फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   murder for dowry in meerut

सपा नेता के गनर ने दहेज के लिए पत्नी को मार डाला

Tue, 10 Nov 2015 01:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ Updated Tue, 10 Nov 2015 01:52 AM IST
विज्ञापन
murder for dowry in meerut

सपा नेता रफीक अंसारी के गनर ने सोमवार सुबह पुलिस लाइन के क्वार्टर में अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसे आत्महत्या दर्शाने के लिए शव को पंखे पर लटकाकर गनर ने पुलिस अफसरों को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंचे मायके वालों ने सिपाही के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में केस दर्ज कराया है। पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया।

विज्ञापन


गांव पागवड़े जिला संभल निवासी यूपी पुलिस में कांस्टेबल वली हसन की शादी संभल के ही गांव गुमसामी निवासी महताब (25) के साथ वर्ष 2007 में हुई थी। वली हसन इस समय पुलिस लाइन के ओ ब्लॉक में पत्नी और तीन बच्चों रूबी उलहसन (6), नबी उलहसन (4) व शकीब उल हसन (11 माह) के साथ रह रहा था। वली हसन हथकरघा विभाग के सलाहकार एवं सपा नेता रफीक अंसारी का गनर है। सोमवार सुबह करीब 8:20 बजे वली हसन अपने दो बच्चों को हावर्ड स्कूल सिविल लाइन में छोड़ने गया था।
विज्ञापन


कांस्टेबल का दावा कि करीब 20 मिनट बाद वापस लौटा तो पत्नी महताब पंखे पर लटकी थी। कांस्टेबल की चीख पुकार सुनकर आसपास के क्वार्टर में रहने वाले लोग भी दौड़कर आए। लोगों ने महताब को पंखे से उतारा और निजी अस्पताल में ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर सूचना पर सपा नेता रफीक अंसारी और सिविल लाइन पुलिस भी पहुंच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


महताब की मौत की पुष्टि होने पर सिविल लाइन पुलिस ने मायके वालों को जानकारी दी। देर शाम मायके वाले थाने पहुंचे और सिपाही वली हसन पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाकर हत्या का केस दर्ज कराया। जिस पर पुलिस ने सिपाही को गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइन इंस्पेक्टर इकबाल अहमद कलीम का कहना है मामला गंभीर है। महिला की मौत के कारणों की जांच कराई जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed