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सोतीगंज के इनामी वाहन माफिया गिरफ्तार

Wed, 10 Apr 2019 03:39 AM IST
Gaurav sharma न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Gaurav sharma Updated Wed, 10 Apr 2019 03:39 AM IST
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Sothiganj's prize money mafia arrested
सोतीगंज प्रकरण के आरोपी - फोटो : अमर उजाला
 सोतीगंज पुलिस चौकी में चोरी की बुलेट का चेसिस नंबर बदलने वाले तीनों वाहन माफिया 25 हजारी अय्या, सोनी उर्फ सोनू और रोहित खान को मंगलवार को सदर बाजार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। वहीं, आरोपी सिपाही ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाली। लेकिन आत्मसमर्पण में कामयाब नहीं रहा। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के प्रयास में है।
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पुलिस के मुताबिक अय्या मुख्य आरोपी है तो सोनी व रोहित को अय्या की दुकान पर कारीगर होना बताया गया। तीनों आरोपी पुलिस चौकी पर पहुंचे थे, जहां पर सिपाही प्रदीप कुमार और होमगार्ड पवन पहले से मौजूद थे। दोनों के पास एक बुलेट थी। जिसका चेसिस नंबर बदलना था। बुलेट पर चेसिस नंबर बदलने के दौरान क्राइम ब्रांच ने छापा मारकर होमगार्ड को गिरफ्तार कर लिया था। जबकि सिपाही और तीनों आरोपी फरार हो गए थे। जिन पर एसएसपी ने 25-25 हजार का इनाम किया था।
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रिपोर्ट दी, नहीं पहुंचा सिपाही
एसओ सदर विजय गुप्ता के मुताबिक सिपाही प्रदीप ने कोर्ट में सरेंडर अर्जी डाली थी। जिसकी रिपोर्ट कोर्ट ने तलब की थी। थाना पुलिस ने कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल कर दी थी। लेकिन बताया गया कि आरोपी सिपाही कोर्ट में पेश नहीं हुआ। जिसके चलते सिपाही की सरेंडर अर्जी खारिज हो गई। सिपाही को घेरने के लिए पुलिस टीम लगी है। सिपाही आज (बुधवार ) सरेंडर कर सकता है।
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तीनों आरोपियों ने खोले राज
पुलिस ने बताया कि तीनों आरोपियों ने पूछताछ में कई राज खोले है। बताया कि पुलिस और कबाड़ियों में गठजोड़ है। सोतीगंज के कई कबाड़ी पुलिस के संपर्क में हैं। सदर थाने से ट्रांसफर होने के बावजूद अधिकांश सिपाहियों को सोतीगंज में गोरखधंधा चल रहा था।
पुलिस चौकी वाहन कमेला कैसे बनी, खुलेगी पोल
मेरठ। सोतीगंज पुलिस चौकी कैसे वाहन ‘कमेला’ बन गई, इसकी पोल तीनों कबाड़ी खोलेंगे। पुलिस ने कबाड़ियों से घंटो पूछताछ की। जिसमें कबाड़ियों ने पुलिस से सेटिंग कर खंडहर पड़ी पुलिस चौकी में चोरी की बाइक के चेसिस नंबर बदलने की बात कहीं। पुलिस चौकी खंडहर कैसे हुई, इसको लेकर पुलिस अधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए पुलिस चौकी की जानकारी जुटाई। जिसमें पता चला कि चौकी की जमीन को एक रेस्टोरेंट मालिक को बेच दिया है। पुलिस का इस जमीन से कोई लेनादेना नहीं, लेकिन लिखापढ़ी में पुलिस चौकी चल रही है। चौकी इंचार्ज विक्रम सिंह कभी चौकी में नहीं गए। पुलिस चौकी की जानकारी लखनऊ ने भी मांगी है।
कबाड़ियों से ज्यादा सिपाही शातिर
तीनों कबाड़ियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। लेकिन 25 हजारी सिपाही प्रदीप शातिर निकला। सिपाही ने कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी कोर्ट में दाखिल की है। जबकि पुलिस ने उसके करीबियों से कहा कि तुम पुलिस के पास आ जाओ, अन्यथा बड़ी कार्रवाई होगी। इसके बावजूद सिपाही को अपने विभाग पर ही भरोसा नहीं है। पुलिस सिपाही की कुंडली खंगालने में लगी हुई है।

गंभीरता से होगी जांच
सोतीगंज के 25-25 हजार के तीनों वाहन माफिया गिरफ्तार कर लिए हैं। सिपाही को पुलिस जल्द गिरफ्तार कर लेगी। इस मामले में गंभीरता से जांच पड़ताल चल रही है। -अखिलेश नारायण सिंह, एसपी सिटी

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