाड़ियों का बड़ा काफिला आया था।
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कड़ी सुरक्षा में रवाना
वरिष्ठ जेल अधीक्षक एसएचएम रिजवी ने बताया कि भदौड़ा को मंगलवार को मेरठ जेल से कड़ी सुरक्षा में भेजा गया है। सब इंस्पेक्टर इफ्तार अहमद कादरी, सब इंस्पेक्टर जयवरी मलिक और चार सिपाही की टीम योगेश भदौड़ा को सिद्घार्थनगर के लिए लेकर रवाना हुई। उन्होंने बताया कि योगेश को 22 मार्च 2013 को मेरठ जेल लाया गया था। उसकी गिरफ्तारी बरेली में हुई थी।
गुर्गों का मनोबल तोड़ने को हुई शिफ्टिंग
बदमाशों के गुर्गों का मनोबल तोड़ने के लिए शिफ्टिंग की कार्रवाई हुई है। पुलिस की मानें तो मेरठ जेल में बंद होने के कारण ये कुख्यात अपराधी अपने गुर्गों के जरिए बाहर आपराधिक वारदातों को अंजाम देते थे। अब कुख्यातों के अलग-अलग दूरस्थ जेल में शिफ्ट होने से इनका नेटवर्क कमजोर होगा।