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‘मम्मी मैं दोस्त की बहन का कन्यादान करने जा रहा हूं’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 30 May 2016 02:18 AM IST
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मर्चारी में खड़े परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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मम्मी मैं अपने दोस्त की बहन की शादी में कन्यादान करने जा रहा हूं। रात में दोस्तों के साथ घर आ जाऊंगा। रविवार रात शादी में जाने के लिए घर से निकलते समय दीपक ने अपनी मां ओमवीरी से ये अंतिम शब्द कहे थे। उस समय पिता ब्रजवीर चौधरी भी घर पर मौजूद थे। लेकिन उन्हें नहीं पता था कि उनका लाडला अब कभी घर नहीं लौटेगा।
ब्रजवीर चौधरी के दो बेटे दीपक उर्फ रवि और कवि के अलावा चार बेटी हैं। दीपक पुलिस या एअरफोर्स में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था, लेकिन वह सपना बनकर ही रह गया।
ब्रजवीर ने मोर्चरी पर बिलखते हुए कहा कि वह बेटे को लेकर कोई चिंता नहीं करते थे। घर से निकलने से पहले दीपक ने बताया था कि पापा मेरे साथ चचेरा भाई सहदेव, दोस्त गौरव, टिंकू भी हैं, चिंता की जरूरत नहीं है।
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जिसके बाद मां और पिता ने बेटे को कन्यादान के लिए पैसे भी दिए थे। मौत की सूचना मिलते ही पूरा परिवार टूट गया। पिता ने रोते हुए कहा कि उनके नसीब में कुछ ऐसा ही लिखा था, जो उन्हें यह दिन देखने को मिला है।
अपना हित साधती है पुलिस
मेरठ। पुलिस अफसरों ने डीजीपी के आदेश भी ताक पर रख दिए हैं। डीजीपी जावीद अहमद ने स्पष्ट कहा था कि यदि हर्ष फायरिंग हुई तो इसका जिम्मेदार संबंधित क्षेत्र का थानेदार होगा।
लेकिन यह आदेश हवाई साबित हुए। हर्ष फायरिंग की घटना में कोई थानेदार निलंबित तो दूर, लाइन हाजिर भी नहीं हुआ। जबकि पांच माह में जिले में ऐसी छह घटनाएं हो चुकी हैं।
पुलिस इसकी आड़ में अपना हित साधती है। हर्ष फायरिंग में मौत होने के बाद रिपोर्ट हत्या की धारा में दर्ज होती है, लेकिन बाद में पुलिस इसे हादसा बता देती है। पहले तो पुलिस केस दर्ज नहीं करती। करती भी है तो कार्रवाई के बजाय दोनों पक्षों में जबरन समझौते पर तुल जाती है।
हर्ष फायरिंग की घटनाएं
- 20 अप्रैल : फलावदा के समसपुर गांव में सगाई समारोह में हर्ष फायरिंग में प्रदीप फौजी को गोली लगी। पुलिस ने कार्रवाई के बजाय उल्टे दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
- 19 अप्रैल : खरखौदा के चंदसारा गांव में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में छात्र अतुल को गोली लगी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कोई गिरफ्तारी नहीं की।
- 9 मार्च : फलावदा के नेडू गांव में सगाई समारोह में हर्ष फायरिंग में रागिनी गायक जोगेंद्र की मौत हो गई थी। एक युवक भी गंभीर घायल हुआ था। पुलिस ने अरुण निवासी उलखपुर इंचौली को नामजद किया, कार्रवाई नहीं।
- 23 फरवरी : काजीपुर में घुड़चढ़ी के दौरान हर्ष फायरिंग में किशोर समेत दो को गोली लगी थी। कार्रवाई नहीं।
- 29 जनवरी : सरधना के भामौरी गांव में शादी में डीजे पर डांस के दौरान गोली लगने से युवक घायल हुआ।
- 6 जनवरी : पल्लवपुरम फेज टू में बर्थ डे पार्टी में किशोर गोली लगने से घायल हुआ। कार्रवाई नहीं
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ब्रजवीर चौधरी के दो बेटे दीपक उर्फ रवि और कवि के अलावा चार बेटी हैं। दीपक पुलिस या एअरफोर्स में भर्ती होने की तैयारी कर रहा था, लेकिन वह सपना बनकर ही रह गया।
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ब्रजवीर ने मोर्चरी पर बिलखते हुए कहा कि वह बेटे को लेकर कोई चिंता नहीं करते थे। घर से निकलने से पहले दीपक ने बताया था कि पापा मेरे साथ चचेरा भाई सहदेव, दोस्त गौरव, टिंकू भी हैं, चिंता की जरूरत नहीं है।
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जिसके बाद मां और पिता ने बेटे को कन्यादान के लिए पैसे भी दिए थे। मौत की सूचना मिलते ही पूरा परिवार टूट गया। पिता ने रोते हुए कहा कि उनके नसीब में कुछ ऐसा ही लिखा था, जो उन्हें यह दिन देखने को मिला है।
अपना हित साधती है पुलिस
मेरठ। पुलिस अफसरों ने डीजीपी के आदेश भी ताक पर रख दिए हैं। डीजीपी जावीद अहमद ने स्पष्ट कहा था कि यदि हर्ष फायरिंग हुई तो इसका जिम्मेदार संबंधित क्षेत्र का थानेदार होगा।
लेकिन यह आदेश हवाई साबित हुए। हर्ष फायरिंग की घटना में कोई थानेदार निलंबित तो दूर, लाइन हाजिर भी नहीं हुआ। जबकि पांच माह में जिले में ऐसी छह घटनाएं हो चुकी हैं।
पुलिस इसकी आड़ में अपना हित साधती है। हर्ष फायरिंग में मौत होने के बाद रिपोर्ट हत्या की धारा में दर्ज होती है, लेकिन बाद में पुलिस इसे हादसा बता देती है। पहले तो पुलिस केस दर्ज नहीं करती। करती भी है तो कार्रवाई के बजाय दोनों पक्षों में जबरन समझौते पर तुल जाती है।
हर्ष फायरिंग की घटनाएं
- 20 अप्रैल : फलावदा के समसपुर गांव में सगाई समारोह में हर्ष फायरिंग में प्रदीप फौजी को गोली लगी। पुलिस ने कार्रवाई के बजाय उल्टे दोनों पक्षों में समझौता करा दिया।
- 19 अप्रैल : खरखौदा के चंदसारा गांव में शादी समारोह के दौरान हर्ष फायरिंग में छात्र अतुल को गोली लगी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने के बाद कोई गिरफ्तारी नहीं की।
- 9 मार्च : फलावदा के नेडू गांव में सगाई समारोह में हर्ष फायरिंग में रागिनी गायक जोगेंद्र की मौत हो गई थी। एक युवक भी गंभीर घायल हुआ था। पुलिस ने अरुण निवासी उलखपुर इंचौली को नामजद किया, कार्रवाई नहीं।
- 23 फरवरी : काजीपुर में घुड़चढ़ी के दौरान हर्ष फायरिंग में किशोर समेत दो को गोली लगी थी। कार्रवाई नहीं।
- 29 जनवरी : सरधना के भामौरी गांव में शादी में डीजे पर डांस के दौरान गोली लगने से युवक घायल हुआ।
- 6 जनवरी : पल्लवपुरम फेज टू में बर्थ डे पार्टी में किशोर गोली लगने से घायल हुआ। कार्रवाई नहीं