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इंजीनियर अंकित चौहान में सीबीआई ने किया चौकाने वाला खुलासा

अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Sat, 03 Jun 2017 01:03 PM IST
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अंकित चौहान
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर अंकित चौहान की हत्या का खुलासा दो साल बाद सीबीआई और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने किया है। गिरफ्तार दोनों हत्यारोपियों ने अंकित की फॉर्च्यूनर लूटने की खातिर वारदात करना कबूल किया है। एक आरोपी के हाथ पर टैटू भी गुदा मिला है। इस वारदात में प्रयुक्त सफेद होंडा एकॉर्ड भी बरामद हुई है।   सीबीआई और एसटीएफ की टीम ने इंजीनियर अंकित के दोस्त गगन से कई बार पूछताछ की थी। गगन ने बताया था कि वारदात के दौरान तीन आरोपी थे, उनकी कार पर वीआईपी नंबर था। एक आरोपी का गठीला बदन था और उसके एक हाथ पर टैटू गुदा था। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच में चश्मदीद की बातें काफी हद तक मेल खाती थीं। चश्मदीद गगन ने जो नंबर बताया, पुलिस ने उसकी जांच की। लेकिन दो साल तक सुराग नहीं लगा। 
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सीबीआई व एसटीएफ टीम सफेद रंग की होंडा एकॉर्ड कार (यूपी 14 एबी 2200) नंबर से मालिक तक पहुंची। टीम ने गाड़ी खरीदने वाले हत्यारोपी शशांक जादौन और मनोज कुमार को गिरफ्तार कर लिया। जिसमें एक आरोपी शशांक जादौन गठीले बदन का है और उसके हाथ पर टैटू गुदा मिला। जिससे साफ हो गया कि चश्मदीद गगन ने इसी आरोपी को देखा था। आरोपियों ने फॉर्च्यूनर लूटने के लिए वारदात करना बताया। 


 टैटू ही पुख्ता सुबूत बताया 
एसटीएफ ने हत्यारोपी शशांक जादौन के हाथ पर गुदा टैटू ही पुख्ता सुबूत होना बताया है। अंकित का तीसरा हत्यारोपी पंकज है, जिसने अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से गोली मारी थी। पंकज की पांच माह पहले मौत हो गई। पुलिस हत्या में प्रयुक्त रिवाल्वर बरामद नहीं कर सकी। जिससे कोर्ट में साबित हो जाए कि गोली इस रिवाल्वर से मारी गई। 

आरोपी टैटू मिटवाना चाहता था  
आरोपी शशांक ने पूछताछ में बताया कि वह अपने हाथ से टैटू मिटवाना चाहता था। उसको जानकारी हो गई थी कि चश्मदीद गगन ने टैटू देख लिया था। डॉक्टर ने टैटू मिटाने के डेढ़ लाख रुपये मांगे, जो शशांक नहीं जुटा पाया। टैटू की बात सीबीआई अधिकारियों ने अंकित के परिजनों को बताई। जिससे सुनकर अंकित के पिता भी चुप हो गए। 

दो बार फ्लैट के पास देखे गए 
पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपी दो बार अंकित के फ्लैट के पास देखे गए। जोकि सीसीटीवी कैमरे में कैद भी हुए। पूछताछ में आरोपी शशांक और मनोज ने बताया कि इंजीनियर अंकित टारगेट नहीं था। उनका टारगेट सिर्फ फॉर्च्यूनर गाड़ी थी, जिसको वह लूटना चाहते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को फुटेज भी दिखाई, जिसे उन्होंने कबूला। 

दो गाड़ी लूटने का किया था प्रयास 
आरोपियों ने बताया कि अंकित की फॉर्च्यूनर गाड़ी आने से पहले वहां से दो और फॉर्च्यूनर गाड़ी निकली थीं। एक गाड़ी में पीएसओ अगली सीट पर बैठा था, दूसरी गाड़ी में गनमैन था। जिन्हें देखकर उन्होंने दोनों गाड़ियों को जाने दिया। तीसरी गाड़ी में अंकित व गगन आए। बस फिर उन्होंने इनको ओवरटेक कर रोका और वारदात कर दी। 

पंकज ने गोली चला दी 
आरोपी बोले, उनका मकसद सिर्फ गाड़ी लूटना था। विरोध करते ही पंकज ने अंकित को गोली मारी। जिसके बाद वह घबरा गए। वह फॉर्च्यूनर गाड़ी लूटने की हिम्मत नहीं जुटा सके। अंकित ने पंकज को पकड़ने की कोशिश की थी, जिसके बाद उसने तीन गोलियां और चला दी थीं। 
  
   

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