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मोनू के साथी और पनाहगारों की तलाश में दबिश
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Mon, 03 Oct 2016 02:48 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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कुख्यात मोनू जाट के पकड़े जाने के बाद अब उसके गैंग के आधा दर्जन बदमाश और पनाहगार पुलिस के रडार पर आ गए हैं। इनकी धरपकड़ के लिए रविवार को पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमों ने मेरठ, बागपत और शामली में ताबड़तोड़ दबिश दीं।
सोनीपत में मोनू जाट से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मोनू 15 मई के बाद से अपने गांव में काफी कम रहा। वह बागपत के टीकरी और शामली जिले के कांधला क्षेत्र के एक गांव में अधिक रहा। मोनू से पूछताछ कर लौटे सीओ सरधना ब्रिजेश कुमार के अनुसार रोहटा में किसान दंपति और चमड़ा व्यापारी की हत्या से एक दिन पहले वह नितिन टीकरी और साथियों के साथ रोहटा गांव पहुंचा था। जहां उसे गांव में ही उसके एक नजदीकी ने न केवल पनाह दी, बल्कि उनके खाने पीने का इंतजाम किया। किसान दंपति की हत्या के वक्त मोनू के साथ टीकरी और रोहटा के उसके कुछ सहयोगी साथ रहे। जो घटनास्थल से कुछ दूरी पर खडे़ थे, ताकि गांव में किसी तरह का विरोध होने पर पलटवार कर सकें।
पुलिस के अनुसार सुरेश की हत्या करने के लिए मोनू और नितिन कांधला क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले अपने सहयोगी के साथ उसकी गाड़ी से गांव में आए थे। हत्या के वक्त उनका साथी गाड़ी लेकर गांव के बाहर खड़ा था। यह लोग गांव के जंगल से होते हुए उसकी गाड़ी में बैठकर उसके साथ कांधला क्षेत्र में भाग गए थे।
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भूमिगत हो गए सहयोगी
पुलिस के अनुसार अभी तक की पड़ताल में इस गैंग के छह लोगों के नाम पता चले हैं। इनमें कुछ हत्या के वक्त मोनू के साथ थे, जबकि कुछ ने उन्हें अपने यहां पनाह दी और खाने पीने का इंतजाम किया था। जो रोहटा, टीकरी और गुराना के अलावा शामली के कांधला क्षेत्र के रहने वाले हैं। मेरठ पुलिस की तीन टीमें इस संबंध में बागपत और शामली जनपदों में दबिश के लिए गई हैं। सूत्रों के अनुसार पता चला कि मोनू की गिरफ्तारी की भनक लगते ही ये सभी भूमिगत हो गए हैं।
मेरठ में हत्या कांधला में पनाह
सीओ सरधना के अनुसार मोनू और नितिन की जेल में दोस्ती होने के बाद वह एक दूसरे से मिलते-जुलते रहे। बागपत के बड़ौत क्षेत्र के गुराना से भी उनका लिंक जुड़ा। कुछ और बदमाश उसके संपर्क में आए और उन्होंने गैंग खड़ा कर लिया। हत्या के बाद कांधला क्षेत्र के गांव में यह लोग पनाह लेते थे।
कपिल और शेखर की तलाश में दबिश
बागपत पुलिस ने भी मोनू और नितिन से पूछताछ के बाद उनके साथियों और मददगारों की सूची तैयार की है। इनमें कई रोहटा, टीकरी कस्बा, गुराना, मलकपुर, हिलवाड़ी, भभीसा (शामली) आदि कई गांव के हैं। जिनमें मुख्य रूप से गुराना गांव के पूर्व प्रधान कपिल चौधरी और शेखर निवासी रोहटा शामिल हैं। ये दोनों आरोपी टीकरी कस्बा के किसान लाल बहादुर सिंह की हत्या में शामिल रहे हैं। सीओ ने बताया कि जल्द ही ये पकड़ में आ जाएंगे।
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सोनीपत में मोनू जाट से पूछताछ में पुलिस को पता चला कि मोनू 15 मई के बाद से अपने गांव में काफी कम रहा। वह बागपत के टीकरी और शामली जिले के कांधला क्षेत्र के एक गांव में अधिक रहा। मोनू से पूछताछ कर लौटे सीओ सरधना ब्रिजेश कुमार के अनुसार रोहटा में किसान दंपति और चमड़ा व्यापारी की हत्या से एक दिन पहले वह नितिन टीकरी और साथियों के साथ रोहटा गांव पहुंचा था। जहां उसे गांव में ही उसके एक नजदीकी ने न केवल पनाह दी, बल्कि उनके खाने पीने का इंतजाम किया। किसान दंपति की हत्या के वक्त मोनू के साथ टीकरी और रोहटा के उसके कुछ सहयोगी साथ रहे। जो घटनास्थल से कुछ दूरी पर खडे़ थे, ताकि गांव में किसी तरह का विरोध होने पर पलटवार कर सकें।
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पुलिस के अनुसार सुरेश की हत्या करने के लिए मोनू और नितिन कांधला क्षेत्र के एक गांव के रहने वाले अपने सहयोगी के साथ उसकी गाड़ी से गांव में आए थे। हत्या के वक्त उनका साथी गाड़ी लेकर गांव के बाहर खड़ा था। यह लोग गांव के जंगल से होते हुए उसकी गाड़ी में बैठकर उसके साथ कांधला क्षेत्र में भाग गए थे।
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भूमिगत हो गए सहयोगी
पुलिस के अनुसार अभी तक की पड़ताल में इस गैंग के छह लोगों के नाम पता चले हैं। इनमें कुछ हत्या के वक्त मोनू के साथ थे, जबकि कुछ ने उन्हें अपने यहां पनाह दी और खाने पीने का इंतजाम किया था। जो रोहटा, टीकरी और गुराना के अलावा शामली के कांधला क्षेत्र के रहने वाले हैं। मेरठ पुलिस की तीन टीमें इस संबंध में बागपत और शामली जनपदों में दबिश के लिए गई हैं। सूत्रों के अनुसार पता चला कि मोनू की गिरफ्तारी की भनक लगते ही ये सभी भूमिगत हो गए हैं।
मेरठ में हत्या कांधला में पनाह
सीओ सरधना के अनुसार मोनू और नितिन की जेल में दोस्ती होने के बाद वह एक दूसरे से मिलते-जुलते रहे। बागपत के बड़ौत क्षेत्र के गुराना से भी उनका लिंक जुड़ा। कुछ और बदमाश उसके संपर्क में आए और उन्होंने गैंग खड़ा कर लिया। हत्या के बाद कांधला क्षेत्र के गांव में यह लोग पनाह लेते थे।
कपिल और शेखर की तलाश में दबिश
बागपत पुलिस ने भी मोनू और नितिन से पूछताछ के बाद उनके साथियों और मददगारों की सूची तैयार की है। इनमें कई रोहटा, टीकरी कस्बा, गुराना, मलकपुर, हिलवाड़ी, भभीसा (शामली) आदि कई गांव के हैं। जिनमें मुख्य रूप से गुराना गांव के पूर्व प्रधान कपिल चौधरी और शेखर निवासी रोहटा शामिल हैं। ये दोनों आरोपी टीकरी कस्बा के किसान लाल बहादुर सिंह की हत्या में शामिल रहे हैं। सीओ ने बताया कि जल्द ही ये पकड़ में आ जाएंगे।