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मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों ने तीमारदार को पीटा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Sun, 17 Jan 2016 01:45 AM IST
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मेडिकल कॉलेज अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों पर शनिवार को फिर एक तीमारदार को पीटने के आरोप लगे हैं। विवाद महज ग्लूकोज की खाली बोतल न हटाने पर शुरू हुआ था। आरोप है कि तीमारदार को कॉलर पकड़कर आईसीसीयू से घसीटकर लाया गया। फिर लात-घूंसों से पीटकर पीछे के रास्ते से निकालकर बाहर फेंक दिया गया। तीमारदार ने ईएमओ डॉ. अजीत चौधरी और कॉलेज के अन्य अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
समर गार्डन निवासी राशिद ने बताया कि उनके ससुर की मां जरीना हार्ट की बीमारी के चलते मेडिकल अस्पताल के आईसीसीयू में भर्ती हैं। जिन्हें देखने वह शनिवार सुबह करीब नौ बजे गया था। जब पहुंचा तो मरीज को दूसरे बेड पर शिफ्ट किया जा रहा था। आरोप है कि उस बेड पर पहले से ग्लूकोज की खाली बोतल लटकी थी।
जूनियर डॉक्टर ने उसे वहां से बोतल न हटाने पर डांटना शुरू कर दिया। राशिद ने कह दिया कि हमारा मरीज को अभी इस बेड पर शिफ्ट हो रहा है। उसे क्या पता कि बोतल किसकी है। फिर यह मेरा काम भी नहीं है। आरोप है कि बोतल न हटाने पर जूनियर डॉक्टर राशिद पर भड़क गए। और आईसीसीयू से बाहर लाकर उसे बुरी तरह से पीटा। अन्य मरीजों ने डॉक्टरों का विरोध किया, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।
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पूर्व विधायक ने भर्ती कराया
मामला तूल पकड़ता देख आईसीसीयू के मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया तो जरीना को डिस्चार्ज कर दिया गया। राशिद ने इसकी जानकारी सपा नेता आदिल चौधरी और पूर्व विधायक परवेज हलीम को दी। जिस पर पूर्व विधायक ने सीएमएस डॉ. सुभाष सिंह को फोन कर मरीज को दोबारा भर्ती कराया। आरोप है कि मरीज की ट्रीटमेंट की फाइल भी गायब कर दी गई, जो शाम तक नहीं मिली। राशिद के अनुसार सोमवार को इस मामले में क्षेत्रीय लोगों के साथ प्राचार्य का घेराव किया जाएगा।
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समर गार्डन निवासी राशिद ने बताया कि उनके ससुर की मां जरीना हार्ट की बीमारी के चलते मेडिकल अस्पताल के आईसीसीयू में भर्ती हैं। जिन्हें देखने वह शनिवार सुबह करीब नौ बजे गया था। जब पहुंचा तो मरीज को दूसरे बेड पर शिफ्ट किया जा रहा था। आरोप है कि उस बेड पर पहले से ग्लूकोज की खाली बोतल लटकी थी।
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जूनियर डॉक्टर ने उसे वहां से बोतल न हटाने पर डांटना शुरू कर दिया। राशिद ने कह दिया कि हमारा मरीज को अभी इस बेड पर शिफ्ट हो रहा है। उसे क्या पता कि बोतल किसकी है। फिर यह मेरा काम भी नहीं है। आरोप है कि बोतल न हटाने पर जूनियर डॉक्टर राशिद पर भड़क गए। और आईसीसीयू से बाहर लाकर उसे बुरी तरह से पीटा। अन्य मरीजों ने डॉक्टरों का विरोध किया, लेकिन उन्होंने किसी की नहीं सुनी।
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पूर्व विधायक ने भर्ती कराया
मामला तूल पकड़ता देख आईसीसीयू के मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट कर दिया गया तो जरीना को डिस्चार्ज कर दिया गया। राशिद ने इसकी जानकारी सपा नेता आदिल चौधरी और पूर्व विधायक परवेज हलीम को दी। जिस पर पूर्व विधायक ने सीएमएस डॉ. सुभाष सिंह को फोन कर मरीज को दोबारा भर्ती कराया। आरोप है कि मरीज की ट्रीटमेंट की फाइल भी गायब कर दी गई, जो शाम तक नहीं मिली। राशिद के अनुसार सोमवार को इस मामले में क्षेत्रीय लोगों के साथ प्राचार्य का घेराव किया जाएगा।