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पिलौना में दलित युवक की दिनदहाड़े हत्या
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2016 02:05 AM IST
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पिलोना में मारे गये ग्रामीण के बच्चे विलाप करते
- फोटो : अमर उजाला
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पिलौना गांव में दिनदहाड़े दलित युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। गुस्साए दलित समाज के लोगों ने शव रखकर फलावदा-मवाना मार्ग जाम कर दिया। एसपी देहात ने हत्यारोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और सपा नेता अतुल प्रधान ने शासन से अधिक से अधिक मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने जाम खोला। पुलिस ने गांव के ही दो भाइयों समेत चार हत्यारोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
फलावदा थाना क्षेत्र के पिलौना निवासी दलित विकलांग सुनील (35) पुत्र धर्मवीर भैंसा-बुग्गी चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। शुक्रवार दोपहर सुनील गांव में ही शेखर के घर रेत डालकर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में गांव निवासी जतिन चौधरी पुत्र देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुनील को रोक लिया। मारपीट कर भैंगा-बुग्गी से उतार लिया। इसके बाद सुनील के सीने में गोली मार दी और फरार हो गए। दिनदहाड़े हत्या से गांव में सनसनी फैल गई।
दलित समाज के लोगों ने फलावदा-मवाना मार्ग पर शव रख दिया और हंगामा व नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे फलावदा एसओ ने जाम खुलवाने की कोशिश की, तो ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने सख्ती की तो भीड़ भड़क गई और आने-जाने वाले वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश की। सीओ किठौर रितेश कुमार, एसपी देहात डा. प्रवीन रंजन सिंह, तहसीलदार हेम सिंह, सीओ मवाना अब्दुल कादिर, बहसूमा, हस्तिनापुर और मवाना थाने की पुलिस भी पहुंच गई।
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सपा नेता अतुल प्रधान भी समर्थकों के साथ आ गए। मृतक के परिजन आर्थिक सहायता में 20 लाख रुपये और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। दो घंटे चले हंगामे के बाद अतुल प्रधान और एसपी देहात ने आश्वासन दिया कि जो भी आर्थिक मदद होगी, शासन से उसे दिलाया जाएगा। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ फलावदा ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई रवि ने गांव के ही जतिन चौधरी व विशाल पुत्रगण देवेंद्र और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दो दिन पहले हुआ था विवाद
सुनील के भाई विकास ने एसपी देहात को बताया कि सुनील की दो दिन पूर्व जतिन चौधरी के साथ मामूली कहासुनी हो गई थी। जतिन पक्ष के लोग एक युवक को पीट रहे थे, जिसका सुनील ने विरोध किया था। तब जतिन धमकी देकर चला गया था। जतिन ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की है। सुनील के दो बेटे और एक बेटी है। तीनों बच्चों की मां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी है।
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फलावदा थाना क्षेत्र के पिलौना निवासी दलित विकलांग सुनील (35) पुत्र धर्मवीर भैंसा-बुग्गी चलाकर परिवार का पालन पोषण करता था। शुक्रवार दोपहर सुनील गांव में ही शेखर के घर रेत डालकर लौट रहा था। आरोप है कि रास्ते में गांव निवासी जतिन चौधरी पुत्र देवेंद्र ने अपने साथियों के साथ मिलकर सुनील को रोक लिया। मारपीट कर भैंगा-बुग्गी से उतार लिया। इसके बाद सुनील के सीने में गोली मार दी और फरार हो गए। दिनदहाड़े हत्या से गांव में सनसनी फैल गई।
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दलित समाज के लोगों ने फलावदा-मवाना मार्ग पर शव रख दिया और हंगामा व नारेबाजी करने लगे। मौके पर पहुंचे फलावदा एसओ ने जाम खुलवाने की कोशिश की, तो ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए। पुलिस ने सख्ती की तो भीड़ भड़क गई और आने-जाने वाले वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश की। सीओ किठौर रितेश कुमार, एसपी देहात डा. प्रवीन रंजन सिंह, तहसीलदार हेम सिंह, सीओ मवाना अब्दुल कादिर, बहसूमा, हस्तिनापुर और मवाना थाने की पुलिस भी पहुंच गई।
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सपा नेता अतुल प्रधान भी समर्थकों के साथ आ गए। मृतक के परिजन आर्थिक सहायता में 20 लाख रुपये और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे। दो घंटे चले हंगामे के बाद अतुल प्रधान और एसपी देहात ने आश्वासन दिया कि जो भी आर्थिक मदद होगी, शासन से उसे दिलाया जाएगा। जिसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। एसओ फलावदा ने बताया कि मृतक के चचेरे भाई रवि ने गांव के ही जतिन चौधरी व विशाल पुत्रगण देवेंद्र और दो अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दो दिन पहले हुआ था विवाद
सुनील के भाई विकास ने एसपी देहात को बताया कि सुनील की दो दिन पूर्व जतिन चौधरी के साथ मामूली कहासुनी हो गई थी। जतिन पक्ष के लोग एक युवक को पीट रहे थे, जिसका सुनील ने विरोध किया था। तब जतिन धमकी देकर चला गया था। जतिन ने ही अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की है। सुनील के दो बेटे और एक बेटी है। तीनों बच्चों की मां पहले ही घर छोड़कर जा चुकी है।