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जड़ौदा और सिलौर के ग्रामीणों में सांप्रदायिक टकराव
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Wed, 12 Oct 2016 01:54 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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किठौर के गांव जड़ौदा और सिलौर के लोगों में मंगलवार को सांप्रदायिक टकराव हो गया। बुग्गी पर बैठकर हल्ला मचाने का विरोध करने जैसे मामूली विवाद पर ग्रामीणों ने सिलौर के तीन युवकों को गांव में बंधक बना लिया। इसकी जानकारी पर सिलौर के ग्रामीणों ने जडौदा के दूसरे समुदाय के दो युवकों को बंधक बना लिया। मामला गरमाने पर सीओ किठौर ने फोर्स के साथ पहुंचकर दोनों गांवों से युवकों को बंधन मुक्त कराया।
पुलिस के मुताबिक जड़ौदा गांव के तीन युवक मंगलवार शाम भैंसा बुग्गी पर हल्ला मचाते हुए जा रहे थे। इस दौरान सिलौर गांव के एक फौजी और ग्रामीणों ने युवकों को हल्ला मचाने से मना किया तो दोनों के बीच नोकझोंक और गालीगलौज हो गई। दोनों पक्षों के बीच टकराव की नौबत आ गई। जिसके बाद जड़ौदा के युवकों ने गांव में पहुंचकर इसकी जानकारी दी। उसके बाद जडौदा गांव से गुजरते सिलौर गांव निवासी विपिन, राजू और जयवीर को ग्रामीणों ने बंधक बनाते हुए अपने गांव में बैठा लिया। इसकी जानकारी लगते ही सिलौर गांव में खलबली मच गई।
इसके जवाब में सिलौर गांव के लोगों ने भी गांव में आटा चक्की पर गेहूं पिसवाने आए जडौदा के साजिद और नन्हे को पकड़कर बैठा लिया। दोनों गांव के लोगों ने एलान कर दिया कि पहले उनके गांव के लोगों को छोड़ा जाए, तभी हम उनके गांव के लोगों को छोडे़ंगे। उधर, दो गांवों के लोगों के बीच सांप्रदायिक टकराव की जानकारी पुलिस अफसरों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। सीओ किठौर बीएस वीर कुमार किठौर और खरखौदा थाने की पुलिस लेकर मौके पर पहुंच गए।
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जड़ौदा के लोगों को सिलौर लेकर पहुंचे सीओ
सीओ किठौर ने जडौदा से तीनों लोगों को बंधन मुक्त कराया और उनको अपनी गाड़ी से सिलौर लेकर पहुंचे। उसके बाद सिलौर गांव के लोगों ने भी जड़ौदा के दोनों युवकों को छोड़ दिया। सीओ ने एहतियात के तौर पर दोनों गांवों में पुलिस तैनात कर दी। हालांकि देर रात तक दोनों गांव के लोगों ने तहरीर नहीं दी।
छुछाई गांव के लोगों ने किया हंगामा
सिलौर गांव के पास छुछाई गांव के भी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने हंगामा करते हुए कहा कि बंद कमरे से दोनों युवकों को बाहर निकालो। जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। वहीं, जडौदा के पास असीलपुर गांव के ग्रामीण जडौदा गांव में उनके पक्ष में पहुंचे। उन्होंने भी एलान किया कि अगर उनके गांव के लोगों को कुछ हुआ तो नतीजा ठीक नहीं होगा।
कई दिनों से चल रहा तनाव
दरअसल जड़ौदा और सिलौर पड़ोस के गांव हैं। किठौर के एक गांव की महिला एक सप्ताह पहले घर से चली गई थी। जिसका दूसरे समुदाय के लोगों पर गायब करने का आरोप लगा था। इसको लेकर दोनों समुदाय के लोगों में टकराव की स्थिति बनी थी। तभी से किठौर इलाके के कई गांवों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
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पुलिस के मुताबिक जड़ौदा गांव के तीन युवक मंगलवार शाम भैंसा बुग्गी पर हल्ला मचाते हुए जा रहे थे। इस दौरान सिलौर गांव के एक फौजी और ग्रामीणों ने युवकों को हल्ला मचाने से मना किया तो दोनों के बीच नोकझोंक और गालीगलौज हो गई। दोनों पक्षों के बीच टकराव की नौबत आ गई। जिसके बाद जड़ौदा के युवकों ने गांव में पहुंचकर इसकी जानकारी दी। उसके बाद जडौदा गांव से गुजरते सिलौर गांव निवासी विपिन, राजू और जयवीर को ग्रामीणों ने बंधक बनाते हुए अपने गांव में बैठा लिया। इसकी जानकारी लगते ही सिलौर गांव में खलबली मच गई।
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इसके जवाब में सिलौर गांव के लोगों ने भी गांव में आटा चक्की पर गेहूं पिसवाने आए जडौदा के साजिद और नन्हे को पकड़कर बैठा लिया। दोनों गांव के लोगों ने एलान कर दिया कि पहले उनके गांव के लोगों को छोड़ा जाए, तभी हम उनके गांव के लोगों को छोडे़ंगे। उधर, दो गांवों के लोगों के बीच सांप्रदायिक टकराव की जानकारी पुलिस अफसरों तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। सीओ किठौर बीएस वीर कुमार किठौर और खरखौदा थाने की पुलिस लेकर मौके पर पहुंच गए।
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जड़ौदा के लोगों को सिलौर लेकर पहुंचे सीओ
सीओ किठौर ने जडौदा से तीनों लोगों को बंधन मुक्त कराया और उनको अपनी गाड़ी से सिलौर लेकर पहुंचे। उसके बाद सिलौर गांव के लोगों ने भी जड़ौदा के दोनों युवकों को छोड़ दिया। सीओ ने एहतियात के तौर पर दोनों गांवों में पुलिस तैनात कर दी। हालांकि देर रात तक दोनों गांव के लोगों ने तहरीर नहीं दी।
छुछाई गांव के लोगों ने किया हंगामा
सिलौर गांव के पास छुछाई गांव के भी ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों ने हंगामा करते हुए कहा कि बंद कमरे से दोनों युवकों को बाहर निकालो। जिसके बाद पुलिस ने ग्रामीणों को शांत कराया। वहीं, जडौदा के पास असीलपुर गांव के ग्रामीण जडौदा गांव में उनके पक्ष में पहुंचे। उन्होंने भी एलान किया कि अगर उनके गांव के लोगों को कुछ हुआ तो नतीजा ठीक नहीं होगा।
कई दिनों से चल रहा तनाव
दरअसल जड़ौदा और सिलौर पड़ोस के गांव हैं। किठौर के एक गांव की महिला एक सप्ताह पहले घर से चली गई थी। जिसका दूसरे समुदाय के लोगों पर गायब करने का आरोप लगा था। इसको लेकर दोनों समुदाय के लोगों में टकराव की स्थिति बनी थी। तभी से किठौर इलाके के कई गांवों में तनाव की स्थिति बनी हुई है।