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यूनिवर्सिटी के छात्रों ने मांगी थी भदौड़ा के नाम पर रंगदारी
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 09 Nov 2015 02:22 AM IST
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कुख्यात योगेश भदौड़ा के नाम पर डॉ. पीयूष गुप्ता से 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले के तार दो छात्रनेताओं के नाम से जुड़ रहे हैं। पुलिस ने दोनों छात्र नेताओं से पूछताछ की। हालांकि, पुलिस फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। वहीं, पुलिस रविवार को भी सर्विलांस के जरिए नंबरों की पड़ताल करती रही। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। अभी कोई कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है।
गौरतलब है कि 6 नवंबर को रेलवे रोड थाना क्षेत्र के आनंदपुरी निवासी डॉ. पीयूष गुप्ता के विमलश्री अस्पताल में मरीज बनकर आए एक बदमाश ने कुख्यात योगेश भदौड़ा के नाम पर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। डॉक्टर की तहरीर पर रेलवे रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अस्पताल से मिली सीसीटीवी फुटेज में बदमाश का चेहरा साफ नहीं होने के कारण पुलिस उसकी पहचान नहीं कर सकी। डॉक्टर से पूछताछ और कुछ नंबरों की डिटेल निकलने के बाद पुलिस के शक की सुई रविवार को दो छात्र नेताओं पर जाकर अटक गई।
सूत्रों की मानें तो एक छात्र नेता जहां समाजवादी छात्र सभा से जुड़ा है, वहीं दूसरा छात्र नेता रालोद से जुड़ा है। दो छात्र नेताओं के नाम सामने आने से आईएमए के पदाधिकारियों में भी सक्रियता बढ़ गई है। एएसपी सिद्धार्थ मीणा शंकर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूछताछ की जा रही है। हालांकि उन्होंने छात्र नेताओं से पूछताछ की बात से इंकार किया। उधर, आईएमए के अध्यक्ष तनुराज सिरोही का कहना है कि मुझे ऐसा जानने में आया है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं दी है। एसएसपी डीसी दूबे का कहना है कि जांच के लिए थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।
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गौरतलब है कि 6 नवंबर को रेलवे रोड थाना क्षेत्र के आनंदपुरी निवासी डॉ. पीयूष गुप्ता के विमलश्री अस्पताल में मरीज बनकर आए एक बदमाश ने कुख्यात योगेश भदौड़ा के नाम पर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। डॉक्टर की तहरीर पर रेलवे रोड थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। अस्पताल से मिली सीसीटीवी फुटेज में बदमाश का चेहरा साफ नहीं होने के कारण पुलिस उसकी पहचान नहीं कर सकी। डॉक्टर से पूछताछ और कुछ नंबरों की डिटेल निकलने के बाद पुलिस के शक की सुई रविवार को दो छात्र नेताओं पर जाकर अटक गई।
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सूत्रों की मानें तो एक छात्र नेता जहां समाजवादी छात्र सभा से जुड़ा है, वहीं दूसरा छात्र नेता रालोद से जुड़ा है। दो छात्र नेताओं के नाम सामने आने से आईएमए के पदाधिकारियों में भी सक्रियता बढ़ गई है। एएसपी सिद्धार्थ मीणा शंकर ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पूछताछ की जा रही है। हालांकि उन्होंने छात्र नेताओं से पूछताछ की बात से इंकार किया। उधर, आईएमए के अध्यक्ष तनुराज सिरोही का कहना है कि मुझे ऐसा जानने में आया है। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं दी है। एसएसपी डीसी दूबे का कहना है कि जांच के लिए थाना पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच को लगाया गया है।
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