{"_id":"219b8c288d9b1e5f476dffad158dc8d9","slug":"meerut-crime-news-hindi-news-196","type":"story","status":"publish","title_hn":"डीएम ऑफिस घेरा, एडीएम से झड़प","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
डीएम ऑफिस घेरा, एडीएम से झड़प
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:54 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बांबे बाजार स्थित मॉडल शॉप के सेल्समैन पंकज की हत्या के मामले में परिजनों ने विभिन्न संगठनों के साथ डीएम कार्यालय पर जमकर हंगामा किया। लोगों ने जहां पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया वहीं मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र में भी अधिकारियों द्वारा संवेदनहीनता बरतने पर आक्रोश जताया। इस दौरान लोगों की एडीएम सिटी से झड़प हुई। डीएम ने किसी तरह मामला शांत किया और शीघ्र ही कार्रवाई का आश्वासन दिया।
12 फरवरी को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी पंकज की बांबे बाजार स्थित मॉडल शॉप पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को पंकज के परिजनों के साथ भाजपा, विहिप और क्षत्रिय विकास सभा ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। डीएम ऑफिस में घुसने को लेकर कलक्ट्रेट चौकी इंचार्ज से तीखी नोकझोंक हुई। काफी जद्दोजहद के बाद एक प्रतिनिधिमंडल को भीतर जाने की इजाजत मिली।
डीएम पंकज यादव से भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पंकज मलिक, विहिप नेता सुदर्शन चक्र, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुंवर बासित अली, ठा. चंद्रपाल कुराली आदि ने कहा कि पुलिस मामले में लापरवाही कर रही है। वहीं पीड़ित परिवार को मदद के नाम पर कुछ मिलना तो दूर उसके मृत्यु प्रमाण पत्र को देने में भी आनाकानी हो रही है।
विज्ञापन
मेरठ प्रशासन प्रमाण पत्र को जहां उसके मूल गांव बुढ़ाना से लेने की बात कर रहा है तो बुढ़ाना प्रशासन मेरठ में मृत्यु होने के कारण वहीं से लेने की बात कह रहा है। डीएम पंकज यादव ने मेरठ नगर निगम से शीघ्र ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन दिया।
‘ऐसा न हो, पंचायत में आकर देना पड़े मुआवजा’
डीएम से मिलने आया प्रतिनिधिमंडल जब पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने की बात कर रहा था, तो डीएम पंकज यादव ने एडीएम सिटी से कार्रवाई के लिए कहा। इस पर एडीएम सिटी एसके दूबे ने कहा कि मृतक बुढ़ाना का रहने वाला है, इसलिए इस पर मुजफ्फरनगर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
इसके साथ ही उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र भी बुढ़ाना से ही बनने की बात कह दी। इस बात पर बुढ़ाना से आए उमेश मलिक भड़क गए और कहा कि लड़का यहां मरा है तो मुजफ्फरनगर इसमें क्या करेगा। एडीएम सिटी भी थोड़ा तेज बोले तो उमेश मलिक ने कहा कि साहब हम कार्यालय में नहीं अपनी पंचायत में भी कागजों के साथ बुलाना जानते हैं।
ऐसा न हो कि पंचायत में आकर प्रशासन को मुआवजा देना पड़े। इस पर एडीएम सिटी चुप्पी साध गए और डीएम पंकज यादव ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि एडीएम सिटी ने बुढ़ाना के बीडीओ से बात कर मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने को कहा। तभी डीएम के पेशकार ने बताया कि मृत्यु जहां होती है, प्रमाण पत्र वहीं से जारी होता है। इस पर डीएम ने पेशकार से नगर निगम के माध्यम से शीघ्र प्रमाण पत्र जारी कराने को कहा।
आईजी ऑफिस पर भी किया हंगामा
पंकज की परिजनों परिवार ने आईजी ऑफिस पर भी हंगामा किया। वहां सेल्समैन की पत्नी और मां बेहोश हो गई। जिस पर पुलिस में हड़कंप मच गया। आईजी ने सदर बाजार पुलिस को बुलाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कही।
पुलिस ने बताया कि इबने उर्फ सोनू, शहरयार उर्फ मोनू, जोनशिना उर्फ लाले उर्फ शोएब, वसीम मोइन उर्फ भांजा, बिलाल, जावेद, अंकित शर्मा समेत 15 लोगों के नाम उजागर किए थे। मंगलवार को सदर बाजार पुलिस ने दानिश और सालिक जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपी फरार हैं।
मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता नितिन मलिक, मेरठ भाजपा जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, क्षत्रिय विकास सभा के अध्यक्ष ठाकुर चंद्रपाल सिंह और महानगर अध्यक्ष कुलदीप तोमर ने आंदोलन की धमकी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर खुलासा सही नहीं हुआ तो मुजफ्फरनगर में पंचायत होगी। आरोप लगाया कि पंकज हत्याकांड में मुख्य आरोपी एक सपा नेता के संरक्षण में है।
विज्ञापन
12 फरवरी को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी पंकज की बांबे बाजार स्थित मॉडल शॉप पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बृहस्पतिवार को पंकज के परिजनों के साथ भाजपा, विहिप और क्षत्रिय विकास सभा ने डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन किया। डीएम ऑफिस में घुसने को लेकर कलक्ट्रेट चौकी इंचार्ज से तीखी नोकझोंक हुई। काफी जद्दोजहद के बाद एक प्रतिनिधिमंडल को भीतर जाने की इजाजत मिली।
विज्ञापन
डीएम पंकज यादव से भाजपा जिलाध्यक्ष शिवकुमार राणा, पंकज मलिक, विहिप नेता सुदर्शन चक्र, अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष कुंवर बासित अली, ठा. चंद्रपाल कुराली आदि ने कहा कि पुलिस मामले में लापरवाही कर रही है। वहीं पीड़ित परिवार को मदद के नाम पर कुछ मिलना तो दूर उसके मृत्यु प्रमाण पत्र को देने में भी आनाकानी हो रही है।
विज्ञापन
मेरठ प्रशासन प्रमाण पत्र को जहां उसके मूल गांव बुढ़ाना से लेने की बात कर रहा है तो बुढ़ाना प्रशासन मेरठ में मृत्यु होने के कारण वहीं से लेने की बात कह रहा है। डीएम पंकज यादव ने मेरठ नगर निगम से शीघ्र ही मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन दिया।
‘ऐसा न हो, पंचायत में आकर देना पड़े मुआवजा’
डीएम से मिलने आया प्रतिनिधिमंडल जब पीड़ित परिवार को मुआवजा देने और मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने की बात कर रहा था, तो डीएम पंकज यादव ने एडीएम सिटी से कार्रवाई के लिए कहा। इस पर एडीएम सिटी एसके दूबे ने कहा कि मृतक बुढ़ाना का रहने वाला है, इसलिए इस पर मुजफ्फरनगर प्रशासन कार्रवाई करेगा।
इसके साथ ही उन्होंने मृत्यु प्रमाण पत्र भी बुढ़ाना से ही बनने की बात कह दी। इस बात पर बुढ़ाना से आए उमेश मलिक भड़क गए और कहा कि लड़का यहां मरा है तो मुजफ्फरनगर इसमें क्या करेगा। एडीएम सिटी भी थोड़ा तेज बोले तो उमेश मलिक ने कहा कि साहब हम कार्यालय में नहीं अपनी पंचायत में भी कागजों के साथ बुलाना जानते हैं।
ऐसा न हो कि पंचायत में आकर प्रशासन को मुआवजा देना पड़े। इस पर एडीएम सिटी चुप्पी साध गए और डीएम पंकज यादव ने स्थिति को संभालते हुए कहा कि एडीएम सिटी ने बुढ़ाना के बीडीओ से बात कर मृत्यु प्रमाण पत्र दिलाने को कहा। तभी डीएम के पेशकार ने बताया कि मृत्यु जहां होती है, प्रमाण पत्र वहीं से जारी होता है। इस पर डीएम ने पेशकार से नगर निगम के माध्यम से शीघ्र प्रमाण पत्र जारी कराने को कहा।
आईजी ऑफिस पर भी किया हंगामा
पंकज की परिजनों परिवार ने आईजी ऑफिस पर भी हंगामा किया। वहां सेल्समैन की पत्नी और मां बेहोश हो गई। जिस पर पुलिस में हड़कंप मच गया। आईजी ने सदर बाजार पुलिस को बुलाकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजने की बात कही।
पुलिस ने बताया कि इबने उर्फ सोनू, शहरयार उर्फ मोनू, जोनशिना उर्फ लाले उर्फ शोएब, वसीम मोइन उर्फ भांजा, बिलाल, जावेद, अंकित शर्मा समेत 15 लोगों के नाम उजागर किए थे। मंगलवार को सदर बाजार पुलिस ने दानिश और सालिक जेल भेज दिया। जबकि मुख्य आरोपी फरार हैं।
मुजफ्फरनगर के भाजपा नेता नितिन मलिक, मेरठ भाजपा जिलाध्यक्ष शिव कुमार राणा, क्षत्रिय विकास सभा के अध्यक्ष ठाकुर चंद्रपाल सिंह और महानगर अध्यक्ष कुलदीप तोमर ने आंदोलन की धमकी दी। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर खुलासा सही नहीं हुआ तो मुजफ्फरनगर में पंचायत होगी। आरोप लगाया कि पंकज हत्याकांड में मुख्य आरोपी एक सपा नेता के संरक्षण में है।