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रोहटा में नवदंपति ने फांसी लगाकर जान दी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2016 02:00 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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शादी के महज छह महीने बाद ही दंपति ने फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के विरोध के चलते पुलिस ने दोनों का पोस्टमार्टम भी नहीं कराया। जबकि इस दोहरे आत्महत्या कांड को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
मामला रोहटा थानाक्षेत्र के सतवाई गांव का है। किसान बिजेंद्र सिंह के बेटे मोहित (23) की शादी छह माह पहले सिकरी, मुरादनगर की राधा (22) से हुई थी। बिजेंद्र की गांव की रंजिश के चलते करीब 20 साल पहले हत्या हो गई थी। मोहित का छोटा भाई रोहित नोएडा की एक कंपनी में जॉब करता है। पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर सूचना मिली कि सतवाई गांव में मोहित और उसकी पत्नी राधा ने फांसी लगाकर जान दे दी है।
रोहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दंपति के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजने का प्रयास किया। लेकिन पीड़ित परिवार व ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। शव न उठने देने की सूचना पर सीओ सरधना भी पहुंच गए। मोहित की मां उर्मिला ने बताया कि मोहित रोजाना सुबह उसके साथ खेत पर जाता था। मोहित सोया हुआ है, यह सोचकर वह अकेली खेत पर चली गई। दोपहर दो बजे खेत से लौटी तो मोहित के कमरे का दरवाजा तब भी बंद था। उर्मिला ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसने खिड़की से झांककर देखा तो दोनों के शव पंखे पर लटक रहे थे। घर में चीख-पुकार मच गई। पीड़ित परिवार ने कहा कि इस मामले में उन्हें तहरीर नहीं देनी है। उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। यह बात उन्होंने लिखकर भी दी।
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हमेशा के लिए दफन हुआ राज?
परिजनों ने मोहित और राधा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सवाल उठता है कि ऐसी क्या बात हुई कि शादी के महज छह माह बाद ही दोनों मौत को गले लगा बैठे। नियमानुसार पुलिस को पोस्टमार्टम कराना चाहिए था, ताकि सच सामने आ सके। जबकि ग्रामीणों में चर्चा थी कि इस मामले में कोई गहरा राज है। तमाम तरह की चर्चाएं लोग कर रहे थे। हालांकि पुलिस के सामने कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था।
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मामला रोहटा थानाक्षेत्र के सतवाई गांव का है। किसान बिजेंद्र सिंह के बेटे मोहित (23) की शादी छह माह पहले सिकरी, मुरादनगर की राधा (22) से हुई थी। बिजेंद्र की गांव की रंजिश के चलते करीब 20 साल पहले हत्या हो गई थी। मोहित का छोटा भाई रोहित नोएडा की एक कंपनी में जॉब करता है। पुलिस के मुताबिक सोमवार दोपहर सूचना मिली कि सतवाई गांव में मोहित और उसकी पत्नी राधा ने फांसी लगाकर जान दे दी है।
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रोहटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दंपति के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हाउस भेजने का प्रयास किया। लेकिन पीड़ित परिवार व ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। शव न उठने देने की सूचना पर सीओ सरधना भी पहुंच गए। मोहित की मां उर्मिला ने बताया कि मोहित रोजाना सुबह उसके साथ खेत पर जाता था। मोहित सोया हुआ है, यह सोचकर वह अकेली खेत पर चली गई। दोपहर दो बजे खेत से लौटी तो मोहित के कमरे का दरवाजा तब भी बंद था। उर्मिला ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। उसने खिड़की से झांककर देखा तो दोनों के शव पंखे पर लटक रहे थे। घर में चीख-पुकार मच गई। पीड़ित परिवार ने कहा कि इस मामले में उन्हें तहरीर नहीं देनी है। उन्हें किसी से कोई शिकायत नहीं है। यह बात उन्होंने लिखकर भी दी।
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हमेशा के लिए दफन हुआ राज?
परिजनों ने मोहित और राधा के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। सवाल उठता है कि ऐसी क्या बात हुई कि शादी के महज छह माह बाद ही दोनों मौत को गले लगा बैठे। नियमानुसार पुलिस को पोस्टमार्टम कराना चाहिए था, ताकि सच सामने आ सके। जबकि ग्रामीणों में चर्चा थी कि इस मामले में कोई गहरा राज है। तमाम तरह की चर्चाएं लोग कर रहे थे। हालांकि पुलिस के सामने कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं था।