{"_id":"580e60814f1c1b057fbc1df7","slug":"maasoom-ki-sir-kuchalkar","type":"story","status":"publish","title_hn":"मासूम की सिर कुचलकर हत्या, सैन्य फार्म में मिली लाश ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मासूम की सिर कुचलकर हत्या, सैन्य फार्म में मिली लाश
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Tue, 25 Oct 2016 02:09 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कैंट स्थित सोफीपुर गांव के समीप सैन्य फार्म में सोमवार दोपहर नौ साल के मासूम का खून से लथपथ शव मिलने से सनसनी फैल गई। मासूम का बड़ी निर्ममता से पत्थर से सिर कुचला गया था। पुलिस ने शव के पास ही खून से सना पत्थर बरामद किया। शव की पहचान देर रात दीपांशु पुत्र अमित उर्फ राजू निवासी नंगलाताशी कंकरखेड़ा के रूप में हुई।
रुड़की रोड स्थित सैन्य फार्म (सोफीपुर गांव के पास) खंडहर पड़ी बिल्डिंग है। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे बिल्डिंग के पास झाड़ियों में एक नशेड़ी युवक ने बच्चे की खून से लथपथ लाश देखकर सोफीपुर के ग्रामीणों को बताया। सूचना पर एएसपी कैंट सिद्धार्थ मीणा लालकुर्ती और पल्लवपुरम पुलिस के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में शव मोर्चरी भेज दिया गया।
पहचान मिटाने के लिए चेहरा बिगाड़ा
पुलिस के अनुसार मासूम का शरीर खून से लथपथ था। शव के पास ही खून से सना पत्थर पड़ा था। हत्या के बाद इस पत्थर से मासूम का सिर और चेहरा कुचला गया। ताकि शव की शिनाख्त न हो पाए। शरीर पर लोवर और टी-शर्ट काफी जगह से फटा हुआ था।
विज्ञापन
सलवार मिलने से रहस्य गहराया
पुलिस ने मौके से एक बटन और सलवार भी बरामद की। मासूम के हाथों पर नाखूनों और शरीर पर भी चोटों के निशान मिले। संभवत: मासूम ने हत्यारों से संघर्ष किया, जिसमें छीनाझपटी में टी-शर्ट यह बटन टूटकर गिरा होगा। हालांकि सलवार की मौजूदगी से मामला उलझ गया। पुलिस का मानना है कि हत्या रंजिशन भी हो सकती है या कोई गलत काम होते देख उसका विरोध करने पर भी की जा सकती है।
आधी रात को हुई पहचान
रात करीब 11 बजे लालकुर्ती पुलिस को कंट्रोल रूम से जानकारी मिली कि रविवार सुबह वायरलेस सेट पर कंकरखेड़ा से एक बच्चे के लापता होने की सूचना फ्लैश हुई। लालकुर्ती पुलिस ने कंकरखेड़ा पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस कुछ नहीं बोली। उसके बाद लालकुर्ती पुलिस ने कंट्रोल रूम से बच्चे के परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर परिजनों को फोन करके बुलाया। परिजनों ने आधी रात मोर्चरी पर जाकर शव की पहचान दीपांशु (9) के रूप में की। दीपांशु कक्षा तीन का छात्र था।
मौसेरे भाई के साथ गया था दीपांशु
पिता राजू ने बताया कि वह शनिवार सुबह पत्नी लीला के साथ डॉक्टर के यहां गया था। घर पर दीपांशु और उसका मौसेरा भाई काले (15) था। शाम को लौटे तो दोनों बच्चे गायब मिले। रात करीब 11 बजे काले तो लौट आया, लेकिन दीपांशु नहीं आया। मानसिक रूप से कमजोर काले ने बताया कि दीपांशु उसके साथ गया था, लेकिन पता नहीं कहां गायब हो गया।
तंत्र मंत्र का भी अंदेशा
बच्चे के शव का फोटो पुलिस ने परिजनों को दिखाया, लेकिन वह ठीक से नहीं पहचान सके। उसके बाद परिजनों ने मोर्चरी जाकर पहचान की। बेटे की लाश देखकर माता-पिता बेहोश हो गए। दीपांशु का बड़ा भाई विकास (12) है। बड़ी बहन नेहा की शादी हो चुकी है। परिजनों ने तंत्र-मंत्र का भी अंदेशा जताया है। हालांकि अभी तक किसी रंजिश या फिर विवाद परिजनों ने नहीं बताया।
कंकरखेड़ा पुलिस ने की मानवता तार तार
हाईकोर्ट का आदेश है कि बच्चों की गुमशुदगी के मामले में पुलिस तुरंत अपहरण की रिपोर्ट लिखकर गंभीरता से कार्रवाई करे। लेकिन दीपांशु के लापता होने पर कंकरखेड़ा पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर मानवता भी तार तार कर दी। दीपांशु शनिवार दोपहर से लापता था। काफी तलाशने के बाद दीपांशु के परिजनों ने इसकी जानकारी रविवार सुबह कंकरखेड़ा थाने जाकर दी। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की, बल्कि उनको थाने से भगा भी दिया।
कंकरखेड़ा पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर लेती तो दीपांशु की पहचान दोपहर को ही हो जाती। लालकुर्ती पुलिस के पूछने पर भी कंकरखेड़ा पुलिस ने उनको भ्रमित किया और ऐसा कोई भी जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। जबकि कंकरखेड़ा पुलिस ने वायरलेस सेट पर बच्चे के लापता होने की सूचना फ्लैश की थी।
मामला कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र का है। पीड़ित परिवार ने गुमशुदगी कंकरखेड़ा के नाम पर लिखी थी। इसके बावजूद भी कंकरखेड़ा पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती तो वह अपने थाने में दर्ज कर लेंगे।
मितलेश उपाध्याय, एसओ लालकुर्ती
---
हमारे यहां पर कोई तहरीर नहीं आई। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मामला लालकुर्ती थाने का है, वहीं पर दर्ज होना चाहिए।
यादराम यादव, एसओ लालकुर्ती
विज्ञापन
रुड़की रोड स्थित सैन्य फार्म (सोफीपुर गांव के पास) खंडहर पड़ी बिल्डिंग है। सोमवार दोपहर करीब 2:30 बजे बिल्डिंग के पास झाड़ियों में एक नशेड़ी युवक ने बच्चे की खून से लथपथ लाश देखकर सोफीपुर के ग्रामीणों को बताया। सूचना पर एएसपी कैंट सिद्धार्थ मीणा लालकुर्ती और पल्लवपुरम पुलिस के साथ पहुंचे। पुलिस ने शव की शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में शव मोर्चरी भेज दिया गया।
विज्ञापन
पहचान मिटाने के लिए चेहरा बिगाड़ा
पुलिस के अनुसार मासूम का शरीर खून से लथपथ था। शव के पास ही खून से सना पत्थर पड़ा था। हत्या के बाद इस पत्थर से मासूम का सिर और चेहरा कुचला गया। ताकि शव की शिनाख्त न हो पाए। शरीर पर लोवर और टी-शर्ट काफी जगह से फटा हुआ था।
विज्ञापन
सलवार मिलने से रहस्य गहराया
पुलिस ने मौके से एक बटन और सलवार भी बरामद की। मासूम के हाथों पर नाखूनों और शरीर पर भी चोटों के निशान मिले। संभवत: मासूम ने हत्यारों से संघर्ष किया, जिसमें छीनाझपटी में टी-शर्ट यह बटन टूटकर गिरा होगा। हालांकि सलवार की मौजूदगी से मामला उलझ गया। पुलिस का मानना है कि हत्या रंजिशन भी हो सकती है या कोई गलत काम होते देख उसका विरोध करने पर भी की जा सकती है।
आधी रात को हुई पहचान
रात करीब 11 बजे लालकुर्ती पुलिस को कंट्रोल रूम से जानकारी मिली कि रविवार सुबह वायरलेस सेट पर कंकरखेड़ा से एक बच्चे के लापता होने की सूचना फ्लैश हुई। लालकुर्ती पुलिस ने कंकरखेड़ा पुलिस से संपर्क किया, लेकिन पुलिस कुछ नहीं बोली। उसके बाद लालकुर्ती पुलिस ने कंट्रोल रूम से बच्चे के परिजनों का मोबाइल नंबर लेकर परिजनों को फोन करके बुलाया। परिजनों ने आधी रात मोर्चरी पर जाकर शव की पहचान दीपांशु (9) के रूप में की। दीपांशु कक्षा तीन का छात्र था।
मौसेरे भाई के साथ गया था दीपांशु
पिता राजू ने बताया कि वह शनिवार सुबह पत्नी लीला के साथ डॉक्टर के यहां गया था। घर पर दीपांशु और उसका मौसेरा भाई काले (15) था। शाम को लौटे तो दोनों बच्चे गायब मिले। रात करीब 11 बजे काले तो लौट आया, लेकिन दीपांशु नहीं आया। मानसिक रूप से कमजोर काले ने बताया कि दीपांशु उसके साथ गया था, लेकिन पता नहीं कहां गायब हो गया।
तंत्र मंत्र का भी अंदेशा
बच्चे के शव का फोटो पुलिस ने परिजनों को दिखाया, लेकिन वह ठीक से नहीं पहचान सके। उसके बाद परिजनों ने मोर्चरी जाकर पहचान की। बेटे की लाश देखकर माता-पिता बेहोश हो गए। दीपांशु का बड़ा भाई विकास (12) है। बड़ी बहन नेहा की शादी हो चुकी है। परिजनों ने तंत्र-मंत्र का भी अंदेशा जताया है। हालांकि अभी तक किसी रंजिश या फिर विवाद परिजनों ने नहीं बताया।
कंकरखेड़ा पुलिस ने की मानवता तार तार
हाईकोर्ट का आदेश है कि बच्चों की गुमशुदगी के मामले में पुलिस तुरंत अपहरण की रिपोर्ट लिखकर गंभीरता से कार्रवाई करे। लेकिन दीपांशु के लापता होने पर कंकरखेड़ा पुलिस ने हाईकोर्ट के आदेश को ताक पर रखकर मानवता भी तार तार कर दी। दीपांशु शनिवार दोपहर से लापता था। काफी तलाशने के बाद दीपांशु के परिजनों ने इसकी जानकारी रविवार सुबह कंकरखेड़ा थाने जाकर दी। पुलिस ने उसकी गुमशुदगी तक दर्ज नहीं की, बल्कि उनको थाने से भगा भी दिया।
कंकरखेड़ा पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर लेती तो दीपांशु की पहचान दोपहर को ही हो जाती। लालकुर्ती पुलिस के पूछने पर भी कंकरखेड़ा पुलिस ने उनको भ्रमित किया और ऐसा कोई भी जानकारी होने से साफ इंकार कर दिया। जबकि कंकरखेड़ा पुलिस ने वायरलेस सेट पर बच्चे के लापता होने की सूचना फ्लैश की थी।
मामला कंकरखेड़ा थानाक्षेत्र का है। पीड़ित परिवार ने गुमशुदगी कंकरखेड़ा के नाम पर लिखी थी। इसके बावजूद भी कंकरखेड़ा पुलिस रिपोर्ट दर्ज नहीं करती तो वह अपने थाने में दर्ज कर लेंगे।
मितलेश उपाध्याय, एसओ लालकुर्ती
---
हमारे यहां पर कोई तहरीर नहीं आई। मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मामला लालकुर्ती थाने का है, वहीं पर दर्ज होना चाहिए।
यादराम यादव, एसओ लालकुर्ती