दंगे में गवाह शख्स को गोलियों से भूना, मुजफ्फरनगर दंगे के दौरान की गई थी दो भाइयों की हत्या
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मुजफ्फरनगर में इंदिरा मूर्ति के निकट बाइक सवार तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर दूधिया असबाब (31) की हत्या कर दी। भागते हमलावरों का एक देसी पिस्टल भी मौके पर ही छूट गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। वर्ष 2013 में दंगे के दौरान असबाब के दो भाइयों की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में वह गवाह थे, असबाब की हत्या को उसी घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। देर रात एसएसपी सुधीर कुमार सिंह व एसपी सिटी सतपाल अंतिल ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
फिलहाल असबाब खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में रह रहे थे और वह खेड़ी तगान से दूध लाकर कस्बे में घंटाघर के पास स्थित अग्रवाल दूध डेयरी पर सप्लाई करते थे। सोमवार रात करीब आठ बजे वह दूध की केन लेकर अग्रवाल डेयरी पर पहुंचे, तभी बाइक सवार तीन हमलावरों उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। उन्हें तीन गोली बगल में और एक सिर में लगी और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सूचना पर सीओ आशीष प्रताप सिंह व इंस्पेक्टर हरसरण शर्मा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और लाश को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया। असबाब के दो सगे भाइयों शाहिद व नवाब की सांप्रदायिक दंगे के दौरान नौ सितंबर 2013 को हत्या कर दी गई थी। इस मामले में असबाब वादी था। इस घटना के बाद असबाब ने परिजनों के साथ गांव छोड़ दिया था और खतौली के मोहल्ला इस्लामनगर में आकर रहने लगा था। फिलहाल यह मामला कोर्ट में विचाराधीन है और 25 मार्च को सुनवाई होनी थी।
एसपी सिटी सतपाल अंतिल का कहना है कि उक्त मुकदमे की भी जानकारी ली जा रही है। विभिन्न बिंदुओं पर जांच की जा रही है, आरोपियों की तलाश के लिए टीम का गठन किया गया है।
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