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बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ पाकिस्तान के लिए आसान
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Mon, 30 Nov 2015 01:13 AM IST
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आईएसआई की साजिश इजाज के सहारे भारतीय सुरक्षा को खोखला करनी थी। पाकिस्तान जासूस को बांग्लादेश के रास्ते भारत भेजने के पीछे गहरी साजिश छिपी है। आईएसआई इजाज को भारतीय नागरिक के तौर पर बसाना चाहती थी। इसी रणनीति के तहत दो साल की लंबी प्रक्रिया के बाद पाक जासूस अपने मिशन के लिए बरेली पहुंच सका। मंसूबे यही थे कि इजाज रेजीडेंट एजेंट बनकर आईएसआई को महत्वपूर्ण जानकारियां भेजता रहे।
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सैन्य सूत्रों के अनुसार मूल रूप से तरामडी चौक इरफानाबाद इस्लामाबाद पाकिस्तान निवासी पाक जासूस मोहम्मद इजाज उर्फ मोहम्मद कलाम पुत्र मोहम्मद इशहाक एक शातिर एजेंट है। मूल रूप से पाकिस्तानी इजाज को भारत भेजने के लिए पूरी प्रक्रिया अपनाई गई है। सैन्य सूत्रों की मानें तो अगर पाक का लक्ष्य मोहम्मद इजाज को बरेली भेजना था तो वह उसे नेपाल के रास्ते भी भेज सकता था। नेपाल का रास्ता वाया बंगलादेश भारत भेजने से कहीं छोटा हैं, लेकिन इसके पीछे भी आईएसआई की गहरी कूटनीति छिपी है।
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रेजीडेंट एजेंट बनाना था मकसद
सैन्य सूत्रों के अनुसार आईएसआई इजाज को भारत में रेजीडेंट एजेंट के तौर पर बसाना चाहती थी। ऐसे में नेपाल के रास्ते किसी भी पाकिस्तानी को भारत में भेजना आसान नहीं है। वहीं, बांग्लादेश के रास्ते भारत में भेजना और फिर उसे भारत का नागरिक बनाना आसान है। बांग्लादेश में पाकिस्तान की अच्छी पकड़ है। बांग्लादेशियों के जरिए ही नदी के रास्ते इजाज को कोलकाता भेजा गया था।
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भारतीय नागरिक बनाने की कोशिश
इसी मकसद के तहत पश्चिम बंगाल में इरशाद और उसके बेटे अशफाक ने मोहम्मद इजाज का हाईस्कूल का फर्जी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड बनवाते हुए बैंक खाता खुलवाया था। सैन्य सूत्रों के अनुसार रणनीति के तहत ही आसपास के बीच पहचान बनाने के लिए इजाज फरवरी 2013 से अक्तूबर 2014 तक पश्चिम बंगाल में रहा। और वहीं पर अजीमाबाद आरा बिहार निवासी आसमां पुत्री शमशेर से शादी कर ली। पकड़े जाने पर खुद को बिहार का साबित करने के लिए इजाज दो महीने तक पत्नी के बिहार के अजीमाबाद गांव में भी रहा। ताकि खुद के पाकिस्तानी नागरिक साबित होने से बच सके।
कौन होता है रेजीडेंट एजेंट
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए भारत में काम करने वाले ऐसे लोग होते हैं, जो किसी न किसी के जरिए उनके संपर्क में रहते हैं। जबकि रेजीडेंट एजेंट वह होता है जो पूरी तरह से पाकिस्तानी होने के बाद भी खुद को भारतीय साबित कर यहीं बस जाता है। इसके बाद और धीरे-धीरे सेना और देश से जुड़ी खुफिया जानकारियां आईएसआई को भेजता रहता है।